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पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य में 8 समुद्र तटों पर नई नीति को कैबिनेट की बैठक में मंजूरी

राज्य में समुद्र तटों पर पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए समुद्र तट (चौपाटी कुटी) की स्थापना की नीति को कल कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दी गई। यह कुटी अस्थायी मौसमी प्रकृति के होंगे। वर्तमान में गुहागर, रत्नागिरी जिले में अरेवारे एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में, सिंधुदुर्ग जिले में कुंकेश्वर, तारकरली;  रायगढ़ जिलों वर्सोली, दिवेगर और पालघर जिले के  केलवा और बोर्डी के 8 तटों पर समुद्र तट (बीच शॅक्स ) की स्थापना की जाएगी। इस संबंध में आवेदन वेबसाइट www.maharashtratourism.gov.in पर उपलब्ध कराए जाएंगे और नीति को अगले साल से अन्य प्लेटफार्मों (चौपाटी) पर चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। महाराष्ट्र तटीय क्षेत्र प्रबंधन प्राधिकरण की सहमति से पर्यटन निदेशालय द्वारा निश्चित भूमि पर अस्थायी चौपाटी कुटियों के निर्माण के लिए एक लाइसेंस जारी किया जाएगा। चौपाटी पर अधिकतम 10 कुटियां बनाई जा सकती हैं। इन्हें बनाने के लिए स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी। इस निर्माण से होनेवाले रोजगार में स्थानीय व्यक्ति के लिए 80 प्रतिशत जगह आरक्षित रहेगी। इन कुटियों का वितरण तीन वर्ष के लिए होगा। इस कुटी का आकार 15 फुट लंबा, 15 फुट चौड़ा और 12 फुट ऊंचा होगा। गाला के सामने बैठने की व्यवस्था के लिए 20 फुट लंबा और 15 फुट चौड़ी छत होगी। कुटी के लिए आवेदन करनेवाले व्यक्ति के लिए 15,000 रुपए अनुमति के लिए देना होगा।  इस कुटी का वार्षिक शुल्क पहले वर्ष में 45,000 रुपए, दूसरे वर्ष में 50,000 रुपए और तीसरे वर्ष में 55,000 रुपए होगा। इसके अलावा सुरक्षा अनामत रकम 30 हजार रुपए जमा करने होंगे। यह कुटी सुबह 7 से शाम 7 बजे तक चालू रहेगी। प्रत्येक कुटी में सीसीटीवी कैमरे होंगे।

एमटीडीसी की जमीनों पर कब्जा लेकर
निजीकरण से पर्यटन का होगा विकास
महाराष्ट्र पर्यटन विकास निगम के स्वामित्ववाली सरकारी भूमि और संपत्तियों के पर्यटन विकास के लिए निजीकरण की नीति को सैद्धांतिक रूप से मंजूरी देने का निर्णय कल कैबिनेट की बैठक में लिया गया। पहले चरण में गणपतिपुले, माथेरान, महाबलेश्वर, हरिहरेश्वर, मिठबाव के साथ-साथ ताडोबा और फरदापुर (संभाजीनगर) में खुली जगह को विकसित की जाएंगी। इन संपत्तियों के उप-पट्टे पर देने की अवधि उच्चस्तरीय समिति द्वारा तय की जाएगी। जमीन के लिए लिया जानेवाला प्रीमियम और वार्षिक किराया भी समिति तय करेगी। प्रत्येक परियोजना के लिए एक परियोजना सलाहकार नियुक्त किया जाएगा। इसके अलावा महाराष्ट्र राज्य व्यापार, व्यापार, आजीविका और रोजगार कर अधिनियम, 1975 में संशोधन करके महाराष्ट्र राज्य व्यापार, व्यापार, आजीविका और रोजगार कर (संशोधन) अध्यादेश, 2020 को प्रोत्साहित करने की स्वीकृति, महाराष्ट्र माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 में संशोधन करके महाराष्ट्र माल और सेवा कर (दूसरा संशोधन) अध्यादेश, 2020 को मंजूरी देने व रोजगार गारंटी योजना से संबंधित योजना शुरू करने की स्वीकृति से बागवानीवाले किसानों को फायदा होगा।
सीजन 2019-20 में गारंटीकृत मूल्य पर कपास खरीदनेवाले किसानों को चुकाने के लिए बैंकों से बंधक ऋण लेने के लिए कॉटन मार्केटिंग फेडरेशन को सरकारी गारंटी देने की स्वीकृति, सूचना प्रौद्योगिकी और सूचना प्रौद्योगिकी सहायक सेवाएं नीति – 2015  तब तक जारी रहेगी, जब तक नई नीति अस्तित्व में नहीं आ जाती है, कोविड -19 के बाद राज्य सरकार ने उद्योग के विकास के लिए तेजी से कदम उठाने और  उद्योगों को आकर्षित करने के उपायों की योजना, राज्य समुद्र तट कुटी नीति बनाने की स्वीकृति, समुद्र तट पर्यटकों के लिए विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध जैसी योजनाओं को कल मंत्रिमडल की बैठक में मंजूरी दी गई। इसके अतिरिक्त एमटीडीसी निजीकरण के माध्यम से भूमि का विकास करने, गेहूं के लिए विकेंद्रीकृत खरीद योजना, तटीय गुजरात के साथ बिजली खरीदने के समझौते सहित कई अन्य योजनाओं को कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दी गई।