यूपी विधानसभा उपचुनाव में लग सकता है बढ़े बिजली बिल का झटका

उत्तर प्रदेश में 12 सितंबर से आम उपभोक्ताओं के बिजली बिल पर राज्य सरकार ने 12% दर बढ़ा दिया। जिसका झटका विधानसभा उपचुनाव में भाजपा को लग सकता है। क्योंकि बिजली की खामियों को लेकर भाजपा संगठन और सरकार के अंदर के लोग भी परेशान हो चुके हैं। इसलिए कोई ऊर्जा मंत्री को पत्र लिख रहा है तो कोई सोशल मीडिया पर डाल कर अपना गुस्सा निकाल रहा है। ताजा तूफान बिजली कटौती को लेकर ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा को वन एवं पर्यावरण मंत्री दारा सिंह चौहान के पत्र से मचा है। चौहान ने लिखा है कि बिजली कटौती से बच्चों की पढ़ाई, किसानों की सिंचाई प्रभावित हो रही है, जिसके कारण जनमानस में रोष व्याप्त हो रहा है।

बता दें कि मऊ जिले की घोषी विधानसभा से विधायक रहे फागू चौहान को बिहार का राज्यपाल बनने से उस सीट पर उपचुनाव होना है। बिजली कटौती से लोगों की नाराजगी का गुस्सा झेल रहे वन मंत्री ने ऊर्जा मंत्री पर चिठ्ठीबम फोड़ दिया। इसके पहले 2017 में तत्कालीन आबकारी मंत्री जयप्रताप सिंह ने भी श्रीकांत शर्मा को ट्रांसफर समय से न बदले जाने पर चिठ्ठी फोड़ा था। थोड़े दिन पूर्व ही बिजली समस्याओं से त्रस्त मेरठ की जनता की नाराजगी से परेशान होकर ऊर्जा मंत्री को पत्र दिया था। इसके पहले रायबरेली जिले में संगठन के सदस्यता अभियान में गये अवध क्षेत्र के मंत्री त्र्यम्बक तिवारी ने अपने फेसबुक वाल पर बिजली कटौती से परेशान हो कर एक फोटो डाला था। जिसमें उन्होंने लिखा था कि “देर शाम बिजली ना होने की स्थिति में भी रायबरेली भाजपा कार्यालय पर सत्यापन जारी रहा”  उक्त चित्र में कार्यकर्ता मोबाइल के प्रकाश में कार्य करते दिखाई दे रहे हैं।

बता दें कि रायबरेली भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि 30 अगस्त को जब भाजपा प्रदेश महामंत्री पंकज सिंह आये थे तब भी शहर में लाइट नहीं थी। इस संदर्भ में ऊर्जा मंत्री के जनसंपर्क अधिकारी अंकुश त्रिपाठी ने दोपहर का सामना को बताया कि प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर 24 घंटे बिजली की आपूर्ति है।चूंकि इस समय बहुत जगह बाढ़ आई हुई है इस लिए गांव देहात में बिजली से कोई खतरा न हो इस लिए बिजली काटी जाती है।