" /> मालगाड़ी करेगी मालामाल!, कोरोना काल में कमाई पर नजर  परे ने बनाई नई-नई स्कीम

मालगाड़ी करेगी मालामाल!, कोरोना काल में कमाई पर नजर  परे ने बनाई नई-नई स्कीम

पश्चिम रेलवे पर मालभाड़ा आमदनी बढ़ाने के लिए कई तरह की स्कीम शुरू की गई। मौजूदा यातायात पैटर्न के आधार और बाजार की स्थिति को देखते हुए ये योजनाएं ग्राहकों के साथ-साथ रेलवे के लिए भी फायदे का सौदा साबित हुई हैं। ऐसे में पश्चिम रेलवे कोरोना काल में नई-नई स्कीम के तहत कमाई पर अधिक ध्यान दे रही है। मतलब साफ है कि मालगाड़ी पश्चिम रेलवे को मालामाल करेगी।
स्टेशन से स्टेशन (एसटीएस):
माल के यातायात का निर्धारित नेट टन किलोमीटर (एनटीकेएम) पार कर जाने के बाद अधिकतम ३०ज्ञ् तक छूट प्राप्त होती है। इसी तरह कंटेनर यातायात को १५ज्ञ् तक की छूट मिल सकती है। ये छूट प्रतिशत नॉर्मल ट्रैफिक रेट (एनटीआर) से अधिक होती है और रेलवे रसीद (आरआर) पर दी जाती है। योजना के अंतर्गत लाभ उठाने के इच्छुक ग्राहक/उपभोक्ता को संबंधित मंडल के मंडल रेल प्रबंधक को अपना आवेदन देना होगा।
मालभाड़ा छूट योजना:
रेलवे ने ऑफर दिया कि न्यूनतम यातायात आधे रेक जितना होना चाहिए। ऐसा होने पर कुछ वस्तुओं के लिए छूट, मासिक बेंच मार्क को पार करने के बाद ही दी जाएगी।
लॉन्ग टर्म टैरिफ कॉन्ट्रैक्ट (एलटीटीसी):
लंबे समय तक यातायात का अनुबंध करनेवाले ग्राहकों को रेलवे की ओर से कुछ निश्चित शर्तों को पूरा करने पर मालभाड़ा में रियायत के साथ-साथ टैरिफ दरों में निश्चितता का आश्वासन दिया जाता है। यह करार न्यूनतम ३ वर्ष और अधिकतम ५ वर्ष के लिए होगा। समग्र यातायात पर ग्रेडेड डिस्काउंट स्वीकृत बेंचमार्क पर प्रतिशत वृद्धि की मात्रा के आधार पर मंजूर किया जाता है, जो ५ज्ञ्से अधिक की वृद्धि पर १.५ज्ञ्की रियायत और १००ज्ञ् से अधिक की वृद्धि पर अधिकतम ३५ज्ञ् की रियायत होती है।
राउंड ट्रिप ट्रैफिक (आरटीटी):
सड़क की तुलना में रेल परिवहन के लाभ की व्यवस्था के लिए गंतव्य स्टेशन या गंतव्य स्टेशन के २०० किलोमीटर में किसी पॉइंट से प्रारंभिक स्टेशन तक वापसी की दिशा में ग्राहक मालभाड़ा को ऑफर करता है। २०० किलोमीटर की सीमाएं गंतव्य से रिटर्न पॉइंट की वापसी दिशा में एक मूवमेंट हेतु चार्जिंग नहीं होगी।