बॉलीवुड ने दुनिया को दिया याहू

गूगल की दुनिया में ‘याहू’ सर्च इंजिन है, जिस पर आप कुछ भी सर्च कर सकते हैं। गूगल और विंग के बाद ये सबसे ज्यादा सर्च किया जानेवाला इंजिन है। यह भी यूजर की क्यूरी को पूरे इंटरनेट से खोजकर यानी सर्च कर रिजल्ट लाता है। याहू का मतलब येट अनादर हायरेर्चिकल ऑफिसियस ओराक्ले है। यह १९९५ में लांच किया गया। यह एक मेल एकाउंट ई-मेल है। १९९४ में स्टेन फोर्ड यूनिवर्सिटी के दो छात्रों ने जेरी यांग तथा डेविड ने एक याहू नामक कमर्शियल वेबसाइट बनाया, जिसमें न्यूज के माध्यम से विज्ञापन चलते हैं।
१९६१ की बात है। निर्माता सुबोध मुखर्जी ने ‘अडोल्फ हिटलर’ जो एक जर्मन तानाशाह था। पूरा विश्व उसके नाम पर कांपता था। हिटलर न हंसता था, न गाता था और हर काम समय पर करता था। उसी के जीवन पर आधारित फिल्म ‘जंगली’ का निर्माण किया। हसरत जयपुरी के लिखे गीतों की धुन शंकर-जयकिशन ने तैयार किया था। यह सायरा बानो की पहली फिल्म थी। इसके हीरो शम्मी कपूर थे। यह रंगीन फिल्म थी। यह कश्मीर में फिल्माई गई थी। फिल्म का नायक शम्मी कपूर न हंसता है न गाता है। हर काम अपने उसूलों पर करता है। एक बार जब वह कश्मीर जाता है तो उसकी मुलाकात सायरा बानो से हो जाती है। बाद में दोनों में प्रेम हो जाता है। सायरा बानो से हुए प्रेम में वह पहली बार गाना गाता है ‘याहूऽऽऽ चाहे कोई मुझे जंगली कहे कहने दो जी कहता रहे हम प्यार के तूफानों में घिरे हैं हम क्या करें…’। इसी ‘याहू’ शब्द को विदेशियों ने अपनाकर ‘याहू डॉट कॉम’ बनाया। फिल्म ‘जंगली’ के सभी गाने हिट थे। ‘एहसान तेरा होगा मुझ पर दिल चाहता है वो कहने दो मुझे तुमसे मोहब्बत हो गई है मुझे पलकों की छांव में रहने दो…’ ये गाना उस समय हर युवक का पसंदीदा गीत था, जो किसी से प्रेम करते थे और अपने प्रेमपत्र में इस गीत को लिखकर अपने प्रेम का इजहार करते थे।