बाघों की बढ़ गई सीमा, टनल का रास्ता साफ

गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड परियोजना मुंबई के लिए स्वप्नपूर्ति के समान है। मनपा द्वारा पूर्वी उपनगरीय क्षेत्र में बनाई जा रही इस परियोजना से न सिर्फ गोरेगांव और मुलुंड के बीच की यात्रा का समय बचेगा, बल्कि बाघों के आशियाने की भी सीमा बढ़ जाएगी। मनपा द्वारा संजय गांधी नेशनल पार्क के नीचे बनाई जानेवाली टनल के लिए उपयोग होनेवाली भूमि के बदले वन विभाग को अन्य भूूमि खरीदकर देने पर सहमति बन गई है, जिससे न सिर्फ इस परियोजना को गति मिलेगी बल्कि बाघों का सीमा क्षेत्र भी बढ़ जाएगा।
बता दें कि मनपा को गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड परियोजना के लिए वन विभाग को छोड़कर बाकी सभी विभागों से आवश्यक मंजूरी मिल गई थी। मनपा द्वारा इस परियोजना के लिए संजय गांधी नेशनल पार्क से होते हुए अंडरग्राउंड टनल बनाई जा रही है। वन विभाग ने मनपा से यह शर्त रखी थी कि मनपा द्वारा इस भूमि के बदले अन्य भूमि खरीदकर उस पर वन का विस्तार किया जाए। मनपा ने इस पर सहमति जताते हुए जगह खरीदने की योजना पर कार्य शुरू कर दिया है। मनपा द्वारा चंद्रपुर ताड़ोबा टाइगर रिजर्व में १०० एकड़ से भी ज्यादा भूूमि खरीदकर वन विभाग को सौंपी जाएगी।  मनपा ने गोरेगांव से मुलुंड को जोड़नेवाले ४.७ किमी के टनल बनाने का निर्णय लिया था। वन विभाग का कहना था कि इस कार्य के लिए ४९ एकड़ क्षेत्र की आवश्यकता होगी। वन विभाग द्वारा मनपा से इसकी भरपाई के लिए दोगुना क्षेत्र की मांग की गई थी और ताडोबा रिजर्व क्षेत्र के समीप का सुझाव दिया गया था।