" /> शहर में झमाझम पर झीलें हैं प्यासी, जलस्तर में एक प्रतिशत की वृद्धि

शहर में झमाझम पर झीलें हैं प्यासी, जलस्तर में एक प्रतिशत की वृद्धि

पिछले दो दिनों से ठाणे जिले के विभिन्न शहरों में भारी बरसात देखने को मिली है। वहीं झील परिसरों में कम बारिश होने से झीलें प्यासी ही रह गई। तीन दिनों की तूफानी बारिश में जलस्तर में एक प्रतिशत की ही वृद्धि हुई है। इसके चलते आनेवाले दिनों में पानी की दिक्कतों का सामना ठाणेकरों को करना पड़ सकता है।
बता दें कि पिछले दो दिनों से जिस प्रकार शहर में बरसात हो रही है उसकी तुलना में झील क्षेत्रों में पर्याप्त बारिश नहीं हो रही है तीन दिनों में झील परिसरों में १ प्रतिशत वर्षा की वृद्धि दर्ज की गई है। सोमवार को भातसा झील क्षेत्र में ८ मिमी और बारवी बांध में ११ मिमी बारिश हुई। उधर भातसा बांध के जलग्रहण क्षेत्र में ८८ मिमी और बारवी बांध के जलग्रहण क्षेत्र में ९३ मिमी वर्षा दर्ज की गई। इस भारी बारिश के कारण बांध में १ प्रतिशत की वृद्धि हुई है। भातसा बांध की भंडारण क्षमता ९४२ मिलियन क्यूबिक मीटर है और वर्तमान में बांध की भंडारण क्षमता ५१७ मिलियन क्यूबिक मीटर यानी ५५ज्ञ् पानी है। पिछले साल की समान अवधि के दौरान यह ८९ प्रतिशत था। यही स्थिति बारवी के साथ है। बारवी बांध की भंडारण क्षमता बढ़कर ३३९ मिलियन क्यूबिक मीटर हो गई है और वर्तमान में बांध में १७० मिलियन क्यूबिक मीटर या ५० प्रतिशत पानी का भंडारण है। पिछले साल की समान अवधि के दौरान यह ९८ प्रतिशत था। इस वर्ष बरसात अधिक होने के बावजूद भी डैम और जलग्रहण क्षेत्रों में कम बरसात हुई है। जिस वजह से अभी तक डैम में पानी का स्तर कम है।