ऑनलाइन सेक्सटॉर्शन

अभी तक आपने बंदूक की नोक पर या टेलीफोन पर माफियाओं द्वारा जान से मारने या एक्सटॉर्शन (फिरौती) मांगने की बात सुनी होगी। पर अब अपराधियों ने सेक्सटॉर्शन भी शुरू कर दिया है। हाल ही में देश की आर्थिक राजधानी मुंबई साहित्य दिल्ली व अन्य शहरों में सेक्सटॉर्शन के कुछ मामले उजागर हुए हैं। इस सेक्सटॉर्शन का शिकार युवा वर्ग हो रहा है। यह पूरा कारोबार ऑनलाइन खासकर फेसबुक और इंस्टाग्राम पर हो रहा है। इसमें युवकों को पहले हनीट्रैप के जाल में फांसा जाता है। इसके तहत लड़कियों की झूठी प्रोफाइल बनाकर युवकों से पहले दोस्ती की जाती है फिर उससे प्यार का झूठा नाटक कर वीडियो चैटिंग के लिए कहा जाता है। वीडियो चैटिंग के दौरान युवक को नग्न होने के लिए कहा जाता है और अपराधियों द्वारा उसकी क्लिप बना ली जाती है। प्यार में डूबे युवक को इसका अंदाजा नहीं होता है कि वीडियो चैटिंग के जरिए उसे चूना लगाने का काम किया जा रहा है। युवक को झटका तब लगता है जब उसे अगले ही पल सेक्सटॉर्सन के लिए मैसेज आता है। अपराधी द्वारा उससे पैसे की डिमांड की जाती और धमकाया जाता है कि यदि पैसे नहीं दिए तो उसकी क्लिप उसके परिचित लोगों को भेज दी जाएगी। महाराष्ट्र साइबर क्राइम सेल के अधीक्षक बालसिंह राजपूत ने बताया कि मुंबई सहित महाराष्ट्र में सेक्सटॉर्शन के केवल एक या दो केस दर्ज हुए हैं जबकि कई लोग सेक्सटॉर्शन का शिकार हो चुके हैं लेकिन अपना नाम और समाज में बदनामी के चलते पुलिस से शिकायत करने से कतराते हैं। लोगों के इसी डर के कारण अपराधियों का मनोबल बढ़ रहा है और वे लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं।
सोशल मीडिया के शिकारी से सावधान!-अब तक १५ शिकार
दिल्ली के २४ वर्षीय एक युवक को यह नहीं पता था कि सोशल मीडिया पर जिस प्यार के खातिर वह वीडियो चैटिंग के दौरान नग्न हुआ था वह असल में लड़की नहीं बल्कि शिकारी था। साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेटर रितेश भाटिया के अनुसार देशभर में सेक्सटॉर्शन के १५ मामले उनके समक्ष आए हैं। उनके मुताबिक ज्यादातर सेक्सटॉर्र्सन का शिकार पुरुष होते हैं इसलिए उन्हें सतर्वâ रहने की जरूरत है।
बता दें कि लड़कियों की नकली प्रोफाइल बनाकर लड़कों को प्यार की बातों में फंसाया जाता है। रितेश ने बताया कि पीड़ितों के अनुसार वीडियो चैट करने के दौरान कैमरे पर सबसे पहले लड़की आती है और फिर नग्न होने के लिए कहती है। नग्न होने के कुछ समय बाद उन्हें मैसेज आते हैं कि उनकी वीडियो बना ली गई है। फिर उन्हें पैसों के लिए ब्लैकमेल किया जाता है। ऐसे में पीड़ित अपनी लाज बचाने के लिए या तो पैसे देता है या फिर पुलिस में शिकायत दर्ज करवाता है। महाराष्ट्र साइबर क्राइम सेल के अधीक्षक बालसिंह राजपूत ने बताया कि लोगों को यदि कोई फ्रेंड रिक्वेस्ट आता है तो पहले यह पड़ताल करनी चाहिए कि वह व्यक्ति कौन है? क्या वह हमारे किसी दोस्त, रिश्तेदार या परिचित व्यक्ति का म्युच्युअल फ्रेंड है या नहीं? यदि नहीं है तो एकाएक संदेश भेजने और प्यार की बातें करना फ्रॉड का सिग्नल है। जो लोग सेक्सटॉर्सन का शिकार हुए हैं, उन्हें पुलिस में शिकायत दर्ज करानी चाहिए वरना और लोग इसके शिकार हो सकते हैं। साथ ही पीड़ित घबराकर चैट्स, फोन नंबर, एकाउंट डिलीट करने की गलती न करें क्योंकि इससे आरोपी तक पहुंचा जा सकता है।