" /> कमजोर सलाखें, फौलादी हुए गुनहगारों के हौसले

कमजोर सलाखें, फौलादी हुए गुनहगारों के हौसले

 कैदी हो रहे हैं जेल से फरार
ब्रिटिश महिला का बलात्कारी हुआ तीसरी बार चंपत

निर्भया के गुनहगारों की फांसी से बलात्कार या महिलाओं के शोषण की मानसिकता रखनेवाले दूसरे लोगों को सख्त संदेश मिलेगा। लोग बलात्कार जैसा घिनौना जुर्म करने से बचेंगे। महिलाएं सुरक्षित हो जाएंगी। ऐसी तमाम सोच आज गलत साबित हो रही है। बलात्कार के बाद पीड़िता की हत्या या पीड़िता द्वारा खुदकुशी की घटनाएं आज आम हो गई हैं। हाल ही में दिल्ली के नजफगढ़ स्थित छावला इलाके में ३३ वर्षीय युवक ने एक ९० साल की वृद्धा को मारा-पीटा और अपनी हवस का शिकार बना डाला। इसी तरह उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में एक नाबालिग से ४ लोगों ने गैंगरेप किया। पीड़िता कहीं उनके कुकर्मों का राजफाश न कर दे, इस डर से उन कुकर्मियों ने पीड़िता की जबान काट दी। बलात्कारी अपने कुकर्मों का कीर्तिमान तोड़ रहे हैं क्योंकि बलात्कारियों में कानून का खौफ खत्म होता जा रहा है। उनके समक्ष जेल की सलाखें कमजोर साबित होने लगी हैं। पुलिस हिरासत या जेल से वैâदियों के भागने के कई मामले हाल ही में सामने आ चुके हैं। हद तो तब हो गई जब गोवा में एक बलात्कारी तीसरी बार पुलिस को चकमा देकर भाग निकला। उस पर एक ब्रिटिश महिला से रेप का आरोप है।

तमिलनाडु का रहनेवाला रामचंद्रन चेन्नाद येलाप्पा गोवा सेंट्रल जेल से फरार हो गया है। रामचंद्रन चेन्नाद येलाप्पा के खिलाफ ब्रिटिश महिला के साथ कथित तौर पर बलात्कार करने का मामला चल रहा है। घटना दिसंबर २०१८ में दक्षिण गोवा जिले के कनाकोना में हुई थी। वह मंगलवार सुबह सेंट्रल जेल से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। हालांकि जेल में सीसीटीवी वैâमरों में येलाप्पा जेल के गेट से बाहर निकला नजर नहीं आया है। ऐसे में वह जेल से बाहर वैâसे निकला होगा या जेल में ही कहीं छिपा बैठा है, यह बात पुलिस के लिए सिरदर्द बन गई है।
वर्ष ६ दिसंबर, २०१८ को गोवा के कानाकोना में एक ब्रिटिश महिला पर्यटक के साथ बलात्कार की घटना घटी थी। पीड़िता के साथ उक्त घटना पणजी से लगभग १०० किलोमीटर दूर स्थित कानाकोना में सुबह करीब चार बजे के करीब हुई। उस समय पीड़िता पालोलेम बीच की तरफ जा रही थी। असल में पीड़िता वर्ष २००८ से हर साल गोवा में छुट्टियां मनाने के लिए आती थी। पीड़िता को उत्तरी गोवा स्थित थिविम स्टेशन जाना था। इसके लिए उसे कानाकोना से ट्रेन पकड़नी थी लेकिन दुर्भाग्य से ट्रेन लेट थी इसलिए वह पालोलेम बीच के समीप स्थित उसी जगह पर जा रही थी, जहां वह ठहरी थी। उसी दौरान खाली रास्ते एवं रात का लाभ उठाकर एक अज्ञात व्यक्ति उसे जबरन खींचकर सड़क के किनारे ले गया और उसके साथ बलात्कार किया। बलात्कार करने के बाद आरोपी ने महिला के साथ लूटपाट भी की। आरोपी पीड़िता के पास मौजूद दो बैग भी लेकर भाग गया था, जिसमें २० हजार रुपए भी थे।
वारदात के बाद तमिलनाडु के तंजावुर जिले के निवासी रामचंद्रन चेन्नाद को पेर्नम पुलिस ने मडगांव से गिरफ्तार किया था। चेन्नाद यह पता लगाने की कोशिश कर रहा था कि बलात्कार के उस मामले में पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज किया है या नहीं। चेन्नाद उससे पहले ही जेल ब्रेक के एक मामले में वांछित चल रहा था। उत्तरी गोवा जिले के पेर्नम में ३० लाख रुपए की लूट मामले में पेर्नम पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था लेकिन गिरफ्तारी के लगभग एक महीने बाद वह फरार हो गया था। बाद में तमिलनाडु में पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। लेकिन गत वर्ष जून महीने में कोर्ट जाने के दौरान येलाप्पा पुलिस को चकमा देकर एक बार फिर फरार हो गया था। ब्रिटिश युवती के साथ रेप के आरोप में पुलिस ने उसे एक बार फिर गिरफ्तार किया तो पीड़िता का एटीएम कार्ड उसके पास से मिला था लेकिन ३२ वर्षीय वैâदी रामचंद्र येलप्पा चेन्नाद एक बार फिर पुलिस को चकमा देकर भागने में कामयाब हो गया है। ४८ घंटे से ज्यादा समय से पुलिस उसकी तलाश कर रही है। मंगलवार सुबह करीब सवा ६ बजे वह सेंट्रल जेल के अंदर से ही लापता हो गया। चेन्नाद ने पेट दर्द की शिकायत की थी, जिसके बाद उसे जेल परिसर के भीतर इलाज के लिए डिस्पेंसरी भेजा गया था लेकिन डिस्पेंसरी पहुंचने की बजाय वह गायब हो गया। आशंका ये जताई जा रही है कि चेन्नाद किसी तरह से जेल की ऊंची दीवारों को फांद कर फरार हो गया होगा। क्योंकि जेल के सीसीटीवी फुटेज की जांच से पता चला है कि रामचंद्रन मेन गेट से बाहर नहीं निकला था, जो कि परिसर में और बाहर जाने का एकमात्र रास्‍ता है। फिलहाल वह जेल के अंदर भी छिपा हो सकता है यह मानकर पुलिस उसकी तलाश कर रही है। वैसे किसी वैâदी के तीसरी बार हिरासत से पुलिस को चकमा देकर भागने की यह घटना पुलिस को शर्मसार करने व दूसरे गुनहगारों को प्रोत्साहित करनेवाली घटना सिद्ध हो सकती है।