मुख्यपृष्ठखबरेंउधमपुर में संदिग्ध धमाके में एक की मौत, 14 जख्मी

उधमपुर में संदिग्ध धमाके में एक की मौत, 14 जख्मी

–सुरेश एस डुग्गर–
जम्मू, 9 मार्च। सेना की नार्दन कमांड के मुख्यालय से कुछ किमी की दूरी पर उधमपुर के सलाथिया चौक में संदिग्ध धमाके में एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि 14 लोग घायल हो गए। धमाके के बाद से स्थानीय लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया है। जानकारी मिलते ही तुरंत पुलिस बम निरोधक दस्ता और एफएसएल की टीम घटनास्थल पर पहुंच गई थी। मामले की जांच की जा रही है, आखिरकार यह किस तरह का धमाका था? वही आंतकी एंगल से भी इस धमाके जांच की जा रही है।
मारे गए युवक की पहचान धलपर निवासी जुगल के रूप में हुई है। विस्फोट की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी, सैन्य अधिकारी और जवान भी घटनास्थल पर पहुंचकर जांच में जुट गए हैं। विस्फोट में गंभीर रूप से एक घायल की पहचान हीरा लाल निवासी राजस्थान के रूप में हुई है। वह मोबाइल की दुकान में काम करता था। उसे जम्मू के जीएमसी अस्पताल में इलाज के लिए रेफर किया गया है। उसकी हालत काफी नाजुक बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार, उधमपुर के सलाथिया चौक में बुधवार दोपहर 12.30 बजे तहसीलदार कार्यालय के समीप विस्फोट हुआ है। विस्फोट सब्जी की रेहड़ी के करीब हुआ और इसकी चपेट में आने से वहां मौजूद एक शख्स की मौत हो गई है। विस्फोट की चपेट में आने से 14 अन्य लोग भी घायल हो गए हैं। इनमें से एक की हालत नाजुक बनी हुई है। सभी घायलों को ऊधमपुर के जिला अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती करवाया गया है। विस्फोट की आवाज सुनते ही तुरंत घटनास्थल पर पुलिस के आला अधिकारी और जवान भी पहुंच गए।
उधर, पीएमओ में मंत्री डा जितेंद्र सिंह ने एक संदेश में कहा है कि उधमपुर के तहसीलदार कार्यालय के पास रेहड़ी में विस्फोट में 14 लोग घायल हुए हैं। वह इस मामले को लेकर डीसी इंदू चिब के संपर्क में है। पुलिस और प्रशासन को इस घटना की जांच के आदेश दिए गए हैं। इसके अलावा सभी घायलों को आवश्यक चिकित्सा सुविधा देने को कहा गया है। विस्फोट के सटीक कारणों के बारे में पता लगाया जा रहा है।
उधमपुर में धमाकों का इतिहास
2 मई 2011 को उधमपुर में सैन्य अधिकारी को निशाना बनाने के लिए पुल पर धमाका किया गया था। इसमें मेजर जनरल डीएस पठानिया बाल-बाल बच गए थे। उस हमले में भी एक नागरिक की मौत हुई थी और कई अन्य घायल हो गए थे। इस हमले में लश्कर का हाथ सामने आया था।
5 अगस्त 2015 को उधमपुर में लश्कर-ए-तैयबा के दो आतंकियों ने बीएसएफ के काफिले पर हमला किया था। हमले में एक आतंकवादी मोहम्मद नावेद जिंदा पकड़ा गया जबकि दूसरा मारा गया। ये दोनों पाकिस्तानी नागरिक थे। ग्रामीणों की मदद से इस आतंकी को पकड़ा गया। हमले का मास्टरमाइंड लश्कर कमांडर बाद में कश्मीर में मुठभेड़ में मारा गया था।
उधमपुर में सबसे पहले करीब 27 वर्ष पहले दब्बड़ चौक में पहला ब्लास्ट हुआ था। 23 दिसंबर 2015 को ऊधमपुर जिला के बिरमा पुल के नजदीक स्थित धनोर गांव में ब्लास्ट हुआ था। इसमें 7 से 15 आयु वर्ष के तीन भाई मारे गए थे।

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