देशद्रोहियों को फांसी पर लटकाकर रहेंगे! उद्धव ठाकरे की गर्जना

देश में ‘जय जवान जय किसान’ के नारे लगते हैं। आत्महत्या कर रहे किसानों को आत्महत्या करने से रोकना होगा। देश की रक्षा करते हुए जवान शहीद हो रहे हैं और निर्लज्जता से विपक्ष जवानों से उनके शौर्य का सबूत मांगता है और देशद्रोह की कलम हटाने की बात कर रहा है। तो फिर वैâसे ये ‘जय जवान जय किसान’ कहेंगे? हमारी सरकार की नीति स्पष्ट है। जो भी देशद्रोही होगा और उस पर देशद्रोह का मामला सिद्ध होगा, उसे फांसी पर लटकाकर रहेंगे, ऐसी गर्जना शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने की।
पालघर जिले में दो दिनों के तूफानी प्रचार दौरे के बाद शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे की तोप विदर्भ में गरज रही है। रविवार को नागपुर के बाद कल यवतमाल में उनकी तोप गरजी। वासिम लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र की महायुति की प्रत्याशी भावना ताई गवली के प्रचारार्थ आयोजित विशाल सभा को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने उक्त बातें कहीं।

कल प्रचार सभा में उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस और राकांपा के मुखियाओं पर जमकर प्रहार किया। उन्होंने कहा कि देशद्रोह की कलम हटाने की बात करनेवाले देशद्रोही हैं और ऐसे देशद्रोहियों के हाथों में आप देश सौंपोगे क्या? उद्धव ठाकरे द्वारा ऐसा सवाल पूछते ही सभी ने एक स्वर में ‘ना’ कहा। उन्होंने कहा कि मैंने युति देश के लिए की है। अगर युति नहीं की होती तो देशद्रोहियों को पुचकारनेवाले सत्ता में आते तो हम इन्हें स्वीकार करते क्या? देश की आजादी के लिए न जाने कितने ही क्रांतिकारियों ने अपना बलिदान दिया और आज भी जवान देश की रक्षा के लिए शहीद हो रहे हैं। कांग्रेस को शर्म आनी चाहिए कि वे देशद्रोह की कलम हटाने की बात अपने घोषणापत्र में कर रहे हैं। उद्धव ठाकरे ने आगे कहा कि इस देश में रहना है तो देश के टुकड़े कहनेवालों का टुकड़ा होना ही चाहिए। देश में रहना है तो कानून का पालन करना होगा। जो भी इसका पालन नहीं करेगा, उसे देश के कानून के तहत सजा होगी, ये हमारी सरकार की नीति है और इसी पर हम कायम रहेंगे। ऐसा स्पष्ट करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि हमारा विचार है कि देश सुरक्षित रहना चाहिए और शिव प्रभु का यह पवित्र भगवा सिर्फ लोकसभा में ही नहीं बल्कि विधानसभा में लहराना चाहिए। विपक्ष का विचार ये है कि भले ही उनका झंडा वहां न लहराए लेकिन भगवा भी वहां न फहरे। विपक्ष को चुनौती देते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि ५६ क्या १५६ भी आएं तब भी मेरे शिवसैनिक महाराष्ट्र ही नहीं लोकसभा में भी जोश के साथ भगवा लहराकर ही रहेंगे। कांग्रेस-राकांपा पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि जिनके हाथ किसानों और आदिवासियों के खून से सने हैं, वे हमें पूछते हैं ‘शर्म नहीं आती क्या?’ उन्हें शर्म आनी चाहिए। उद्धव ठाकरे ने कहा कि साढ़े ४ वर्षों तक हमारे बीच संघर्ष जरूर था लेकिन यह संघर्ष व्यक्तिगत नहीं बल्कि किसानों की कर्जमाफी और जनता के हितों के लिए था। कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आनेवाले हैं। उस सभा में मैं भी उपस्थित रहूंगा। मैं किसानों की समस्याओं के लिए उनसे बात करूंगा। भाजपा द्वारा जारी किए गए घोषणापत्र की खिंचाई करनेवाले कांग्रेसी नेताओं की भी उन्होंने जमकर खबर ली। कांग्रेसवाले कहते हैं कि पिछले वर्ष का ये घोषणापत्र है। मैं कहता हूं कि दोनों पार्टियों का घोषणापत्र अगल-बगल लगाएं। एक तरफ ये लोग धारा-३७० नहीं हटाएंगे और १२४-ए देशद्रोह की धारा हटाकर रहेंगे। वहीं दूसरी तरफ भाजपा ने अपने संकल्पपत्र में धारा ३७० रद्द करने और राम मंदिर के मुद्दे का उल्लेख किया है, जो हम करके रहेंगे। उन्होंने कहा कि ये चुनाव शिवसेना-भाजपा और नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए नहीं बल्कि ये चुनाव देश का भविष्य तय करनेवाला चुनाव है। अपना भविष्य किन हाथों में जा रहा है, इसे पहले समझें फिर मतदान करें, ऐसा आह्वान भी उन्होंने मतदाताओं से किया। इस दौरान उन्होंने ये भी वचन दिया कि हमारी सरकार आदिवासियों को उनका अधिकार देकर ही रहेगी। अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि शिवसेना-भाजपा युति के होने के बाद से विपक्ष का टायर पूरी तरह पंक्चर हो गया है।