" /> विकास दुबे का गुर्गा गुड्डन चलाएगा गैंग!, जेल से करेगा ऑपरेट

विकास दुबे का गुर्गा गुड्डन चलाएगा गैंग!, जेल से करेगा ऑपरेट

दुर्दांत अपराधी विकास दुबे और उसके कुछ साथियों को मुठभेड़ में मार गिराए जाने के बाद उसका गैंग खत्म हो गया है। अगर आप ऐसा सोच रहे हैं तो गलत हैं। दुबे के कुछ गुर्गे जेल में बंद हैं और इनमें सबसे प्रमुख है गुड्डन त्रिवेदी। यह काफी शातिर है। चर्चा है कि गैंग की कमान ये गुड्डन ही संभालनेवाला है और वह इसे जेल से ही ऑपरेट करनेवाला है। गुड्डन को दुबे का सबसे बड़ा राजदार बताया जा रहा है। यह जिला पंचायत का सदस्य भी है। अपराध जगत के जानकारों की बातों पर यदि यकीन किया जाए तो गुड्डन एक सोची समझी रणनीति के तहत कानपुर आया था। गुड्डन को पता था कि अगर पुलिस महाराष्ट्र से लेकर कानपुर आएगी तो कानपुर देहात की माती जेल में रखेगी। इससे उसका काम और भी आसान हो जाएगा। सूत्रों के मुताबिक गुड्डन त्रिवेदी जेल में बैठकर पूरे गैंग को ऑपरेट कर सकता है। गुड्डन का संरक्षण पाए हुए कई साथी पहले से ही माती जेल में बंद हैं। इसके साथ ही बिकरू पुलिस नरसंहार के पकड़े गए सभी आरोपी माती जेल में हैं। गुड्डन पर आरोप है कि बिकरू गांव हत्याकांड में असलहों के साथ बाइक से बदमाशों को बिकरू भेजा था। कानपुर देहात से जिला पंचायत सदस्य गुड्डन त्रिवेदी को पर्दे के पीछे रहकर वारदातों को अंजाम देने में महारत हासिल है। इस बात को सभी जानते हैं कि गुड्डन और विकास एक ही सिक्के के दो पहलू थे। दोनों में फर्क सिर्फ इतना था कि विकास गुस्से और खुन्नस में आकर काम करता था और गुड्डन शांत होकर सोच-समझकर किसी घटना को अंजाम देता था। गुड्डन को बिकरू गांव हत्याकांड के बाद महाराष्ट्र एटीएस ने उसके ड्राइवर सोनू के साथ गिरफ्तार किया था। कानपुर पुलिस ने पहले तो गुड्डन के इस हत्याकांड में शामिल होने से इनकार किया था। फिर कानपुर पुलिस ने गुड्डन से पूछताछ के लिए ट्रांजिट रिमांड पर लाने का पैâसला किया था। ट्रांजिट रिमांड में जब पुलिस गुड्डन को कानपुर लाई तो सिर्फ रात में ही पूछताछ करने के बाद अगले दिन सुबह ही उसे जेल भेज दिया। लेकिन पुलिस उससे यह नहीं उगलवा सकी कि बदमाशों द्वारा इस्तेमाल किए गए असलहे कहां छिपाए गए हैं। गुड्डन के सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से अच्छे संबंध हैं। कई सफेदपोश नेताओं के साथ उसकी फोटो भी वायरल हुई थी। इसके साथ ही कानपुर देहात की पुलिस से लेकर जिला प्रशासन के अधिकारियों से भी संबंध है। माती जेल में भी लोग भलिभांति जानते हैं। माती जेल उसके लिए किसी आरामगाह से कम नहीं है। फरारी के दौरान विकास दुबे भाग कर मध्य प्रदेश पहुंचा था, और गुड्डन महाराष्ट्र। हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे मध्यप्रदेश के उज्जैन मंदिर से गिरफ्तार किया गया था। विकास के एनकांटर के बाद अचानक से खबर आती है कि महाराष्ट्र से एटीएस ने गुड्डन त्रिवेदी को गिरफ्तार कर लिया है। विकास दुबे के एनकाउंटर के बाद उसे शक था कि यदि ज्यादा दिन फरारी काटी तो विकास की तरह कहीं उसका भी एंकाउटर न हो जाए। ट्रांजिड रिमांड के दौरान उसने प्लेन से कानपुर आने की जाने की अपील की थी। इसके बाद कानपुर पुलिस उसे एयरलिफ्ट कराकर कानपुर पहुंची थी।