" /> टेस्ट के नाम पर नहीं रुकेगा इलाज, एंटीजेन टेस्ट पर जोर देने का फैसला, आधे घंटों में शुरू होगा उपचार

टेस्ट के नाम पर नहीं रुकेगा इलाज, एंटीजेन टेस्ट पर जोर देने का फैसला, आधे घंटों में शुरू होगा उपचार

कोरोना टेस्ट के नाम पर अब गंभीर मरीजों को उपचार के लिए रुकना नहीं पड़ेगा। मरीज की सर्जरी समेत अन्य पैâसले डॉक्टर अब ३० मिनट के भीतर ले पाएंगे। पीडितों को तत्काल इलाज उपलब्ध करवाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एंटीजेन टेस्ट पर जोर देने का फैसला लिया है। एंटीजेन टेस्ट के नतीजे कुछ ही मिनटों में आ जाते हैं। नतीजन गंभीर मरीज जैसे हृदय रोगियों की एंजियोप्लास्टी, एंजियोग्राफी और बायपास सर्जरीवाले मरीजों का अब जल्द उपचार होगा।
कोरोना जांच के लिए आमतौर पर आरटीपीसीआर टेस्ट किया जाता है। इस टेस्ट की रिपोर्ट आने पर करीब एक दिन का समय लगता है जबकि एंटीजेन टेस्ट की रिपोर्ट कुछ मिनटों में ही आ जाती है। कोरोना रिपोर्ट न होने की वजह से पिछले कुछ महीनों में कई मरीजों ने अपनी जान गंवाई है। मरीजों की तकलीफों को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने आईसीएमआर के नियमानुसार मार्गदर्शन सूचना जारी किया है।
सर्जरी हो रही थी बाधित
एसोसिएशन ऑफ मेडिकल कंसल्टेंट (एएमसी) के अध्यक्ष डॉ. दीपक वैद्य के अनुसार टेस्ट रिपोर्ट आने में देरी के कारण मरीजों का उपचार बाधित हो रहा था। विशेष रूप से गंभीर मरीजों की सर्जरी बाधित हो रही थी। सबसे अधिक परेशानी हृदयरोगियों को हो रही थी क्योंकि हार्ट अटैक के बाद एंजियोप्लास्टी, एंजियोग्राफी और बायपास सर्जरी का निर्णय जल्द लेना पड़ता है। अस्पतालों, जिलाधिकारी को भेजे पत्र में स्वास्थ्य विभाग ने मृतक का भी एंटीजेन टेस्ट करने की बात कही है। शव का एंटीजेन टेस्ट होने से अब पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया भी जल्द पूरी हो जाएगी।
कैदियों का होगा एंटीजेन टेस्ट
सरकार ने कैदियों और मानसिक रोगियों के उपचार करनेवाले अस्पतालों के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किया है। आदेश में नए कैदी और मरीज को एक सप्ताह क्वॉरंटीन में रखने के बाद उनका एंटीजेन टेस्ट करने को कहा है। रिपोर्ट के आधार पर उन्हें वार्ड या अन्य स्थानों पर रखा जाएगा।
लक्षण नहीं तो टेस्ट नहीं
यात्रा करनेवाले व्यक्ति, जिला में प्रवेश करने वाले व्यक्ति और व्यापारियों में कोविड-१९ के लक्षण नहीं होने पर उन्हें टेस्ट में छूट देने का पैâसला लिया गया है।