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केंद्रीय पंचायत राज राज्यमंत्री के गांव की सरपंच निकली रिश्वतखोर, केस दर्ज होते ही तीन आरोपी हुए लापता, होर्डिंग लगाने के लिए एनओसी के नाम पर कंपनी से ली रिश्वत

सामना संवाददाता / भिवंडी
केंद्रीय पंचायती राज राज्यमंत्री कपिल पाटील के गांव की महिला सरपंच रिश्वतखोर निकली। एक कंपनी का होर्डिंग लगाने के लिए एनओसी देने के लिए पैसे की डिमांड करने पर ठाणे भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने गुरुवार को महिला सरपंच, उसके पति सहित तीन लोगों के खिलाफ रिश्वतखोरी का केस नारपोली पुलिस स्टेशन में दर्ज कराया है। हालांकि, इसकी भनक लगते ही तीनों भूमिगत हो गए हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, भिवंडी के गोदाम बाहुल्य दापोड़ा में संचालित मेसर्स आय.टच. पब्लिसिटी नामक कंपनी दीवे अंजूर ग्राम पंचायत की हद में विज्ञापन का होर्डिंग लगाने के अनापत्ति प्रमाण पत्र की मांग की थी, जिसे देने के एवज में ग्राम पंचायत की सरपंच रेशमा पाटील ने २८ जुलाई को कंपनी में काम करने वाले एक कर्मचारी से डेढ़ लाख रुपए की मांग की। सवा लाख में मामला तय हुआ, जिसके बाद कंपनी कर्मचारी ने इसकी शिकायत ठाणे रिश्वत निरोधक विभाग में की। इधर शिकायत मिलने के बाद ठाणे रिश्वत निवारण विभाग की पुलिस उप अधीक्षक माधवी राजेकुम्भार ने घटनास्थल का दौरा कर छानबीन के बाद नारपोली पुलिस स्टेशन में १० अगस्त को ग्राम पंचायत की सरपंच रेशमा सदानंद पाटील, सदस्य आकाश जनार्दन म्हात्रे और सरपंच के पति सदानंद पाटील पर रिश्वतखोरी का केस दर्ज कराया, जिसकी जानकारी मिलने के बाद तीनों फरार हैं। जो कि क्षेत्र व आस-पास में चर्चा का विषय बना हुआ है। क्योंकि जिस गांव की रिश्वतखोरी का मामला उजागर हुआ है वह केंद्रीय पंचायती राज राज्यमंत्री कपिल पाटील का भी गांव है। फिलहाल, पुलिस ने तीनों आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

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