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चंद घंटों में ही काफूर हो गया जिले को कोरोनामुक्त करने का सपना!

चंद घंटों में ही कोरोना मुक्त जिला होने का सपना काफूर हो गया। बस्ती जिले में मंगलवार की शाम को 10 कोरोना पॉजिटिव मरीजों की रिपोर्ट नेगेटिव आई तो जिले में खुशी की लहर दौड़ गई। यही नहीं, पिछले 15 दिनों में कोरोना का नया रोगी भी नहीं मिला था। 31 मरीजों तक का आंकड़ा छूनेवाले जिले से बुधवार की सुबह 10 मरीजों (9 बस्ती, एक संतकबीरनगर) को डिस्चार्ज करने के बाद मात्र 6 कोरोनाग्रस्त रोगी रह गये थे। फिर ऐसा लगने लगा था कि अब इन बचे 6 मरीजों की रिपोर्ट यदि निगेटिव आ गयी तो जिला कोरोना मुक्त हो जायेगा।

लेकिन एक नई चुनौती के रूप में और नए 4 पॉजिटिव रोगियों की पहचान हुई। अब तक जिले में कुल 35 कोरोना मरीज पाए जा चुके हैं। बस्ती में अब तक 23 मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं, जबकि एक मरीज की मृत्यु हो चुकी है। उत्तर प्रदेश में कोरोना से मरनेवाला पहला मरीज भी बस्ती से ही था। अब बस्ती जिले में कुल मरीजों की संख्या 11 हो गई है। ये सभी दिहाड़ी मजदूर हैं, जो पिछले हफ्ते महाराष्ट्र से बस्ती आये थे, जिन्हें हर्रिया में क्वारंटाइन किया गया था। ताजा आंकड़े के अनुसार जनपद में अब तक कुल 35 पाजिटिव केस पाये गये जिनमें 23 ठीक होकर घर जा चुके हैं, एक की मौत हो चुकी है और 11 केस एक्टिव हैं। जनपद में बनाने गये 5 हॉटस्पाट एरिया में पाये गये सभी मरीज कोरोना से जंग जीत चुके हैं। अब जो भी केस हैं वे बाहर से आये हैं और पहले से ही एल-1 अस्पताल में भर्ती हैं।

जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने इसकी पुष्टि करते हुए नई चुनौतियों को भी गंभीरता से लिया है। ‘दोकासा’ से बात करते हुए उन्होंने कहा कि बस्ती में कोई नया रोगी नहीं मिला है। ये सबके सब बाहर से आये हुए हैं, जिन्हें पहले से क्वारंटाइन किया गया था। अब बाहर से आनेवाले हमारे लिए बड़ी चुनौती हैं। गांव और मुहल्लों में नागरिकों को जागरूक किया जा रहा है कि यदि कोई बाहर से आकर बिना बताये घर में छुपा हो तो तत्काल प्रशासन को सूचित करें। आनेवालों को भी बताया जा रहा है कि वह अपनी जांच करा लें। यदि किसी भी प्रकार का लक्षण हो तो क्वारंटाइन हो जाएं। रोग छिपाने से और गंभीर हो जाता है इसलिए तुरंत जांच करा के इलाज करायें। मीडिया आगे बढ़कर अपना सहयोग जारी रखे, इस जागरूकता अभियान में हम मीडिया के आभारी हैं।