धारा 370 कश्मीर में गरीबी और आतंकवाद की जड़ था-स्वतंत्रदेव

केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा  अनुच्छेद 370 को हटाने  के सम्बन्ध में पेश संकल्प को एक  ऐतिहासिक  निर्णय बताते हुये भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह ने दोका सामना से कहा कि ऐसे निर्णय बहुत भाग्य से होते हैं कि वर्तमान और भविष्य के साथ पूर्वजों को भी शान्ति मिली होगी। उन्होंने कहा कि 370 हटाने का निर्णय वहां के लोगों के लिए नया सवेरा लेकर आया है। धारा 370 कश्मीर में आतंकवाद और गरीबी की जड़ बन गया था। केन्द्र सरकार ने कांग्रेस द्वारा 70 साल पहले की गई गलती को सुधारने  तथा  कश्मीर को सही मायने में भारत के साथ जोडने का काम किया है। यह देश की एकता अखंडता को मजबूत करने की पहल है।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि आज उत्सव मनाने का दिन है। देश में अब सभी राज्य समान होंगे। उन्होंने जम्मू कश्मीर को केन्द्र शासित प्रदेश बनाने व लद्दाख को केन्द्र शासित प्रदेश बनाकर जम्मू कश्मीर से अलग करने के निर्णय को राष्ट्रहित में उठाया गया कदम बताया है।स्वतंत्रदेव सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व गृह मंत्री अमित शाह को  इस मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति वाले निर्णय के लिए धन्यवाद दिया। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह जब यह संकल्प पेश कर रहे थे तब वे सरकार पटेल की प्रतिमूर्ति लग रहे थे। उन्होंने कहा कि केन्द्र के निर्णय के बाद देश में समान कानून लागू करने का मार्ग प्रशस्त होगा। इसके साथ ही 35ए का प्राविधान भी समाप्त हो जाएगा।  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने आज इतिहास बनाने का काम किया है।यह कदम वहां की गरीब जनता , कमजोरों व महिलाओं को न्याय दिलाने का काम करेगा। यह निर्णय वहां के लोगों को आतंकवाद के दंश से भी मुक्ति दिलाएगा। श्यामा प्रसाद मुखर्जी के संकल्प को तथा जनभावनाओं को सरकार ने सम्मान दिया है।  उन्होंने कहा कि जहां हुए बलिदान मुखर्जी वह कश्मीर हमारा है का संकल्प अब पूरा हो गया।  अब एक राष्ट्र एक ध्वज की अवधारणा भी पूरी हो सकेगी। देश के अन्य भाग के लोग अब जम्मू काश्मीर में अपने अधिकारों का प्रयोग कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि 370 के नाम पर राजनीति की रोटी सेंकने  वालों के गले के नीचे केन्द्र का यह निर्णय नहीं उतर रहा है।देश की जनता समय आने पर उन्हें अवश्य सबक दिखाएगी।1989 से आज तक 41849 कश्मीरी लोगों की जान नहीं जाती यदि जम्मू-कश्मीर से धारा 370 पहले ही हटा दिया गया होता। अपने ही देश मे कश्मीरी शरणार्थी बनने को मजबूर किये गए।कश्मीर में धारा 370 आतंकवाद की जड़ था।