" /> महाराष्ट्र एमएलसी चुनाव नौ सीट निर्विरोध घोषित : मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्व पर चुनाव में मुहर

महाराष्ट्र एमएलसी चुनाव नौ सीट निर्विरोध घोषित : मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्व पर चुनाव में मुहर

महाराष्ट्र की 9 सीटों के लिए 14 प्रत्याशियों समेत महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने नामांकन-पत्र दाखिल किया था। 14 मई को उम्मीदवारों के नाम वापस लेने की अंतिम तारीख थी लेकिन पांच में से चार उम्मीदवारों ने अपना नामांकन पत्र वापस ले लिया और इनमें से एक उम्मीदवार का नामांकन-पत्र खारिज होने की वजह से चुनावी प्रक्रिया टल गई और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे समेत नौ लोग निर्विरोध चुने गए।
महाराष्ट्र विधान परिषद की 9 सीटों पर 21 मई को होनेवाले चुनाव के लिए सीएम उद्धव ठाकरे ने सोमवार दोपहर विधान भवन जाकर अपना नामांकन-पत्र दाखिल किया था। विधान परिषद के चुनाव के नामांकन की अंतिम तारीख को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के साथ महाविकास आघाड़ी गठबंधन के सभी पांचों उम्मीदवारों ने अपना पर्चा भरा था, जबकि भाजपा ने शनिवार को पर्चा भर दिया था। इस तरह महाराष्ट्र की 9 सीटों के लिए कुल 14 नामांकन-पत्र दाखिल किए गए थे।
शिवसेना से सीएम उद्धव ठाकरे एवं पूर्व विधान परिषद सदस्य नीलम गोर्हे निर्विरोध चुने गए, जबकि एनएसपी से शशिकांत शिंदे व अमोल मिटकरी तो कांग्रेस से राजेश राठौड़ ने एमएलसी के लिए सोमवार को नामांकन-पत्र दाखिल किया था। यह दोनों उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए। एनसीपी ने अपने दो उम्मीदवारों के अतिरिक्त एक अन्य उम्मीदवार किरण पावसकर से अतिरिक्त नामांकन-पत्र दाखिल कराया था। परंतु इन दोनों द्वारा अपना नामांकन-पत्र वापस ले लिया गया।
भाजपा के चार उम्मीदवार प्रवीण दटके, गोपीचंद पडलकर, अजीत गोपछड़े और रणजीत सिंह पाटील के अलावा पार्टी ने दो अतिरिक्त उम्मीदवारों का भी नामांकन कराया है। इनमें भाजपा की ओर से संदीप लेले और रमेश कराड ने भी पर्चें भरे हैं, क्योंकि नामांकन-पत्र की जांच में अगर किसी में कुछ खामियां हो जाती हैं तो ऐसी स्थिति में विकल्प के तौर पर रखा गया था। इसमें भाजपा की तरफ से गोपीचंद पडलकर रंजीत सिंह मोहिते पाटील थे। प्रवीण दटके और रमेश कराड निर्विरोध चुने गए। भाजपा की तरफ से डॉक्टर अभिजीत गोपछड़े और संदीप लेले ने अपना नामांकन पत्र वापस लिया।
विधान परिषद के नामांकन-पत्रों की जांच मंगलवार को की जाएगी और नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 14 मई थी। ऐसे में एक उम्मीदवार के नामांकन-पत्र में खामी पाई गई। वहीं भाजपा के 3 और एनसीपी के 2 अतिरिक्त उम्मीदवारों ने बुधवार को अगर अपना नाम वापस ले लेते हैं तो ऐसे में सभी 9 सीटों के लिए उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना तय है लेकिन अगर कोई 5 प्रत्याशी अपने नाम वापस नहीं लेते तो चुनाव होना लाजमी था लेकिन आज पांच उम्मीदवारों ने अपना नामांकन-पत्र वापस लिया। इसमें एक अपक्ष उम्मीदवार शाहबाज, राठौड़ का नामांकन पत्र खारिज हुआ। ठाकरे परिवार के उद्धव ठाकरे दूसरे ऐसे सदस्य बनने जा रहे हैं जो चुनावी प्रक्रिया से गुजरते हुए विधान परिषद तक पहुंच गए।