ट्रेन में हुआ तालिबानी तांडव! मनचले गैंग ने की महिला यात्रियों की बेरहमी से पिटाई

रेलवे प्रशासन यात्रियों की सुरक्षा का लाख दावा करे लेकिन इसके बावजूद छेड़खानी और मारपीट की घटनाएं घटती रहती हैं। ताजा घटनाक्रम में पुणे से काशी जा रहा महिला तीर्थ यात्रियों का जत्था तालिबानी तांडव का शिकार हो गया। जिस डिब्बे में महिलाएं यात्रा कर रही थीं, उसमें कुछ मनचले चढ़ गए। ये मनचले ट्रेन में दाखिल होने के साथ ही महिलाओं को परेशान करने लगे। ये लोग महिलाओं की सीट पर कब्जा करना चाहते थे जबकि कुछ ने महिलाओं का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। जिसका विरोध करने पर मनचलों ने महिलाओं की बेरहमी से पिटाई कर दी। मनचलों का तांडव यहीं पर नहीं रुका, इन्होंने महिला कोच पर तीन बार पत्थर भी बरसाए। इस दौरान कोच में कोई भी आरपीएफ का जवान मौजूद नहीं था।
जानकारी के अनुसार महाराष्ट्र के पुणे से ५०० महिलाओं का जत्था दर्शन के लिए काशी जा रहा था। महिलाओं का जत्था आरक्षित ५ कोचों में सफर कर रहा था। जैसे ही ट्रेन मध्य प्रदेश के कटनी स्टेशन पहुंची, वैसे ही कुछ मनचलों के ग्रुप ने कोच में चढ़कर महिलाओं की सीटों पर कब्जा जमा लिया। महिला यात्रियों के साथ ट्रेन में सफर कर रहे भिकाजी मावकर ने बताया कि शुरुआत में महिलाओं ने सीट पर से उठने के लिए युवकों को कहा तो वे नहीं माने, जबरन सीट पर कब्जा जमाए बैठे रहे।
यहां तक तो बात ठीक थी। इसी दौरान युवकों का कुछ ग्रुप महिला यात्रियों का वीडियो बना रहा था। जब महिला यात्रियों ने इसका विरोध किया तो मनचलों ने महिला यात्रियों के साथ मारपीट शुरू कर दी।
महिलाओं के साथ कुछ पुरुष भी यात्रा कर रहे थे। इनमें से एक भिकाजी मावकर ने बताया कि हमारे साथ अधिकांश महिलाएं पहली बार ट्रेन में सफर कर रही थीं। जब ट्रेन कटनी स्टेशन से छूटी तो मनचलों ने ट्रेन की चेन पुल कर हमारे कोच पर पत्थर भी बरसाए। ऐसा तीन बार हुआ। हम सभी लोग डर गए। वहीं महिला यात्रियों के जत्थे में शामिल नितिन थोरात ने बताया कि ट्रेन में सुरक्षा के लिए आरपीएफ का कोई भी जवान मौजूद नहीं था। जब ट्रेन दोपहर को सतना स्टेशन पहुंची तो आरपीएफ और जीआरपी के जवानों ने हमारा बयान दर्ज किया। इस घटना के कारण ट्रेन सतना स्टेशन ४०  मिनट देरी से पहुंची। ट्रेन में सफर कर रही महिला यात्री इस घटना से इतनी सहम गई थीं कि आगे किसी तरह की अप्रिय घटना दोबारा न हो, यह सोच कर आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने से मना कर दिया। महिला यात्रियों के जत्थे में शामिल भिकाजी मावकर ने बताया कि आरपीएफ के डीआईजी ने हमें आश्वासन दिया कि महिला यात्रियों को सफर के दौरान कोई दिक्कत नहीं होगी। डीआईजी ने हमें पुलिस प्रोटेक्शन दिया है। फिलहाल महिलाओं का समूह तीर्थ यात्रा कर ट्रेन से पुणे आ रहा है।