" /> उपचुनावों में मुंह की खाई, तब जनता की सुध आई!…आगामी चुनावों की तैयारी में भाजपा

उपचुनावों में मुंह की खाई, तब जनता की सुध आई!…आगामी चुनावों की तैयारी में भाजपा

♦ गैस सिलिंडर की सब्सिडी हुई शुरू
♦  मार्च २०२२ तक बढ़ी खाद्यान्न योजना
♦  तीनों कृषि कानून लिए वापस

केंद्र सरकार की नीतियों की वजह से देश में बेतहाशा बढ़ी महंगाई और तीन नए कृषि कानून भाजपा को भारी पड़ गए। देश के कई राज्यों में हाल ही में संपन्न हुए उपचुनावों में पार्टी को जनता ने सिरे से नकार दिया, जिससे मुंह की खानी पड़ी। इसके अलावा आगामी कुछ महीनों में कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होनेवाले हैं। इसको मद्देनजर रखते हुए केंद्र की मोदी सरकार को जनता की सुध आई है और उसे लुभाने के लिए नए-नए हथकंडे अपनाने शुरू कर दिए हैं। मोदी सरकार धीरे-धीरे, एक-एक योजना के तहत जनता को भटकाने का काम कर रही है। केंद्र सरकार ने पहले पेट्रोल-डीजल की एक्साइज ड्यूूटी कम किया, फिर कृषि कानून को वापस लेने का निर्णय लिया। हाल ही में केंद्र सरकार ने अपने आपात समय के लिए रिजर्व रखे गए लाखों बैरल कच्चे तेल को बाजार में बेचने का निर्णय लिया है। इसके अलावा रसोई में प्रयोग होने वाले सिलिंडर की कीमत को बढ़ाकर लोगों को जलाया। अब सब्सिडी देने का निर्णय लेकर उस पर मरहम लगाने का प्रयास की है। साथ ही केंद्र ने अगले साल मार्च तक प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएम-जीकेएवाई) के विस्तार को मंजूरी दे दी है, अर्थात सरकार ने गरीबों को मुफ्त खाद्यान्न देने का निर्णय लिया है।
केंद्र की मोदी सरकार पिछले उपचुनावों में मिली हार को पचा नहीं पाई है और अब आगामी चुनावों में मिलने वाली हार से डरकर ताबड़तोड़ निर्णय लेने शुरू कर दिए हैं। दिवाली के समय पेट्रोल-डीजल की एक्साइज डयूटी कम किया, भले ही आम जनता को उससे कोई फायदा नहीं हुआ।
इसके बाद केंद्र सरकार कृषि कानून को लेकर बैकफुट पर आ गई और माफी मांगते हुए वापस ले लिया। अब केंद्र सरकार ने गैस सिलिंडरों पर मिलने वाली सब्सिडी जो मिलनी बंद हो गई थी, उसे फिर से शुरू कर दिया है। हालांकि इसमें भी झोल हो रहे हैं।
सब्सिडी को लेकर असमंजस
केंद्र सरकार द्वारा निर्णय के बाद ग्राहकों को सब्सिडी आनी तो शुरू हो गई लेकिन जनता असमंजस में है। गैस उपभोक्ताओं को ७९.२६ रुपए प्रति सिलिंडर सब्सिडी के रूप में दिया जा रहा है। अब लोगों से शिकायत आ रही है कि ग्राहकों को अलग-अलग सब्सिडी मिल रही है। इससे लोग असमंजस में हैं कि आखिर उन्हें कितनी बार की सब्सिडी मिल रही है? दरअसल कई लोगों को ७९.२६ रुपए की सब्सिडी मिल रही है तो कई लोगों को १५८.५२ रुपए या २३७.७८ रुपए की सब्सिडी मिल रही है।
खाद्यान्न योजना में चुनावी योजना
केंद्र सरकार ने अपनी छवि को सुधारने के लिए एक और निर्णय लिया है। इसमें भी केंद्र सरकार ने अपनी चुनावी योजना को ध्यान में रखकर निर्णय लिया है। सरकार ने अगले साल मार्च तक प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएम-जीकेएवाई) के विस्तार को मंजूरी दे दी है। यह योजना ३० नवंबर को समाप्त होने वाली थी। इस योजना के तहत, सरकार लगभग ८० करोड़ लाभार्थियों को ५ किलो खाद्यान्न मुफ्त प्रदान करती है। पीएमजीकेएवाई को मार्च २०२२ तक चार महीने के लिए बढ़ा दिया गया है, गौरतलब है कि आगामी विधानसभा चुनाव भी फरवरी-मार्च में होने वाले हैं।

कच्चे तेल बेचेगी सरकार
आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल के दामों में कमी देखने को मिल सकती है। सूत्रों के अनुसार इसका मुख्य कारण कच्चे तेल की कीमत है। दरअसल केंद्र सरकार ने अपने आपातकाल के लिए रिजर्व में रखे गए ५ मिलियन बैरल कच्चा तेल बाजार में बेचने का निर्णय लिया है। सूत्रों के अनुसार ५ मिलियन बैरल को लीटर में कन्वर्ट करने पर यह आंकड़ा लगभग ८० करोड़ लीटर तक आ जाता है। एक बैरल में १५९ लीटर तक कच्चा तेल होता है। सूत्रों के मुताबिक हिंदुस्थान के पास ३८ मिलियन बैरल कच्चा तेल रिजर्व है, जो देश के पूरब और पश्चिम कोस्टल एरिया में अंडरग्राउंड स्टोर कर रखा गया है। इसमें से ५ मिलियन बैरल तेल अगले ७ से १० दिनों के अंदर बाजार में बेचने के लिए उतारा जाएगा।