" /> लॉक डाउन की मार : थैलेसीमिया ग्रस्त बच्चों को है रक्तदाताओं का इंतजार

लॉक डाउन की मार : थैलेसीमिया ग्रस्त बच्चों को है रक्तदाताओं का इंतजार

कोरोना जैसी संक्रामक बीमारी की रोकथाम के लिए सरकार द्वारा लगाए गए लॉक डाउन के कारण करीब 31 दिनों से पूरे देश में कर्फ्यू जैसे हालात है। गत 24 मार्च, 2020 से सड़क, मुहल्ले, चौराहे पर पुलिस का जबरदस्त बंदोबस्त है। इस बंदोबस्त के कारण लोग घर से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। कोरोना के इस लॉक डाउन का खामियाजा उल्हासनगर स्थित मध्यवर्ती अस्पताल में इलाज करा रहे थैलेसीमिया के मरीजों को भी भुगतना पड़ रहा है। लॉक डाउन में थैलेसीमिया रोगियो की जान बचाने के लिए रक्त का इंतजाम करना अस्पताल के थैलेसीमिया विभाग के लिए कड़ी चुनौती सिद्ध हो रहा है। रक्त का अभाव थैलेसीमिया मरीजों के अभिभावकों के लिए भी चिंता का सबब बन गया है। यही कारण है कि थैलेसीमिया मरीजों के लिए रक्त संकट को दूर करने के लिए अस्पताल ने दो दिवसीय रक्तदान शिविर का आयोजन किया है।
बता दें कि उल्हासनगर, अंबरनाथ, बदलापुर, कल्याण के अलावा मुरबाड, कसारा तक के थैलेसीमिया के मरीजों को मध्यवर्ती अस्पताल के थैलेसीमिया विभाग में उपचार के लिए लाया जाता हैं। मध्यवर्ती अस्पताल में कुल मिलाकर 130 थैलेसीमियाग्रस्त बच्चे हैं। उल्हासनगर के मध्यवर्ती अस्पताल में 55 थैलेसीमिया के बाल मरीज को हर 15 दिन में रक्त चढ़ाना पड़ता है। कोरोना की बंदी से पूर्व रक्तदान की एक अपील पर दर्जनों सेवाधारी रक्तदाता मध्यवर्ती अस्पताल में इन बच्चों के लिए हर 15 दिन में  रक्तदान जैसा महादान करने पहुंच जाते थे लेकिन लॉक डाउन के चलते रक्त दाता अस्पताल नहीं पहुंच पा रहे हैं। इससे थैलेसीमिया विभाग को परेशानी होने लगी है। इससे निजात पाने के लिए शहरवसियों से रक्तदान का अनुरोध किया जा रहा है। भारी संख्या में रक्तदान करके थैलेसीमिया के बच्चों की सहायता करें, इसके लिए  थैलेसीमिया विभाग ने 28 अप्रैल, 2020 मंगलवार और 29 अप्रैल, 2020 बुधवार को  मध्यवर्ती अस्पताल में सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच रक्तदान करके थैलेसीमिया के बच्चों की सहायता करने का आवाहन किया गया है। अधिक जानकारी के लिये 9869366401 समाजसेवी अशोक खटूजा से संपर्क कर सकते हैं।