" /> सब्जियां खराब होने से बिगड़ा खाने का जायका, बारिश ने किया किचन में किचकिच!

सब्जियां खराब होने से बिगड़ा खाने का जायका, बारिश ने किया किचन में किचकिच!

बारिश ने वाकई हर किसी का बुरा हाल कर दिया है। इससे आम आदमी का किचन भी प्रभावित हुआ है। दूसरे शब्दों में कहें तो किचन में सब्जी को लेकर ‘किचकिच’ शुरू हो गई है क्योंकि बारिश के कारण किचन तक सब्जियों की सप्लाई प्रभावित हो रही है। दरअसल, पिछले ४ दिनों से जारी भारी बारिश से एपीएमसी के होलसेल सब्जी बाजार में सब्जी की बिक्री काफी कम हुई है। इसका कारण है कि बाजार में सामान्य संख्या में खरीददार आए ही नहीं। आए भी तो काफी कम। इससे काफी सब्जियां सड़ गर्इं। वहीं सब्जियों के खुदरा बाजार में नहीं पहुंच पाने के कारण वह आम आदमी के किचन में भी कम या नहीं पहुंचा। इससे बारिश से किचन भी प्रभावित हो गया और खाने का जायका खराब हो गया। जानकार बता रहे हैं कि भारी बारिश के कारण खेतों में भी पानी लग गया है और आनेवाले दिनों में सब्जियों के पैदावार पर भी इसका असर पड़ेगा और तब ये महंगी हो जाएंगी। यानी सब्जियों के कारण किचन का बजट आनेवाले दिनों में गड़बड़ाने वाला है।
गौरतलब है कि शहर में हो रही मूसलाधार बरसात के कहर से सब्जियों ने भी दम तोड़ दिया है। सब्जियों के भाव में इन दिनों भारी गिरावट आ गई है। नई मुंबई के एपीएमसी होलसेल सब्जी मार्वेâट में रेग्युलर २६० गाड़ियों से सब्जियों की आवक हो रही है। तेज बरसात के कारण सब्जी खरीददार मार्वेâट में कम नजर आते हैं, जिसके कारण सब्जियों के दाम कम हो गए हैं। सब्जी व्यवसायी मोंटू मौर्या ने बताया कि इन दिनों ३० फीसदी माल नहीं बिकने के कारण सब्जियां सड़ जा रहीr हैं और उन खराब सब्जियों को फेंकना पड़ रहा है। होलसेल मार्वेâट में सब्जी के भाव इस तरह हैं। भिंडी १५ से १८ रुपए प्रति किलो, पत्ता गोभी ३ से ५ रुपए प्रति किलो, फरसबी १२ रुपए प्रति किलो, बैंगन ५ से ७ रुपए प्रति किलो, करेला २० रुपए, परवल २३ रुपए, भोपला ७ रुपए, टमाटर १५ से २३ रुपए प्रति किलो, फूल गोभी १० से १४ रुपए प्रति किलो, सूरन २२ रुपए प्रति किलो तथा धनिया १० से १५ रुपए जूड़ी बिक रहा है। जबकि एक सप्ताह पहले के सब्जियों के भाव की तुलना में इन दिनों सब्जियों के भाव में करीब ७०फीसदी की गिरावट आई है। वहीं खुदरा व्यवसायी मनमाने ढंग से नागरिकों को सब्जी बेचते हुए दिखाई दे रहे हैं जिससे आम आदमी के किचन का बजट बिगड़ गया है और खाने के जायका पर भी इसका असर पड़ा है।