अटलजी सिर्फ भाजपा के नेता नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य थे!-उद्धव ठाकरे

अटलजी सिर्फ भाजपा के नेता नहीं बल्कि हमारे परिवार के सदस्य थे। उनकी स्मृति में बनाए गए उद्यान का उद्घाटन करने का जब निमंत्रण मिला, तो मन में अनेक विचार आए और कौतुहल भी हुआ। सोचा उद्यान तो उद्यान ही जैसा होता है। इसमें नया क्या है? परंतु यहां आकर जब देखा तो आश्चर्यचकित रह गया। अटलजी की याद में इससे बढ़िया दूसरी कोई चीज नहीं बन सकती थी। यहां आने के बाद ऐसा स्पष्ट महसूस होता है कि अटलजी हमारे बीच में हैं और हमसे बातें कर रहे हैं। मन रोमांचित हो उठता है, ऐसा उद्गार शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने कल अटल स्मृति उद्यान के उद्घाटन के अवसर पर व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रबोधन ठाकरे सभागृह में आयोजित कार्यक्रम में उद्धव ठाकरे बोल रहे थे। बता दें कि उच्च शिक्षा मंत्री विनोद तावडे की संकल्पना से बोरीवली (प.) में अटल स्मृति उद्यान का निर्माण किया गया है, जिसका उद्घाटन शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों कल किया गया।
इस अवसर पर उद्धव ठाकरे ने अपने भाषण की शुरुआत लोकसभा में मिले प्रचंड जीत दिलानेवाली जनता के प्रति आभार मानकर किया। उन्होंने कहा कि आज कैसा संयोग है कि आज ही के दिन स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि है। अटल स्मृति उद्यान का उद्घाटन और प्रबोधन ठाकरे नाट्यगृह में कार्यक्रम संपन्न होना, यह योगायोग नहीं तो और क्या है? उन्होंने कहा कि अटलजी और शिवसेनाप्रमुख ने जो विचारों का बीजारोपण किया, उसी का फल हमें प्राप्त हो रहा है। युति चुनाव जीतने के लिए हुई थी, प्रचंड भीड़ होती थी। परंतु हमेशा जीत नहीं मिलती थी। उन्होंने राहुल गांधी का नाम लिए बगैर इस्तीफे को लेकर अप्रत्यक्ष रूप से कहा कि आजकल कुछ लोग हार से इतने टूट जाते हैं कि वे इस्तीफा देने लगते हैं। एक समय भाजपा के सिर्फ दो ही सांसद थे, पर किसी ने भी इस्तीफा नहीं दिया। जो लड़ता है वही सच्चा मर्द होता है। इस मौके पर शिवसेना के स्थानीय नेताओं द्वारा उद्धव ठाकरे व देवेंद्र फडणवीस को गदा देकर उनका सत्कार किया गया। उन्होंने विरोधियों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि हमें गदा देकर सम्मान दिया गया है। अब इसी गदा से मैं और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस आनेवाले चुनाव में विरोधियों का दमन करेंगे। उन्होंने कहा कि एक समय था कि हमारे नेताओं को सुनने के लिए प्रचंड भीड़ होती थी, तब वोट कहां जाते थे, पता ही नहीं चलता था। अब हम जब लगातार जीत रहे हैं तब ईवीएम पर सवाल उठाए जा रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईवीएम गड़बड़ी करके नहीं, बल्कि उस समय के हमारे नेताओं के प्रचार विचार आज हमारे लिए उपयोगी साबित हो रहे हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि अटलजी अतुल्य व विचारवान व्यक्तित्व के धनी थे। इस मौके पर उद्योगमंत्री सुभाष देसाई, सांसद गोपाल शेट्टी, शिक्षा मंत्री आशीष शेलार, उच्च शिक्षा मंत्री विनोद तावडे, राज्य मंत्री योगेश सागर, विधायक विलास पोतनीस, विनोद घोसालकर, प्रवीण दरेकर आदि उप्स्थित थे।