" /> व्यथित न हों! राज्य सरकार आपके साथ है : मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का प्रवासी मजदूरों को आश्वासन

व्यथित न हों! राज्य सरकार आपके साथ है : मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का प्रवासी मजदूरों को आश्वासन

परेशान ना हों, संयम बनाए रखें
अफवाहों का शिकार न बने

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने संभाजी नगर की घटना पर दुःख जताया है। उन्होंने कहा कि प्रवासी मजदूरों की मौत से मैं बहुत आहत हूं। उन्होंने एक बार फिर मजदूरों को आश्वस्त करते हुए कहा कि वे व्यथित न हों, सरकार उनके साथ है। प्रवासी मजदूरों को परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है। उन्हें उनके गांव भेजने के लिए अन्य राज्यों से बातचीत की जा रही है।
कल राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने फेसबुक लाइव के जरिए राज्य की जनता और प्रवासी मजदूरों को संबोधित किया। मजदूरों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें उनके गांव भेजने के लिए बस और ट्रेन की व्यवस्था की जा रही है। कुछ जगहों पर ट्रेनें शुरू हो गयी हैं। मजदूरों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। उनके रहने और खाने की व्यवस्था सरकार कर रही है। राज्य के विभिन्न जगहों पर ठहरे करीब 5 से 6 लाख मजदूरों के रहने और खाने की व्यवस्था सरकार ने की है। उन्होंने मजदूरों से आह्वान करते हुए कहा कि जिस तरह से आपने अभी तक संयम बनाये रखा, उसी तरह का संयम आगे भी बनाये रखें। अफवाहों में आकर गांव जाने के लिए भीड़ न करें क्योंकि खतरा हमारे चारों ओर मंडरा रहा है। भीड़ होने से क्या हो सकता है, यह आपको भी पता है।

मेरा हर नागरिक जवान है : मुझे सेना की जरूरत नहीं
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि 2-3 दिन से मुंबई को लेकर कई तरह की अफवाहें चल रही हैं। मुंबई में सेना लाने की अफवाह चल रही है। उन्होंने कहा कि मैंने जो भी कदम उठाए हैं, यह आपको बताकर और विश्वास में लेकर उठाए हैं। मुंबई में मुझे सेना की जरूरत नहीं है। मैंने पहले भी कहा है, कोरोना से जंग में आप सभी जवान हैं। उन्होंने कहा कि हिम्मत और धैर्य से हम यह लड़ाई जीतकर रहेंगे। ये शिवाजी महाराज का महाराष्ट्र है, हम सबको मिलकर कोरोना वायरस से लड़ना होगा। उन्होंने कड़ी हिदायत देते हुए कहा कि कोई पुलिस, डॉक्टर या कोरोना वारियर्स पर हमला न करें वरना कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

लॉक डाउन बढ़ाना है कि नहीं, ये आपके हाथ में है

जितना आप बंधन तोड़ने की कोशिश करोगे, उतना ही ये लॉक डाउन आपका पीछा नहीं छोड़ेगा। घर बैठना किसी को अच्छा नहीं लगता। लेकिन ये संकट है, संकट को खत्म करने के लिए हमें नियम का पालन करना ही होगा। इसलिए लॉकडाउन बढ़ाना है कि नहीं, ये आपके हाथ में है, ऐसा भी मुख्यमंत्री ने कहा।

डॉक्टरों से अनुरोध
महालक्ष्मी रेसकोर्स, बीकेसी, दादर, गोरेगांव और मुम्बई के ओपन ग्राउंड और एक्सबीशन सेंटर्स पर जो कोरोना कवारेंटिंन सेंटर बने हैं, उसके लिए होमियोपैथिक, एलोपेथिक, आयुर्वेदिक डॉक्टर्स सामने आकर मरीजों की सहायता करें। ये दुख की घड़ी है हम सब को मिलकर लड़ना होगा, ऐसा अनुरोध मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों से किया।

लापरवाही बर्दाश्त नहीं
सायन अस्पताल के मामले को भी मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लिया और कहा कि इस तरह की लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।