" /> थिएटर बंद नहीं किए तो कार्रवाई! -मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे

थिएटर बंद नहीं किए तो कार्रवाई! -मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे

कोरोना के फैलाव को रोकने के लिए थिएटर को बंद करने का आदेश दिया गया है। इसके बावजूद अगर कोई थिएटर चालू रखता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह चेतावनी मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कल दी। इसके साथ ही उन्होंने आम जनता से आह्वान किया कि वे भीड़ से बचकर रहें। राज्य विधानमंडल का बजट सत्र समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री कल पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र का विकास व दिशा देनेवाला यह बजट था। इस बजट में सभी घटकों का समावेश किया गया है। बजट के अलावा कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।
बजट सत्र समाप्त होने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि सत्र के दौरान हमने कई अहम पैâसले किए हैं। राज्य को साठ साल पूरे होने पर मराठी भाषा को सभी स्कूलों में अनिवार्य करने का पैâसला प्रमुख है। औरंगाबाद हवाई अड्डे का नाम छत्रपति संभाजी महाराज हवाई अड्डा करने, मुंबई सेंट्रल रेलवे स्टेशन का नाम नाना शंकर सेठ करने, कल्याण डोंबिवली महापालिका के २७ गांवों की लंबी मांगों को पूरा किया गया है, इनमें १८ गांवों के एक अलग नगर परिषद का गठन किया गया है। कोकण अंतरराष्ट्रीय स्तर का बाजार उपलब्ध कराने जैसे अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। न्हावा शेवा के चिरलगांव से कोकण तक जानेवाले ५०० किमी के मार्ग की महत्वपूर्ण घोषणा आज की गई है। इससे कोकण के आम, काजू आदि को अंतरराष्ट्रीय बाजार मिलेगा। महिलाओं के विषय पर पूरे विशेष चर्चा का आयोजन किया गया था। सरकार की आंध्र प्रदेश के दिशा कानून की तर्ज पर कानून बनाने का बिल इसी अधिवेशन में लाने की तैयारी थी लेकिन कोरोना की वजह से अधिवेशन जल्द समाप्त हो गया। इस वजह से बिल नहीं आ पाया, आवश्यकता पड़ी तो विशेष अधिवेशन बुलाकर या अध्यादेश निकालकर कानून को अमल में लाया जाएगा।

मराठा आरक्षण मामला
अदालत में अनुपस्थित अधिकारियों की होगी जांच
झूठी जानकारी देनेवाले वकीलों की भी होगी जांच
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने दिया विधान परिषद में आश्वासन
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कल विधान सभा में एलान किया कि जो अधिकारी मराठा आरक्षण के संबंध में सुनवाई के दौरान अनुपस्थित रहेंगे। उन अधिकारियों की जांच की जाएगी। इसके अलावा अदालत में गलत जानकारी देनेवाले वकील की विस्तृत जांच की जाएगी। विधायक विनायक मेटे अन्य सदस्यों द्वारा उठाए गए सवाल के जवाब में उक्त एलान सदन में मुख्यमंत्री ने किए।
विधायक विनायक मेटे द्वारा ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से उठाए गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि १६ प्रतिशत आरक्षण के संदर्भ में सरकार के निर्णय के खिलाफ उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की गई है। सरकार के इस निर्णय पर उच्च न्यायालय ने स्थगन दिया है। सरकार ने उच्च न्यायालय के निर्णय के स्थगन के विरोध में सुप्रीम कोर्ट में अपील की है। इस मामले की सुनवाई १७ मार्च को होनेवाली है। इस मामले में सरकार की ओर से न्यायालय में वकीलों की फौज तैयार की जाएगी। चुने हुए उम्मीदवारों का खयाल रखा जाएगा। अनशन पर बैठे लोगों को सरकार पर भरोसा रखना चाहिए और उम्मीद है कि वे अपना अनशन वापस ले लेंगे। युवाओं की नौकरी के विषय में कानूनी विशेषज्ञों की राय ली जाएगी और उनकी नौकरी पर किसी प्रकार की आंच नहीं आएगी। मराठा आरक्षण के लिए कानूनी विशेषज्ञों की बैठक बुलाई जाएगी। अदालत के समक्ष सरकार का पक्ष मजबूती के साथ रखा जाएगा, ऐसा आश्वासन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने दिया।