" /> चीन से अपनी फैक्ट्री हटाओ वरना बीमा बंद! ग्लोबल सेक्टर को बीमा कंपनियों की चेतावनी

चीन से अपनी फैक्ट्री हटाओ वरना बीमा बंद! ग्लोबल सेक्टर को बीमा कंपनियों की चेतावनी

-चीन को बड़ा आर्थिक झटका

*कॉरपोरेट कंपनियों में हलचल
*चीन से शुरू हो गया है पलायन
*1,000 कंपनियां भागने को तैयार

ट्रेड वॉर और कोरोना वायरस का अगला पड़ाव काफी खतरनाक है। कम से कम चीन के लिए। फैक्ट्रियों का बीमा करनेवाली बड़ी बीमा कंपनियों ने उन मल्टीनेशनल कॉरपोरेट कंपनियों को चेतावनी दे दी है कि जिनकी फैक्ट्री चीन में लगी होगी, वे उनका बीमा नहीं करेंगी। ऐसे में मल्टीनेशनल कॉरपोरेट कंपनियों में बेचैनी का आलम है। यही कारण है कि बहुत सी कंपनियों ने चीन से भागमभाग का फैसला किया है।
गौरतलब है कि बड़ी कंपनियां हर साल अपनी फैक्ट्री का बीमा करवाती हैं। ये 100 करोड़ से लेकर 1,000 करोड़ या उससे भी ज्यादा का होता है और इसके लिए मोटी प्रीमियम भी ली जाती है। अब यूएस-चाइना ट्रेड वॉर के बाद बीमा कंपनियां हवा का रुख भांपने में लगी हैं और उन्हें चीन में लगी फैक्टरियों का बीमा करने में खतरा नजर आ रहा है। क्योंकि अगर चीन पर कोई आर्थिक प्रतिबंध लगता है या कोई युद्ध भड़कता है तो यह बीमा कंपनियों के लिए काफी नुकसान भरा हो सकता है। अगर 10-20 फैक्ट्री नष्ट हो गई तो उसका पैसा भरने में बीमा कंपनियों का दिवाला निकल जा सकता है। दूसरे अधिकांश बड़ी बीमा कंपनियां यूएस और यूरोप की हैं। कोरोना वायरस के आउटब्रेक के बाद चीन के खिलाफ जो वैश्विक माहौल बना है उसे ये बीमा कंपनियां भरसक भांप रही हैं। खबर है कि पिछले 3 महीनों में दर्जनों कंपनियों को बीमा करने से नकारा जा चुका है। जापान में बैठी एक बड़ी कंपनी ने तो अपने क्लाइंट को साफ कह दिया है कि पहले चीन से अपनी फैक्ट्री हटाओ, तभी बीमा करेंगे।

कोरोना वायरस के साइड इफेक्ट
यह कोरोना वायरस का साइड इफेक्ट है कि अब मल्टीनेशनल कंपनियां चीन से भागने लगी हैं। खबर है कि करीब 1,000 कंपनियां चीन से अपना बोरिया-बिस्तर समेट कर भागने की तैयारी कर चुकी हैं। दक्षिण कोरिया की मोबाइल कंपनी सैमसंग ने तो गत ऑक्टूबर में ही चीन के हुएजु शहर में स्तिथ अपने आखिरी मोबाइल फोन की फैक्ट्री बंद कर दी थी। अब वो फैक्ट्री दिल्ली के पास नोयडा में शिफ्ट हो चुकी है। सैमसंग के चले जाने से हुएजु शहर खाली हो गया है। वहां के होटल रेस्टोरेंट आदि में सन्नाटा पसरा है और हुएजु भूतिया शहर में तब्दील हो चुका है। दूसरी दिलचस्प बात यह है कि नोयडा में जो फैक्ट्री लगी है, उसमें चीन के मुकाबले दोगुना उत्पादन हो रहा है। इसी तरह लावा ने भी अपनी डिजाइनर टीम को चीन से भारत शिफ्ट करने का एलान किया है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार करीब 200 कंपनियां चीन से अपनी प्रोडक्शन यूनिट भारत शिफ्ट करना चाहती हैं और इसके लिए सरकारी स्तर पर बातचीत चल रही है। उधर जापान के पीएम शिंजो आबे ने भी पिछले महीने अपने देश की सभी कंपनियों को कह दिया है कि वे जापान से अपनी प्रोडक्शन यूनिट हटाएं और इसके लिए आबे ने बजट में एक मोटी राशि भी जारी की है।