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‘टीएवीआर’ सर्जरी से बची बुजुर्ग की जान

कोरोना वायरस महामारी के चलते विश्वभर में लोग परेशान हैं। इसी बीच एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां टीएवीआर सर्जरी के माध्यम से एक वृद्ध महिला की जान बचाई गई है। नानावटी अस्पताल में भर्ती जुहू की ७० वर्षीय महिला का इलाज करके उसे नया जीवनदान दिया गया।

डॉ. लेखा पाठक ने बताया कि एनस्थीसिया से यह सर्जरी की गई है। सर्जरी के तहत मरीज के एआर्टिक वाल्व को बड़े कैथेटर की सहायता से पकयुरटेनिस में बदलकर रोगी की कमर में डाला गया, जिससे मरीज ठीक हो गई। महिला डायबिटीज, हाइपरटेंशन और हाइपोथायरायडिज्म से पीड़ित थी। डॉक्टर ने बताया कि एआर्टिक स्टेनोसिस का मतलब है एऑर्टिक वाल्व का सिकुड़ जाना, जो दिल से निकलनेवाली एक प्रमुख रक्त वाहिका है। स्टेनोसिस की वजह से दिल को पूरे शरीर में रक्त पंप करने में मुश्किल होती है।परिणामस्वरूप हृदय की मांसपेशियां कमजोर हो जाती है और सीने में दर्द, थकान व सांस लेने में तकलीफ होने लगती है। यदि इलाज न किया जाए, तो एऑर्टिक स्टेनोसिस की वजह से हार्ट फेल भी हो सकता है। टीएवीआर सर्जरी प्रक्रिया में कार्डियोलॉजिस्ट, हृदय के रोगग्रस्त वाल्व की जगह एक स्वस्थ वॉल्व लगा देते हैं ताकि स्टेनोसिस का स्थायी रूप से इलाज किया जा सके।