" /> माल का ट्रांसपोर्ट करना है, वायरस का नहीं- मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे

माल का ट्रांसपोर्ट करना है, वायरस का नहीं- मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे

राज्यभर में कोरोना वायरस के कारण उत्पन्न  हुई स्थिति के संबंध में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्य की जनता से लाइव प्रसारण के माध्यम से बातचीत की।मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि सभी उद्योग करनेवालों को कहा गया है कि वे अपने मजदूरों का ध्यान रखें। उन्हें माल का ट्रांसपोर्ट करना है, वायरस नहीं, इस बात का ख्याल रखें। कोरोना से लड़ाई लड़ते-लड़ते कहीं हम आर्थिक हालत से न जूझने लगें इसलिए हम धीरे-धीरे उद्योगों की शुरुआत कर रहे हैं। कृषि, जीवनावश्यक वस्तुओं पर कोई बंधन नहीं है, केंद्र सरकार के जो नियम आए हैं, उस पर अमल  किया जाएगा। केवल माल परिवहन की इजाजत दी गई है। किसी और आदमी को एक जिले से दूसरे जिले में जाने की अनुमति नहीं दी गई है।
मुख्यमंत्री ने अपने लाइव प्रसारण में राज्य में कोरोना रोगियों के चल रहे उपचार सहित अन्य सभी विषयों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कोरोना से जो युद्ध चल रहा है, इसका इंतजार मैं भी कर रहा हूं कि यह कब खत्म होगा? अगर ये शत्रु दिखता तो उसका हम कब का खत्म कर चुके होते लेकिन ये शत्रु दिखता नहीं है इसलिए यह युद्ध कब खत्म होगा? ये सवाल मेरे मन में भी है। हम लोग इस युद्ध से गंभीरता व संयम से लड़ रहे हैं, संयम व मेहनत के बल पर यह युद्ध अवश्य जीतेंगे, ऐसा विश्वास मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने व्यक्त किया। 24 मार्च से जो भी चीजें बंद हुई हैं, उसके चलते आर्थिक संकट आए हैं, उन्हें अब चलाने की जरूरत है। 20 अप्रैल से ग्रीन और ऑरेंज जोन में नियम व शर्तों के साथ उद्योग-व्यापार शुरू किए जाएंगे और रेड जोन में उद्योग शुरू नहीं किए जाएंगे, ऐसा मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया।
अखबार पर प्रतिबंध नहीं, मुंबई व पुणे में अखबार का घर-घर वितरण पर है प्रतिबंध
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अखबारों पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया है लेकिन मुंबई और पुणे में घर-घर जाकर अखबार बांटना अभी उचित नहीं है। महराष्ट्र के हित के लिए जो भी आवश्यक होगा, वह सब करूंगा इसलिए सभी लोग कृपा करके सहयोग करें। इस समय मुंबई व पुणे रेड जोन में है। ऐसे में अखबार की छपाई पर प्रतिबंध नहीं है लेकिन घर-घर अखबार बांटने पर पाबंदी है।
छोटे बच्चे मुख्यमंत्री सहायता कोष मेंदे रहे हैं अपने जन्मदिन के पैसे 
कोरोना की लड़ाई में छोटे-छोटे बच्चे अपने जन्मदिन और खेल के जुटाए पैसे को मुख्यमंत्री सहायता कोष में जमा करा रहे हैं। इसके लिए बच्चों को धन्यवाद देता हूं। उन्होंने कहा कि सीएसआर फंड के जरिए पैसा जमा करने के लिए अलग जरिया बनाया है। अभी भी मुख्यमंत्री फंड में पैसे आ रहे हैं। सीएसआर मामले को लेकर किसी तरह की राजनीति में नहीं पड़ना है, ऐसा मुख्यमंत्री ने कहा।
समुपदेशन के लिए दो सेवा कार्यरत
लॉक डाउन में मानसिक बीमारी बढ़ी हुई है और उन्हें समुपदेशन की आवश्यकता है, ऐसे लोगों के लिए मुख्यमंत्री ने बताया कि मुबई मनपा और बिरला संस्था ने वर्तमान में शुरू की गई हेल्पलाइन का नंबर 1800120820050 बताया। इसके अलावा आदिवासी विभाग व प्रोजेक्ट मुंबई प्रफुल्लता के संयुक्त तत्वावधान में एक सेवा शुरू की है, जिसका नंबर १८००१०२४०४० है। जिस पर समुपदेशन दिया जाएगा।
डॉक्टरों का मार्गदर्शन कर रही है डॉक्टरों की टास्क फोर्स
