" /> केवल अंतिम वर्ष व अंतिम सत्र की होगी महाविद्यालयीन परीक्षा – उच्च तकनीक शिक्षा मंत्री उदय सामंत

केवल अंतिम वर्ष व अंतिम सत्र की होगी महाविद्यालयीन परीक्षा – उच्च तकनीक शिक्षा मंत्री उदय सामंत

वर्तमान में कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए राज्य लॉकडाउन के दौर से गुजर रहा है। इस संबंध में यूजीसी द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार उच्च और तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा नियुक्त समिति की रिपोर्ट राज्य में सभी गैर-कृषि विश्वविद्यालयों की परीक्षाओं के संबंध में सरकार को प्रस्तुत की गई है। तदनुसार उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री उदय सामंत ने कहा कि सभी स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के अंतिम वर्ष की अंतिम सत्र की परीक्षाएं 1 जुलाई से 30 जुलाई के बीच होंगी। उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री उदय सामंत ने कल राज्य में छात्रों के मन में भ्रम को दूर करने के लिए सूचना और जनसंपर्क महानिदेशालय के फेसबुक के माध्यम से छात्रों के साथ लाइव बातचीत की। सामंत ने कहा कि यह फैसला मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, उपमुख्यमंत्री अजीत पवार, राजस्व मंत्री बालासाहेब थोरात और पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे के परामर्श से लिया जा रहा है। यदि राज्य में कोरोना की स्थिति सामान्य नहीं रहती है और लॉकडाउन की अवधि बढ़ जाती है तो एक बार फिर से मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने 20 जून तक मामले की समीक्षा करने का निर्देश दिया है।
समिति की सिफारिश के अनुसार जो छात्र परीक्षा के लिए उपस्थित नहीं होंगे, उन्हें अगली कक्षा में प्रवेश दिया जाएगा। प्रवेश के समय उन्हें उनके ग्रेड और अंक दिए जाएंगे। इन अंकों को देने का तरीका आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर छात्रों द्वारा प्राप्त ग्रेड का 50 प्रतिशत और पिछले सत्र में प्राप्त अंकों का 50 प्रतिशत होगा। पिछले परीक्षा या सत्र के अंकों की अनुपलब्धता के मामले में वार्षिक सत्र के प्रथम वर्ष की परीक्षाओं के संबंध में 100 प्रतिशत आंतरिक मूल्यांकन दिया जाएगा। यदि इन अंकों के बारे में कोई संदेह है और यदि छात्र इसके लिए मूल्यांकन जोड़ना चाहता है तो वह ऐच्छिक परीक्षा दे सकता है। इस तरह की परीक्षाएं विश्वविद्यालय स्तर पर तय की जाएंगी। साथ ही दुर्भाग्यवश यदि कोई छात्र इन परीक्षाओं में असफल हो जाता है तो उसे अगले वर्ष भी प्रवेश दिया जाएगा लेकिन उन्हें असफल विषयों में परीक्षा देनी होगी।
इस संबंध में अनुसूची निर्णय विश्वविद्यालय स्तर पर लिए जाएंगे। एटीकेटी छात्रों पर भी यही नियम लागू होगा। यह निर्णय लेते समय यह सुनिश्चित करने के लिए पूरा ध्यान रखा जाएगा कि किसी भी छात्र का शैक्षणिक वर्ष का नुकसान न हो, ऐसा सामंत ने बताया।

छात्रों और अभिभावकों की काउंसलिंग के लिए प्रत्येक जिले में एक केंद्र स्थापित किया जाएगा
सभी अंतिम वर्ष के छात्रों को यह ध्यान में रखते हुए अपनी पढ़ाई शुरू करनी चाहिए कि परीक्षाएं 1 जुलाई से 30 जुलाई के बीच होंगी। साथ ही जो छात्र परीक्षा नहीं देंगे, उनकी भी छुट्टी होती है। इसलिए उन्हें घर से बाहर नहीं जाना है। उन्हें घर में ही रहना है, ऐसा सामंत ने कहा। सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति समिति की रिपोर्ट पर सहमत हो गए हैं। लॉकडाउन के दौरान छात्रों को कॉलेजों में उपस्थित माना जाएगा इसलिए छात्रों को किसी भी तरह के भ्रम का शिकार नहीं होना चाहिए और अपने नए अध्ययन और शैक्षणिक सत्रों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए,  ऐसा सामंत ने कहा।

स्वायत्त विश्वविद्यालयों को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के निर्देशानुसार फॉर्मेट द्वारा परीक्षाएं आयोजित करनी होंगी
चार वर्षीय पाठ्यक्रम वाले छात्रों को केवल आठवें सेमेस्टर की परीक्षा में बैठना होगा। साथ ही पांच वर्षीय पाठ्यक्रमवाले छात्रों को केवल 10वीं सेमेस्टर की परीक्षा देनी होगी। केवल अंतिम वर्ष के पाठ्यक्रम के छात्र जिनकी परीक्षा आयोजित की जाती हैं, उनकी परीक्षा ली जाएंगी। परीक्षा दो वर्ष के पाठ्यक्रम के केवल चौथे सेमेस्टर की परीक्षा होगी। गोंडवाना विश्वविद्यालय ग्रीन जोन में है, जिससे अंतिम वर्ष के छात्रों को परीक्षा में बैठने की अनुमति मिलती है। गढ़चिरौली और चंद्रपुर जिले इस विश्वविद्यालय के अंतर्गत आते हैं। यहां की भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय अपने कार्यक्रम के अनुसार परीक्षा आयोजित करेगा।
राज्य में एसएनडीटी विश्वविद्यालय की कॉलेज परीक्षाएं अन्य राज्यों में इस कार्यक्रम के अनुसार आयोजित की जाएंगी।
संबंधित विश्वविद्यालय सभी छात्रों, प्रोफेसरों, शिक्षण कर्मचारियों को ध्यान में रखते हुए गर्मी की छुट्टी के बारे में अंतिम निर्णय लेगा।
* 1 सितंबर से नया शैक्षणिक वर्ष शुरू करने के लिए सभी परीक्षाओं के परिणाम 15 अगस्त तक घोषित कर दिए जाएंगे।
कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (सीईटी) के बारे में निर्णय अगले 8 दिनों में घोषित किया जाएगा।
● कॉलेज में डिप्लोमा, स्नातक और स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष की व्यावहारिक परीक्षाएं नहीं ली जाएंगी, अंक छात्रों द्वारा प्रस्तुत पत्रिका या ऑनलाइन से मौखिक रूप से लिया जाएगा।