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ठेकेदार की खिट-खिट होगी खल्लास!, एमबीएमसी खुद चलाएगी बसें

मीरा-भायंदरकरों के लिए बड़ी राहत

मीरा-भायंदर महानगरपालिका और परिवहन सेवा के ठेकेदार तथा परिवहन के कर्मचारियों के बीच चल रहे विवाद का कोई निष्कर्ष नहीं निकल रहा है। मनपा प्रशासन ने परिवहन सेवा को खुद चलाने का निर्णय लिया है। परिवहन ठेकेदार का ठेका निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मतलब ठेकेदार की खिट-खिट (मचमच) हमेशा के लिए खल्लास हो जाएगी।

लॉकडाउन में शिथिलता दिए जाने के बाद शहर के नागरिकों की सुविधा के लिए शीघ्र परिवहन सेवा शुरू करने का आदेश मनपा आयुक्त डॉ. विजय राठोड ने ठेकेदार को दिया था। इस आदेश का पालन परिवहन के ठेकेदार भागीरथी ट्रांस कॉर्पोरेशन ने नहीं किया और परिवहन सेवा को बंद रखा। मनपा प्रशासन द्वारा करीब २ करोड़ रुपए का भुगतान भी ठेकेदार को कर दिया गया है। इसके बावजूद ठेकेदार ने परिवहन कर्मचारियों का वेतन नहीं दिया, जिससे परिवहन कर्मचारी कई दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। दूसरी तरफ ठेकेदार लॉकडाउन की अवधि के पैसे की मांग मनपा प्रशासन से कर रहा है, जिसे देने से मनपा प्रशासन ने इनकार कर दिया है। यह विवाद कई दिनों से चल रहा है।

परिवहन सेवा बंद होने से स्थानीय यात्रियों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं रिक्शा तथा अन्य साधनों से अधिक पैसे चुकाकर यात्रा भी करनी पड़ रही है। मनपा आयुक्त डॉ. राठोड के आदेश की अवहेलना करनेवाले ठेकेदार पर कार्रवाई कर उसका ठेका रद्द करने की मांग शिवसेना विधायक प्रताप सरनाईक व स्थानीय विधायक गीता जैन ने की थी। इसे गंभीरता से लेते हुए आयुक्त डॉ. राठोड ने भागीरथी ट्रांस कॉर्पोरेशन परिवहन ठेका कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश मनपा के विधि विभाग को दिमा है।
मनपा की परिवहन सेवा में कुल ७४ बसें हैं, जिसमें से ५ बसें वातानुकूलित हैं। १ अगस्त २०१९ को परिवहन का ठेका भागीरथी ट्रांस कॉपोरेशन कंपनी को दिया गया था। मनपा की परिवहन सेवा चलाने के लिए ठेकेदार को ४२ रुपए प्रति किलोमीटर की दर से मनपा भुगतान करती है। अब मनपा प्रशासन प्रथम चरण में ३५ बसों को शहर के विभिन्न मार्गों पर खुद चलाएगा। आवश्यकता पड़ने पर बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी, ऐसी जानकारी उपायुक्त अजीत मुठे ने दी है।