" /> गांव जाने के लिए प्रवासियों को नजदीकी पुलिस स्टेशन में करना पड़ेगा संपर्क : डीसीपी जोन्स को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया

गांव जाने के लिए प्रवासियों को नजदीकी पुलिस स्टेशन में करना पड़ेगा संपर्क : डीसीपी जोन्स को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया

मुंबई में फंसे हुए प्रवासी मजदूरों, टूरिस्टों, छात्रों एवं अन्य लोग जो अपने गांव वापस लौटना चाहते हैं, उनके लिए राहत की खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने मुंबई पुलिस के सभी डीसीपी जोन्स को नोडल अधिकारी के तौर पर नियुक्त किया है। बता दें कि मुंबई में रिहायशी इलाके के कुल 12 डीसीपी जोन्स हैं, जिनमें सभी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। वह लोग जो अपने गांव वापस लौटने की इच्छा रखते हैं, उन्हें अपने इलाके के पुलिस स्टेशन में संपर्क करना होगा।
मुंबई पुलिस की तरफ से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार मुंबई के सभी पुलिस स्टेशनों में एप्लीकेशन फॉर्म उपलब्ध कराया गया है। गांव जाने की चाहत रखनेवालों को सबसे पहले यह फॉर्म दिया जाएगा।
इसके बाद लोगों को यह फॉर्म भरकर पुलिस स्टेशन में जमा करना होगा। फॉर्म जमा करने के बाद यह आवेदन फॉर्म संबंधित डीसीपी के पास भेजा जाएगा। इस फॉर्म में दूसरे राज्य जानेवाले लोगों का नाम, आधार नंबर, मोबाइल नंबर एवं वर्तमान पता भरना होगा। इसके अलावा जाने के लिए लोगों ने किस यातायात का प्रयोग करेंगे, उसकी जानकारी देनी होगी। पंजीकृत डॉक्टर से लोगों को एक सर्टिफिकेट लेना होगा, जिसमें लिखा होना चाहिए कि संबंधित व्यक्ति को इन्फ्लूएंजा जैसा कोई लक्षण नहीं है। लोगों को वापस भेजना है या नहीं इस बात का फैसला डीसीपी के हाथों में है।
इसके साथ कुछ नियम और शर्तों का भी पालन करना होगा
1. कोई भी व्यक्ति तब तक यात्रा नहीं कर सकता है, जब तक उसने पंजीकृत डॉक्टर से अपनी स्क्रीनिंग एवं सर्टिफिकेट न लिया हो
2. जिन्हें इजाजत दी जाएगी सिर्फ वही लोग वाहन से जा सकते हैं, अन्य लोगों को इजाजत नहीं होगी
3. सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हर समय और हर जगह करना होगा
4. किसी भी वाहन को बिना सैनिटाइज किए हुए रवाना नहीं किया जाएगा
5. कोई भी व्यक्ति एक से अधिक समूह के लिए आवेदन नहीं भरेगा, ऐसा करने से उसका आवेदन खारिज किया जाएगा
6. दिए गए नियमों एवं शर्तों का उल्लंघन होने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी