" /> बेटे फंसे लॉकडाउन में पत्नी ने किया पति का दाह संस्कार!

बेटे फंसे लॉकडाउन में पत्नी ने किया पति का दाह संस्कार!

लॉकडाउन के कारण जिले की हर्रैया तहसील में स्थानीय थाना क्षेत्र के ग्राम कोदई निवासी एक व्यक्ति के तीन पुत्रों के बाहर होने के चलते उसकी पत्नी को अपने पति का दाह संस्कार करना पडा। लॉकडाउन के दौरान पुत्र और पौत्रो के न आ पाने के कारण मजबूरी में पत्नी को मुखाग्नि देनी पड़ी। जब पत्नी ने मुखाग्नि दी तो वहां मौजूद लोगों की आंखों में बरबस ही आंसू आ गए। कोदई निवासी 70 वर्षीय संतराम पुत्र देवतादीन की हृदयगति रुक जाने से रविवार को मौत हो गई। घर में उनकी पत्नी कैलाशी देवी ही मौजूद थीं। मौत के बाद उन्होंने अपने परिवार के साथ पूना में रह रहे अपने बड़े पुत्र राधेकृष्ण, हरियाणा में रह रहे अपने मझले पुत्र अर्जुन और पंजाब में रह रहे अपने छोटे पुत्र सुभाष को फोन से पिता के निधन की सूचना दी। लेकिन ट्रेन और हवाई जहाज बंद होने के चलते तीनों तत्काल घर से नहीं निकल पा रहे थे। फोन से बातचीत के बाद जब उन्हें लगा कि बच्चों को आने में तीन-चार दिन का समय लग सकता है तो पड़ोसियों ने उन्हें ही मुखाग्नि देने की सलाह दी। मान्यता के अनुसार हिंदू धर्म में पुत्रों के होते हुए पत्नी को दाह संस्कार नहीं करना चाहिए लेकिन मजबूरन उनकी पत्नी कैलाशी देवी को मुखाग्नि देनी पड़ी और मनोरमा नदी के तट पर संतराम का दाह संस्कार किया गया।