" /> विक्रांत व्यू….इस फरमान को क्या कहें?

विक्रांत व्यू….इस फरमान को क्या कहें?

पंचायत हो या अदालत, वे कभी-कभार बहुत अजीबोगरीब फैसले सुनाती हैं। लेकिन इस तरह के फैसले से उन लोगों को जरूर सबक मिलेगा जो बिना बात के शादी तोड़ देते हैं। सगाई के बाद युवती से रिश्ता तोड़नेवाले एक युवक को बिरादरी की पंचायत ने एक अजीबो-गरीब फरमान सुनाया है। पंचायत ने युवक की शादी पर दो साल तक पाबंदी लगा दी है। यदि वह २ साल के पहले शादी करने की कोशिश करता है तो बिरादरी उसके परिवार का भी बहिष्कार करेगी। यही नहीं बिरादरी की पंचायत ने युवक के परिजनों पर ४० हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। यह राशि युवती के परिजन को दी जाएगी। हम इस तरह के फैसले का सम्मान करते हैं।
यूपी के माननीय!
कहते हैं कि देश के सभी राजनीतिक, सामाजिक व सांस्कृतिक सवालों का जवाब उत्तर प्रदेश में मिल जाता है। ये विविधता से भरा हुआ प्रदेश है जो कि देश को प्रधानमंत्री से लेकर माफिया डॉन तक मुहैया कराता है। मंत्री से लेकर संतरी तक की फसल उत्तर प्रदेश में प्रचुर मात्रा में होती है। इसी प्रदेश के कुछ इलाकों में घर-घर में कट्टे का कुटीर उद्योग भी चलता है। इसलिए अपराधी विधायकों के मामले में भी यह अग्रणी प्रदेश है। उत्तर प्रदेश विधानसभा में कुल ३९६ विधायक हैं। ७ सीटें रिक्त हैं। इन ३९६ माननीयों पर एक एनजीओ का सर्वे बहुत कुछ कह देता है। इन ३९६ माननीयों में से ३५ फीसदी यानी १४० विधायकों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं, इनमें से २७ फीसदी यानी १०६ विधायकों पर गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इसका मतलब यह भी होता है कि उत्तर प्रदेश के ३५ फीसदी विधायक सर्वगुण संपन्न हैं। वे हरेक प्रकार के सतकर्म करने में प्रवीण हैं।
हाइटेक जेबकतरे!
डिजिटल जमाने में जेबकतरे भी हाइटेक हो गए हैं। दिल्ली मध्य जिला पुलिस ने जेबकतरों के एक ऐसे गिरोह को पकड़ा है जो कि टेलीग्राम ऐप के सीक्रेट चैट के जरिए अब तक ५०० वारदातों को अंजाम दे चुका है। सीक्रेट चैट में मैसेज १० मिनट बाद अपने आप डिलीट हो जाते हैं। गिरोह के सदस्य दिनभर वारदात करते थे और रात को ऐप अनइंस्टाल कर देते थे ताकि किसी के पकड़े जाने पर गिरोह के बारे में पुलिस को जानकारी न मिले। इसी तरह से पुलिस की पकड़ में आने से बचने के लिए दिल्ली के जेबकतरों ने व्हॉट्सऐप ग्रुप पर बात करने का नया तरीका भी ढूंढ़ निकाला है। लोगों की जेब काटनेवाले कुछ स्मार्ट जेबकतरों ने अपने गैंग के व्हॉट्सऐप ग्रुप बना रखे हैं। इन ग्रुप में यह जेबकतरे हर दिन जेब काटने का अपना टाइम टेबल और इलाका भी तय करते हैं। यह सब कोड वर्ड में चलता है। मसलन, आज हम लोग लालकिला इलाके में बिरयानी खाएंगे, तो बदरपुर में जूस पीने जाएंगे। तो इसका मतलब यह होता था कि उस इलाके में लोगों की जेब साफ होनेवाली है।
मुफ्तखोर बनाने का अभियान
मुफ्तखोर बनाने में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की कोई बराबरी नहीं कर सकता। चुनावी समय में इस तरह की मुफ्तखोरी का रोग वोटरों को देश में सबसे पहले तमिलनाडु के राजनेताओं ने लगाया था। वोटरों को मुफ्त में साड़ी, कलर टीवी, मंगलसूत्र, प्रेशर कुकर बांटकर अन्नाद्रमुक व द्रमुक ने वोटरों का दोहन कर सत्ता हासिल की। इस रोग को केजरीवाल दिल्ली लेकर आए। प्रत्येक परिवार को मुफ्त में २०० यूनिट बिजली तथा २० हजार लीटर पानी देकर केजरीवाल ने लगातार २ चुनावों में कामयाबी हासिल की। दिल्लीवासियों को मुफ्तखोर बनानेवाले केजरीवाल अब पंजाब में भावी चुनाव के पहले एलान कर दिया है कि यदि उनकी सरकार बनी तो १८ साल से ज्यादा उम्रवाली सभी महिलाओं को हर महीने १००० रुपए दिए जाएंगे। बुजुर्ग महिलाओं को वृद्धावस्था पेंशन के अलावा यह रकम दी जाएगी। इस रकम के लिए १८ साल की समय सीमा क्यों है? तो १८ साल से ज्यादा वाले ही तो वोट देते हैं। कुल मिलाकर केजरीवाल का मुफ्तखोर बनाने का अभियान जारी है।
लेखक तीन दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और ११ पुस्तकों का लेखन-संपादन कर चुके वरिष्ठ व्यंग्यकार हैं।