" /> टारगेट १०० दिन!, डबलिंग रेट सुधारने में जुटी मनपा

टारगेट १०० दिन!, डबलिंग रेट सुधारने में जुटी मनपा

मुंबई तेजी से कोरोना को मात दे रही है। मिशन जीरो और चेस द वायरस अभियान का ऐसा असर दिखाई दे रहा है कि २४ वार्डों में से आधे वार्ड यानी १२ में कोरोना का डबलिंग रेट १०० दिन से अधिक हो गया है। मनपा का टारगेट है कि जल्द ही मुंबई के सभी वार्डों में डबलिंग रेट १०० दिन और ग्रोथ रेट १ प्रतिशत से नीचे आ जाए। बता दें कि मुंबई में कोरोना मरीजों की कुल संख्या १३९५३२ है, जिसमें से ११२७४३ मरीज डिस्चार्ज हो चुके हैं। अब मुंबई में सिर्फ १८९७७ ऐक्टिव मरीज हैं।
इन इलाकों में डबलिंग रेट सबसे ज्यादा
डबलिंग रेट में वर्ली के साथ घाटकोपर, कुर्ला और भांडुप मुंबई में सबसे आगे हैं। वर्ली में डबलिंग रेट जहां सबसे अधिक १३६ दिन है, वहीं घाटकोपर में १३५ दिन हो गया है। कुर्ला, साकीनाका वार्ड में १३४ दिन और भांडुप में डबलिंग रेट १३१ दिन तक पहुंच गया है। झोपड़पट्टी बाहुल्य गोवंडी, मानखुर्द में कोरोना का डबलिंग रेट १२९ दिन है। मुंबई में सर्वाधिक कोरोना मरीजों वाले अंधेरी पूर्व वार्ड में डबलिंग रेट में तेजी से सुधार आ रहा है। यहां डबलिंग रेट सुधर कर १२८ दिन हो गया है। दक्षिण मुंबई के सैंडहर्स्ट रोड परिसर में १२५ दिनों में कोरोना के दोगुने मरीज मिल रहे हैं।
१०० से कम डबलिंग रेट वाले इलाके
डबलिंग रेट १०० दिन से कम रहनेवाले परिसर में चेंबूर ९२ दिन और मुलुंड ९० दिन शामिल है। इसके अलावा अंधेरी पूर्व और वर्सोवा एवं भायखला परिसर में कोरोना मरीजों की डबलिंग रेट ८८ -८८ दिन हो गया है। कोलाबा में डबलिंग रेट ७१ दिन, बांद्रा- पश्चिम में ७३ दिन, मरीन लाइंस में ७५ दिन एवं ग्रांट रोड में ७८ दिन है।
यहां सबसे कम
बोरिवली में सबसे कम ५० दिन डबलिंग रेट है, जो लंबे समय से चिंता का विषय बना हुआ है। यहां कोरोना का ग्रोथ रेट भी सबसे खराब १.३९ प्रतिशत है। इसके बाद दहिसर में डबलिंग रेट ६१ दिन एवं ग्रोथ रेट १.१५ प्रतिशत है। कांदिवली में कोरोना मरीजों का डबलिंग रेट ६३ दिन है, जबकि ग्रोथ रेट १.११ प्रतिशत है। गोरेगांव में डबलिंग रेट ६९ दिन है, लेकिन कोरोना मरीजों की वृध्दि दर १.०१ प्रतिशत है।