" /> यात्रीगण कृपया ध्यान दें…, आ रही है ४४ वंदे भारत,

यात्रीगण कृपया ध्यान दें…, आ रही है ४४ वंदे भारत,

 रेलवे ने निकाला टेंडर
 ७५ फीसदी स्वदेशी उपकरण की शर्तें

भारतीय रेलवे में तेजी से निजीकरण का दौर शुरू हो गया है। मेक इन इंडिया के तहत जल्द ही भारत में ४४ वंदे भारत ट्रेनें दौड़ेंगी। रेलवे ने ४४ वंदे भारत ट्रेन सेट बनाने के लिए कल नए सिरे से निविदा जारी की, जिसमें ७५ प्रतिशत उपकरणों के भारत निर्मित होने की शर्त रखी गई है। नई योजना में अब ये ट्रेन सेट इंटीग्रल कोच पैâक्टरी (आईसीएफ) चेन्नई के अलावा मॉडर्न कोच पैâक्टरी (एमसीएफ) रायबरेली और रेल कोच पैâक्टरी (आरसीएफ) कपूरथला में भी बनाए जाएंगे।
सूत्रों के अनुसार पहले यह एक वैश्विक निविदा थी लेकिन इस बार इसे घरेलू निविदा के रूप में जारी किया गया है। इच्छुक निवेशकों के लिए निविदा पूर्व बैठक २९ सितंबर को होगी, जबकि निविदा १७ नवंबर को खुलेगी। बोली दो चरणों में होगी, जिसमें निमार्ण ईकाइयां अपनी लागत बताएंगी और खरीदार तय करेगा कि किसका उत्पाद खरीदा जाए।
रेल मंत्रालय के अनुसार यह निविदा मेक इन इंडिया नीति पर आधारित होगी, जिसमें स्थानीय सामग्री का अनुपात न्यूनतम ७५ प्रतिशत है। औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग द्वारा आत्मनिर्भर भारत की पुनरक्षित शर्तों के अनुरूप यह पहली बड़ी निविदा है।
इससे पहले रेलवे ने एक माह पहले २२ अगस्त को ४४ सेमी हाईस्पीड वंदे भारत ट्रेनों के निमार्ण की निविदा रद्द कर दी थी, जो पिछले साल आमंत्रित की गई थी। जुलाई में जब निविदा खोली गई तो १६ डिब्बे वाली इन ४४ ट्रेनों के इलेक्ट्रिकल उपकरणों एवं अन्य सामान की आपूर्ति के लिए छह दावेदारों में से एक चीनी संयुक्त उपक्रम एकमात्र विदेशी दावेदार के रूप में सामने आया था। चीनी कंपनी सीआरआरसी योंगजी इलेक्ट्रिक कंपनी लिमिटेड और गुरुग्राम की पायनियर इलेक्ट्रिक (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड के बीच यह संयुक्त उपक्रम वर्ष २०१५ में बना था। रेल मंत्रालय ने एक ट्वीट में निविदा रद्द करने की घोषणा करते हुए कहा था कि ४४ सेमी-हाई स्पीड ट्रेनों (वंदे भारत) के निमार्ण की निविदा रद्द कर दी गई है। संशोधित सार्वजनिक खरीद (मेक इन इंडिया को वरीयता) आदेश के अंतर्गत जल्द ही ताजा निविदा आमंत्रित की जाएगी।