" /> BJP-JJP  का आना मना है!… हरियाणा के गांव-गांव में लगे गांवबंदी के बोर्ड

BJP-JJP  का आना मना है!… हरियाणा के गांव-गांव में लगे गांवबंदी के बोर्ड

 ‘कमल’ को मिला किसानों का अल्टीमेटम

केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ का किसानों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। पिछले लगभग दो महीनों से दिल्ली सीमा पर आंदोलनरत किसानों के साथ सरकार ने पहले तो बेरुखी दिखाई और किसानों के आंदोलन को नजरअंदाज किया। फिर किसानों की जिद के आगे सरकार मजबूर हो गई। किसानों के साथ सरकारी नुमाइंदों ने बैठकें शुरू कर दीं। सुप्रीम कोर्ट ने जब इस मामले में सरकार को कड़ी फटकार लगाई, तब सरकार के लोग एक्टिव मोड में आ गए। सरकार और किसानों के बीच कई बैठकें हुर्इं लेकिन किसान अब तक सरकार की ओर से दिए जाने वाले आश्वासनों से संतुष्ट नहीं दिखाई दे रहे। किसानों के गुस्से का आलम यह है कि हरियाणा के ६० से ऊपर गांवों में बीजेपी-जेजेपी वालों के लिए गांवबंदी के बोर्ड लगा दिए गए हैं। उस बोर्ड में साफ-साफ लिखा है कि बीजेपी के चमचों का इस गांव में आना मना है!

आक्रोशित किसान ‘कमल’ और कमल वालों से समय-समय पर विरोध जताते रहे हैं। इस बार यह चेतावनी कुछ ज्यादा ही कड़ी बताई जा रही है। कई ऐसे वीडियो भी वायरल हो रहे हैं जिसमें गांव के लोग वाहनों पर भाजपा के लगे झंडों को निकालकर आगे जाने की सलाह दे रहे हैं। ग्रामवासी भाजपा के झंडे वाली गाड़ियों के चालकों से कह रहे हैं कि अपनी सुरक्षा के लिए झंडे निकालकर आगे बढ़िए वरना आप किसानों के गुस्से का शिकार हो सकते हैं।
बता दें कि सरकार से जारी किसानों के विरोध के बीच, हरियाणा में ६० से अधिक गांवों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और गठबंधन के साथी जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के नेताओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
हरियाणा में विभिन्न खापों के अलावा कई गांवों के निवासियों ने नए कृषि कानूनों का समर्थन करने के लिए भाजपा और जेजेपी के मंत्रियों और विधायकों के बहिष्कार का आह्वान किया है। भाजपा और जेजेपी नेताओं के विरोध में किसान हरियाणा में पिछले कई हफ्तों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। किसानों के आंदोलन को लेकर, जेजेपी नेता और हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने विरोध के मुद्दों पर विचार-विमर्श करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने का कार्यक्रम बनाया है।