" /> क्या खाएं, कैसे गांव जाएं? भिवंडी में लाचार पावरलूम मजदूर

क्या खाएं, कैसे गांव जाएं? भिवंडी में लाचार पावरलूम मजदूर

– भिवंडी से भी चोरी-छुपे मजदूरों के पलायन का सिलसिला शुरू
– पहले ट्रक, बाद में पैदल पलायन करते धराए सौ से ज्यादा लूम मजदूर
लॉकडाउन के कारण काम बंद होने से भुखमरी की कगार पर पहुंचे भिवंडी के लूम मजदूर पूरी तरह लाचार हो गए हैं। उनके सामने ऐसी स्थिति पैदा हो गई है कि वे क्या खाएं और कैसे गांव जाएं? इसी मजबूरी के कारण यहां से मजदूरों का चोरी-छुपे पलायन का सिलसिला शुरू हो गया है। दो दिन पहले कंटेनर द्वारा यूपी जाते 60 मजदूरों को शांतिनगर पुलिस ने रोककर उन्हें पुनः वापस उनके घर भेजने के साथ ही कंटेनर चालक पर केस दर्ज कर लिया था, जबकि स्थानीय चविंद्रा इलाके से पैदल मुलुक जाते 50 मजदूरों को पुलिस ने रोककर उन्हें बैरंग वापस लौटा दिया, जिसके बाद बेबस, लाचार मजदूरों को ये समझ में नहीं आ रहा कि वे करें तो क्या करें?
मालूम हो कि भिवंडी में तकरीबन पांच लाख से ज्यादा पावरलूम चलते हैं, जिसमें तकरीबन दो लाख मजदूर देश के कोने-कोने से आकर मेहनत-मजदूरी करते हैं लेकिन कोरोना वायरस के कारण लगातार बढ़ रहे लॉक डाउन से मजदूरों के सामने भुखमरी की स्थिति बन गई है। घर-परिवार से दूर लूम मजदूर भूख से बेहाल होकर हर हाल में अपने गांव जाने की जुगत लगा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो कई गाड़ियों से पैदल सैकड़ों मजदूर यहां से पलायन कर चुके हैं , जबकि हजारों अपने गांव भागने की तैयारी में मौका खोज रहे हैं। इसी बीच तीन दिन पहले कल्याण मार्ग स्थित अत्तर वाला कंपाउंड निवासी ओबेदुर्रहमान की टाटा ट्रक एमएच-48-8096 को लेकर कामतघर निवासी ट्रक चालक विजय यादव रात्रि पौने 5 बजे के दरम्यान 50-60 मजदूरों को भरकर उत्तर प्रदेश जाने हेतु निकला था, जिसकी सूचना मिलते ही शांतिनगर पुलिस स्टेशन में कार्यरत सिपाही विजय पाटिल नें भादवड सब्जी नाका पहुंचकर ट्रक को रोक लिया व मजदूरों को नीचे उतारकर लॉक डाउन उल्लंघन हेतु ट्रक जप्त कर चालक को हिरासत में लिया है और मजदूरों को चेतावनी देकर छोड़ दिया है। शांतिनगर पुलिस ने ट्रक ड्राइवर और ट्रक मालिक के विरुद्ध आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है। इस घटना के दो दिन बाद ही भिवंडी से तकरीबन सौ मजदूरों का एक झुंड पैदल ही अपने गांव के लिए निकला, जैसे ही उक्त लोग चविंद्रा इलाके में स्थित ग्रीन लैंड होटल के पास पहुंचे पुलिस ने उन्हें रोककर बैरंग पुनः भिवंडी लौटा दिया। बता दें कि भिवंडी में लाखों मजदूर इन दिनों बेगारी व भुखमरी से बेहाल हैं और किसी भी हाल में वे अपने गांव जाने को बेकरार हैं। मजदूरों का कहना कि प्रशासन ने काम बंद किए जाने के साथ ही आवागमन पर भी पूर्णतः अंकुश लगा दिया है, जिसके कारण काम व खाने की कमी से मजदूर बैखला गए हैं। वे क्या करें और कहां जाएं उन्हें कुछ समझ में नहीं आ रहा है।