" /> वाह यूपी पुलिस!… रक्षक ही बने भक्षक

वाह यूपी पुलिस!… रक्षक ही बने भक्षक

लखनऊ के ८ पुलिसकर्मियों पर कानपुर में दर्ज हुआ लूट का मुकदमा

राजधानी पुलिस कमिश्नरी के डीसीपी पूर्वी लखनऊ की क्राइम ब्रांच में तैनात आठ पुलिसकर्मियों के खिलाफ काकादेव थाने में डकैती समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई की है। आरोप है कि एमबीए छात्र, उसके मामा व दोस्तों को उठाकर टॉर्चर किया और छोड़ने के एवज में ४० लाख रुपए वसूले। घर पर डाका डालकर नकदी व जेवरात लूटे।

आखिर में खुद को फंसता देख पुलिसकर्मियों ने साजिश के तहत इन सभी पर लखनऊ के गोमती नगर थाने में जुआं अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी दिखाई। शास्त्री नगर निवासी मयंक एक निजी इंजीनियरिंग कॉलेज से बीबीए की पढ़ाई कर रहे हैं। मयंक के मुताबिक २४ जनवरी २०२१ को शाम चार बजे अपने दोस्त जमशेद व आकाश गोयल के साथ बदनाम टी स्टॉल पर चाय पी। जब मयंक व आकाश वहां से घर के लिए चले तो डबल पुलिया के पास एक स्विफ्ट डिजायर कार (यूपी ३२ एलई २२८२) व एक बिना नंबर की नीले रंग की टाटा सूमो गोल्ड वहां आकर रुकी, जिसमें डीसीपी पूर्वी लखनऊ की क्राइम ब्रांच के पुलिसकर्मी मौजूद थे। आरोप है कि पुलिसकर्मी मयंक व आकाश गोयल को कार में उठा ले गए। लखनऊ वैंâट थाने में मारा-पीटा। फिर यहां से हजरतगंज में मयंक के मामा के घर जाकर दुर्गा सिंह को उठा लिया।

फिर कोचिंग संचालक शमशाद को लेकर फिर वैंâट थाने आते हैं। टॉर्चर करने के बाद २५ जनवरी के तड़के करीब साढ़े तीन बजे इन सभी को लेकर पुलिसकर्मी मयंक के घर पर दबिश देते हैं। आरोप है कि यहां से तीस हजार रुपए की नकदी व एक हार का सेट ले जाते हैं। वापस लखनऊ लौट जाते हैं। बाद में मयंक के परिवारवालों से ४० लाख रुपए की मांग करते हैं। उसी दिन सुबह परमट चौराहे पर पुलिसकर्मी यह रकम लेते हैं। जब इसकी शिकायत तत्कालीन डीआईजी डॉ. प्रीतिंदर सिंह से की जाती है तो इसकी भनक आरोपी पुलिसकर्मियों को लगती है, जिसके बाद आरोपी पुलिसकर्मी साजिश के तहत दुर्गा सिंह, मयंक सिंह, शमशाद अहमद, मुस्ताक, आकाश गोयल पर गोमती नगर जुआ अधिनियम के तहत केस दर्ज करवाकर २३ लाख रुपए की रिकवरी दिखाते हैं।