" /> डेटा केंद्रों को प्रोत्साहन देंगे!, – मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे

डेटा केंद्रों को प्रोत्साहन देंगे!, – मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे

हीरानंदानी समूह द्वारा मुंबई के पास एशिया के सबसे बड़े डेटा केंद्र स्थापित करने से निश्चित रूप से राज्य को लाभ होगा। इस तरह से हमें सूचना व तकनीकी के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए। डेटा के महत्व को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार भविष्य में भी, विशेषकर डेटा केंद्रों को प्रोत्साहन देगी, ऐसा मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा। मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्प्रâेंसिंग के माध्यम से कल पनवेल स्थित ६०० एकड़ के हीरानंदानी फॉर्च्यून सिटी में ८.२ लाख वर्ग फीट पर बने योट्टा डेटा सेंटर का उदघाटन किया। इस अवसर पर केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद और उद्योग मंत्री सुभाष देसाई उपस्थित थे।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने डेटा आधारित अर्थव्यवस्था को प्राथमिकता देने का फैसला किया है। इसे देखते हुए हम राज्य में डेटा केंद्र स्थापित करने को प्राथमिकता दे रहे हैं। स्टेट ऑफ दी आर्ट डेटा सेंटर्स के कारण विश्व स्तर पर महाराष्ट्र का प्रभाव बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र ने महाजॉब्स पोर्टल लॉन्च करके एक बड़ी छलांग लगाई है। हमें सभी प्रकार के मनुष्यबल की आवश्यकता है। उद्योग और नौकरी चाहनेवालों की जरूरतों को पूरा करने के लिए महाजॉब्स एक अनूठा पोर्टल है। अतीत में केवल बेरोजगारों की जानकारी एम्प्लायमेंट से मिलती थी। लेकिन यह ज्ञात नहीं होता था कि कितने लोगों को रोजगार मिला? यह सुनिश्चित करने के लिए ध्यान रखा जाएगा कि पोर्टल के मामले में ऐसा न हो। इस पोर्टल की नियमित रूप से समीक्षा की जाएगी कि यह रोजगार देने के लिए कितना उपयोगी है। इस पोर्टल के माध्यम से कितने रोजगार उपलब्ध कराए गए हैं, इसकी जानकारी भी दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि तकनीकी आज हमारी बहुत मदद कर रही है क्योंकि हम कोरोना से लड़ रहे हैं। टेलीमेडिसिन हो, टेलीआईसीयू हो या वर्ली में हमारा कोविड केंद्र, रोबोट डॉक्टरों की मदद कर रहे हैं। चाहे वह केंद्र सरकार का मोबाइल ऐप आरोग्य सेतु हो या हमारा डैशबोर्ड जो रोगियों या चिकित्सा उपकरणों के बारे में वास्तविक समय की जानकारी प्रदान कर रहे हैं। आज के युग में तकनीकी ज्ञान स्वास्थ्य को समृद्ध करनेवाला है। मुंबई में किस तरह से स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाकर दी गई हैं, इसकी जानकारी मुख्यमंत्री ने इस मौके पर दी। मौजूदा कोविड की विकट परिस्थिति में दाता और डेटा दोनों ही बहुत महत्वपूर्ण हो गए हैं, ऐसा मुख्यमंत्री ने कहा।
इस अवसर पर बोलते हुए, केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि हमारी सरकार आने से पहले देश में केवल दो मोबाइल कंपनियां थीं, अब २६० कंपनियां हैं। इंटरनेट का उपयोग दुनिया के डेटा का २० प्रतिशत है, लेकिन डेटा का उपयोग केवल २ प्रतिशत है। आनेवाले वर्षों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मोबाइल इकोनॉमी, डेटा मैनेजमेंट, डेटा स्टोरेज और सिक्योरिटी सबसे महत्वपूर्ण होगी। हमने डेटा प्रोटेक्शन एक्ट भी पास किया है, ऐसा उन्होंने बताया। कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्य कार्यकारी अधिकारी दर्शन हीरानंदानी ने इस डेटा सेंटर के बारे में जानकारी दी । हीरानंदानी ग्रुप के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. निरंजन हीरानंदानी व योट्टा इन्प्रâास्ट्रक्चर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील गुप्ता ने आखिर में सबका आभार प्रकट किया।