" /> ये साया भी दूर होगा!

ये साया भी दूर होगा!

अयोध्या में भूमि पूजन की धार्मिक विधि शुरू हो चुकी है। गणेश पूजन के दौरान ही देश के कई प्रमुख नेता कोरोना से संक्रमित होकर अस्पताल में दाखिल हो गए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को कोरोना संक्रमण हो गया। फिलहाल वे गुड़गांव के एक अस्पताल में भर्ती हैं। वे राम मंदिर के भूमि पूजन में जानेवाले थे। मंच पर बैठने वालों की सूची में उनका भी नाम था, ऐसा कहा जा रहा है। अयोध्या की सुरक्षा और अन्य व्यवस्था की जिम्मेदारी गृह मंत्रालय पर थी। लेकिन गृह मंत्री साहब को कोरोना पकड़ और जकड़ ले, यह अयोध्या के समारोह का दुर्भाग्य ही कहा जाएगा। प्रधानमंत्री, सरसंघचालक, उत्तर प्रदेश के संन्यासी मुख्यमंत्री योगी महाराज और अन्य आमंत्रित वहां अवश्य होंगे लेकिन गृह मंत्री शाह के बिना यह पूरा समारोह फीका हो जाएगा। हम श्रीराम के चरणों में प्रार्थना करते हैं कि श्री शाह शीघ्र स्वस्थ हों। गृहमंत्री शाह पर कोरोना ने अटैक किया और शाह को एकांतवास में जाना पड़ा। इससे राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को ज्यादा खुश होने की आवश्यकता नहीं है। शाह जहां होंगे वहीं से राजनीतिक ऑपरेशन करते रहते हैं इसलिए गहलोत सरकार पर खतरा बना हुआ है। गृह मंत्री एकांतवास में चले गए और गहलोत को भी अपने विधायकों को एकांतवास में ले जाना पड़ा मतलब खतरा कायम है। लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी अपनी अधिक उम्र को देखते हुए ‘संक्रमण’ की चपेट में न आएं इस बात का खयाल रखें और वे अयोध्या न पहुंचें, ऐसी सलाह दी गई है। साथ ही ये भी कहा गया है कि आडवाणी-जोशी वीडियो कॉन्प्रâेंसिंग के द्वारा अयोध्या समारोह में सहभागी होंगे। आडवाणी ९० वर्ष के हो चुके हैं, लेकिन वे राम जन्म भूमि की लड़ाई के शिलेदार थे। कहते हैं उमा भारती का नाम भी आमंत्रित अतिथियों की सूची में शामिल था लेकिन उन्होंने स्वयं घोषित किया कि वह प्रत्यक्ष रूप से भूमि पूजन समारोह में शामिल नहीं होंगी। कोरोना संक्रमण के डर से वे सरयू नदी परिसर में रुक कर ही श्रद्धापूर्वक भूमिपूजन से जुड़ी रहेंगी। अयोध्या में कोरोना कहर बरपा रहा है। यह सच है कि राम मंदिर के मुख्य पुजारी सत्येंद्र महाराज के साथ कई सेवक और सुरक्षा रक्षक भी कोरोना की चपेट में हैं। ऐसा देखा जा रहा है कि उत्तर प्रदेश कोरोना का भयंकर हॉटस्पॉट बन चुका है और अयोध्या उससे अलग नहीं है। योगी सरकार की एक वरिष्ठ मंत्री कमल रानी वरुण का रविवार के दिन कोरोना से निधन हो गया। अन्य तीन मंत्रियों और उत्तर प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष स्वतंत्र सिंह भी कोरोना संक्रमित हो गए हैं। तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित भी कोरोना संक्रमित हैं। कर्नाटक के मुख्यमंत्री येदियुरप्पा भी कोरोना के जाल में फंस गए हैं। ये तस्वीरें चिंताजनक हैं और कोरोना की भयानक स्थिति को दर्शाती हैं। उत्तर प्रदेश में कोरोना के कारण एक महिला मंत्री का निधन होना जनता के विश्वास को कमजोर करनेवाला है। जब एक मंत्री की कोरोना से मृत्यु हो सकती है तो हम गरीबों का क्या होगा? ऐसा निराशाजनक सवाल पैदा हो सकता है। केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने लॉकडाउन के दौरान अपना सबसे ज्यादा खयाल रखा था। शनिवार को उन्होंने दिल्ली में एक सार्वजनिक समारोह में भाग लिया। उसके बाद बुधवार को कैबिनेट की बैठक में शामिल हुए। यह सच है कि सरकार ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया था लेकिन अब तो गृहमंत्री शाह ने खुद अपील की है कि जो कोई भी पिछले दिनों मेरे संपर्क में था, वह खुद को ‘आइसोलेट’ करके कोरोना जांच करवा ले। गृहमंत्री महोदय ऐसा कहते होंगे तो कैबिनेट में उपस्थित पूरे मंत्रिमंडल को ‘आइसोलेट’ करना पड़ेगा। प्रधानमंत्री मोदी के करीबी और केंद्रीय मंत्रिमंडल में दूसरे क्रमांक के प्रमुख सहयोगी के रूप में शाह हमेशा प्रधानमंत्री के करीब रहते हैं। लेकिन श्रीराम के आशीर्वाद से प्रधानमंत्री और गृहमंत्री का बाल भी बांका नहीं होगा। इस दौरान श्री राहुल गांधी द्वारा अमित शाह को दी गई शुभकामनाएं महत्वपूर्ण हैं। यह सब अयोध्या में अयोध्या के मंदिर भूमि पूजन के परिप्रेक्ष्य में हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी खुद अयोध्या जाकर भूमि पूजन करेंगे। उमा भारती सरयू किनारे से ‘मन की आंखों’ से समारोह देखेंगी। आडवाणी-मुरली मनोहर दिल्ली में बैठकर राम जन्मभूमि लड़ाई के सुखद अंत के साक्षी होंगे। मंच के शेष प्रमुख अतिथि श्रीराम मंदिर निर्माण के कार्य को आगे ले जाएंगे। पूरा देश अयोध्या के भूमि पूजन समारोह से रोमांचित है। देश के प्रधानमंत्री राम मंदिर निर्माण के लिए कुदाल चलाएंगे, इससे अच्छा सुनहरा क्षण दूसरा नहीं हो सकता। कोरोना तो हर जगह है ही। अयोध्या, उत्तर प्रदेश और पूरे देश में है। राम की कृपा से यह साया भी दूर हो जाएगा!