" /> मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने किया कोटा में फंसे छात्रों को लाने का वादा पूरा

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने किया कोटा में फंसे छात्रों को लाने का वादा पूरा

कोटा से 32 छात्रों को लेकर बस रायगढ़ लिए रवाना

महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के छात्र आईआईटी व मेडिकल की पढ़ाई के लिए कोटा (राजस्थान) गए थे। कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण देश में शुरू हुई लॉक डाउन के कारण छात्र कोटा में फंस गए थे। उनके माता-पिता ने जिले की पालक मंत्री अदिति तटकरे से कोटा में फंसे हुए छात्रों को गांव वापस लाने की मांग की थी। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भी अपने लाइव प्रसारण में कोटा में फंसे छात्रों को लाने का वादा किया था। मुख्यमंत्री ने अपने वादा को पूरा किया। कोटा में फंसे रायगढ़ जिले के 32 छात्रों को लेकर कल बस रायगढ़ के लिए रवाना हो गई है।
बता दें कि रायगढ़ जिले के पालकमंत्री अदिति तटकरे ने एक पत्र के माध्यम से कोटा में फंसे छात्रों को लाने का राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और उप मुख्यमंत्री अजीत पवार से अनुरोध किया था। अब अदिती तटकरे की मांग पूरी हो गई। राजस्थान सरकार ने महाराष्ट्र सरकार की मांग पर रायगढ़ जिले के 32 छात्रों को अपने गृहनगर रायगढ़ जिले में जाने की अनुमति दे दी है। छात्रों के संबंध में रायगढ़ की जिला कलेक्टर श्रीमती निधि चौधरी ने टेलीफोन द्वारा कोटा के जिला कलेक्टर से भी संपर्क किया और इन छात्रों को कोटा से रायगढ़ लाने की योजना के बारे में चर्चा की थी और अतिरिक्त जिलाधकारी डॉ. भरत शितोले, तहसीलदार विशाल दौंडकर ने आगे के समन्वय के लिए आवश्यक तैयारी की।  इन 32 छात्रों को लेकर आनेवाली बसें कल सुबह 28 तारीख को कोटा से रवाना हुई हैं। यात्रा के दौरान उज्जैन और धुले में छात्रों के लिए भोजन के पैकेट की व्यवस्था की गई है। एहतियात के तौर पर, छात्रों को पनवेल लाए जाने के बाद उनका कोविड -19 का परीक्षण किया जाएगा। उसके बाद इन सभी छात्रों को कम से कम 28 दिनों के लिए घर के अंदर आइसोलेशन में रखा जाएगा। ऐसा पालक मंत्री सुश्री अदिति तटकरे ने बताया।