" /> वेटिंग लिस्ट का टेंशन होगा खत्म!

वेटिंग लिस्ट का टेंशन होगा खत्म!

भारतीय रेलवे ने दिल्ली-मुंबई और लखनऊ-दिल्ली रूट पर प्राइवेट ट्रेन चलाकर रेल निजीकरण की दिशा में कदम बढ़ाना शुरू कर दिया है। भारतीय रेलवे ने प्राइवेट ट्रेन चलाकर ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट को खत्म करने की योजना बनाई है। योजना के मुताबिक इस योजना में रेलवे सबसे पहले दिल्ली-मुंबई रूट पर चलनेवाली ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट खत्म करेगी।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक रेलवे ने इस योजना के तहत दिल्ली से मुंबई और दिल्ली से हावड़ा रूट पर सबसे पहले यात्री ट्रेनों से वेटिंग लिस्ट खत्म किए जाने का प्लान बनााया है। इन रूटों पर यात्रियों को किसी भी समय कन्फर्म टिकट मिल सकेगा। अगले तीन सालों में इन रूटों पर कन्फर्म टिकट मिलना शुरू हो जाएगा। रेलवे दिसंबर, २०२१ तक डीएफसी कॉरीडोर को पूरी तरह से बनाकर तैयार कर देगी। इस कॉरीडोर के बनने के बाद सभी मालगाड़ियां इसी कॉरीडोर पर चलेंगी।इससे रेलवे के सामान्य नेटवर्क पर और ज्यादा यात्री ट्रेनों को चलाया जा सकेगा। उम्मीद की जा रही है कि डीएफसी के बन जाने के बाद रेलवे की ट्रांसपोर्टेशन क्षमता दो गुना से ज्यादा बढ़ जाएगी। ऐसे में यात्रियों को ज्यादा ट्रेनें चलाकर कन्फर्म सीट दी जा सकेगी। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष के मुताबिक आनेवाले समय में रेलवे यात्रियों की मांग के आधार पर ट्रेनें चलाने की स्थिति में होगा।
रेलवे की ओर से तैयार किए गए प्लान के मुताबिक २०२२-२३ तक १२ ट्रेनें चलाई जाएंगी, २०२३-२०२४ तक ४५ ट्रेनें चलाई जाएंगी, २०२५-२६ तक ५० और ट्रेनों को चलाया जाएगा और ४४ और गाड़ियों को अगले फाइनेंशियल ईयर में चलाया जाएगा। सभी १५१ प्राइवेट ट्रेनों को वित्त वर्ष २०२६-२०२७ तक चला दिया जाएगा। रेल अधिकारियों के मुताबिक रेलवे २०२३ से १२ प्राइवेट ट्रेनें चलाना शुरू कर सकता है, जबकि ४५ और प्राइवेट ट्रेनों को अगले फाइनेंशियल ईयर से चलाया जा सकता है। भारतीय रेलवे ने साफ किया है कि प्राइवेट ट्रेनों को मार्च, २०२३ से चलाना शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए पूरी तरह तैयारी की जा रही है। प्राइवेट ट्रेनों के लिए निकाले गए टेंडर को मार्च, २०२१ तक फाइनल कर दिया जाएगा। इसके बाद ट्रेनें मार्च, २०२३ से चलनी शुरू हो जाएंगी।