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए सामाजिक दूरी आवश्यक है। स्थिति से निपटने के लिए युद्धस्तर पर काम किए जा रहे हैं। कोरोना मरीजों की संख्या हर दिन घट-बढ़ रही है। कोरोना का इलाज कर रहे डॉक्टरों के मार्गदर्शन के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की टास्क फोर्स गठित की गई है। उन्होंने कहा कि बिना देरी किए लोगों को लक्षण नजर आते ही खुद से आगे आकर जांच करानी चाहिए। समय पर उपचार मिलने पर मरीज ठीक हो रहे हैं। बच्चे से लेकर बुजुर्गों तक लोग पूरी तरह से ठीक होकर घर जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीमार व्यक्ति को तत्काल उपचार मिलना आवश्यक है। अब तक हुई मौतों को देखें तो अधिकांश लोग अंतिम चरण में अस्पताल में गए हैं। कोरोना की जांच के लिए जो समय लगता है, उसी समय में ही कई मरीजों की मौत हुई है इसलिए ’जल्द अस्पताल पहुंचो और जल्द स्वस्थ्य हो’ इसका पालन करना आवश्यक है। सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा कि अनाज वितरण को लेकर शंका की जा रही है। केंद्र सरकार की ओर से अब तक सिर्फ मुफ्त चावल दिया गया है, जिसका वितरण सरकार ने करवा दिया है। राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से मुफ्त चावल के साथ दाल व गेहूं भी दिए जाने की मांग की है।
इसी प्रकार राज्य में निजी डॉक्टरों  ने कोरोना के विरुद्ध लड़ाई में दवाखाना खोलने की तैयारी दिखाई है, ऐसी जानकारी मुख्यमंत्री ने दी। यह अस्पताल केवल नॉन कोविड रोगियों, जिन्हें  हृदयरोग, किडनी और मधुमेह जैसी गंभीर बीमारियों के लिए है। सर्दी, बुखार, और खांसी के रोगी निजी अस्पतालों में न जाएं। इसकी जांच सरकारी अस्पतालों में ही कराएं, ऐसा मुख्यमंत्री ने कहा।
उद्धव ठाकरे ने आगे कहा कि कोरोना की लड़ाई महाराष्ट्र में बहुत ही संयमित तरीके से लड़ी जा रही है। यह लड़ाई कब खत्म होगी, इसका इंतजार जिस तरह सभी को है, उसी तरह उन्हें भी है। निजी दवाखानों को शुरू रखने की तैयारी डॉक्टरों ने दिखाई है इसलिए राज्य के नागरिक अपनी बीमारी न छिपाएं। किसी तरह की तकलीफ होने पर तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें। शनिवार तक राज्य में 67,800 लोगों की कोरोना जांच की गई है। इनमें से 95 फीसदी टेस्ट निगेटिव पाए गए हैं। 3,600 टेस्ट पॉजिटिव पाए गए हैं, इनमें से 52 ही गंभीर हैं। 350 से अधिक लोग पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुके हैं। सूबे में दो सौ से अधिक लोगों की मौत हुई है।
प्रवासी मजदूर न करें चिंता
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के प्रवासी मजदूर किसी भी तरह की चिंता न करें। उनकी केंद्र सरकार से चर्चा जारी है। साथ ही राज्य में उद्योग-धंधे शुरू हो रहे हैं। इस समय स्थिति ठीक नहीं है लेकिन प्रवासी मजदूरों से वादा है कि संकट खत्म होते ही आपको महाराष्ट्र सरकार आपके घर पहुंचाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार से राज्य को सहयोग मिल रहा है। वह इसे लेकर हो रही राजनीति में नहीं पड़नेवाले हैं। कोरोना जैसी भयावह बीमारी में स्वयंसेवी संगठन व दानदाता भारी मात्रा में सरकार को मदद कर रहे हैं इसलिए राज्य सरकार के पास कोरोना से निपटने के लिए पैसे की कमी नहीं है। सिर्फ सभी नागरिक घर में रहकर सरकार को सहयोग करें, ऐसा आह्वान मुख्यमंत्री ने किया।
अत्याचारग्रस्त महिलाएं 100 नंबर पर  करें फोन : भाई की तरह पुलिस करेगी मदद
राज्य की जनता ने अभी तक बहुत ही संयम, दृढ़ता और धैर्य के साथ इस संकट का मुकाबला किया है। राज्य की जनता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिक समय तक घर में ही रहने से मानसिक स्थिति बिगड़ सकती है लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि लॉकडाऊन है इसलिए पुरुषों को घर की महिलाओं को परेशान करना चाहिए। महिलाओं पर घर में अत्याचार नहीं होना चाहिए, यह कहते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर किसी महिला पर अत्याचार हो रहा हो तो वे महिला 100 नंबर पर फोन कर पुलिस को सूचित कर सकती है, पुलिस निश्चित ही एक भाई की तरह आपकी मदद करेगी।