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ग्रहों की वजह से आती हैं बाधाएं! सूर्य के अशुभ होने के पूर्व संकेत

पं. राजेंद्र दुबे (ज्योतिष शिरोमणि)। सूर्य अशुभ फल देनेवाला हो तो घर में रोशनी देनेवाली वस्तुएं नष्ट होंगी या प्रकाश का स्रोत बंद होगा। किसी ऐसे स्थान पर स्थित रोशनदान का बंद होना, जिससे सूर्योदय से दोपहर तक सूर्य का प्रकाश प्रवेश करता हो। सूर्य के कारकत्व से जुड़े विषयों के बारे में अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यदि सूर्य पंचमेश, नवमेश हो तो पुत्र एवं पिता को कष्ट देता है।
चंद्र के अशुभ होने के पूर्व संकेत
जातक की कोई चांदी की अंगूठी या अन्य आभूषण खो जाता है या जातक मोती पहना हो तो खो जाता है। व्यक्ति के घर में पानी की टंकी लीक होने लगती है। उक्त संकेतों से निम्नलिखित विषयों में अशुभ फल दे सकते हैं। माता को शारीरिक कष्ट हो सकता है। नवजात कन्या संतान को किसी प्रकार से पीड़ा हो सकती है।
मंगल के अशुभ होने के पूर्व संकेत
भूमि का कोई भाग या संपत्ति का कोई भाग टूट-फूट जाता है। घर के किसी कोने में या स्थान में आग लग जाती है। यह छोटे स्तर पर ही होती है। किसी लाल रंग की वस्तु या अन्य किसी प्रकार से मंगल के कारकत्व वाली वस्तु खो जाती है या नष्ट हो जाती है। किसी प्रकार से छोटी-मोटी दुर्घटना हो सकती है।
बुध के अशुभ होने के पूर्व संकेत
व्यक्ति की विवेक शक्ति नष्ट हो जाती है अर्थात वह अच्छे-बुरे का निर्णय करने में असमर्थ रहता है। सूंघने की शक्ति कम हो जाती है। काम-भावना कम हो जाती है। त्वचा के संक्रमण रोग उत्पन्न होते हैं। पुस्तकें, परीक्षा के कारण धन का अपव्यय होता है। शिक्षा में शिथिलता आती है।
गुरु के अशुभ होने के पूर्व संकेत
अच्छे कार्य के बाद भी अपयश मिलता है। किसी भी प्रकार का आभूषण खो जाता है। व्यक्ति के द्वारा पूज्य व्यक्ति या धार्मिक क्रियाओं का अनजाने में ही अपमान हो जाता है या कोई धर्म गं्रथ नष्ट होता है। किसी को दिया हुआ वचन पूरा नहीं होता है तथा असत्य बोलना पड़ता है।
शुक्र के अशुभ होने के पूर्व संकेत
किसी प्रकार के त्वचा संबंधी रोग जैसे-दाद, खुजली आदि उत्पन्न होते हैं। स्वप्नदोष, धातुक्षीणता आदि रोग प्रकट होने लगते हैं। हाथ या पैर का अंगूठा सुन्न या निष्क्रिय होने लगता है।
शनि के अशुभ होने के पूर्व संकेत
दिन में नींद सताने लगती है। अकस्मात ही किसी अपाहिज या अत्यंत निर्धन और गंदे व्यक्ति से वाद-विवाद हो जाता है। पालतू काला जानवर जैसे- काला कुत्ता, काली गाय, काली भैंस, काली बकरी या काला मुर्गा आदि मर जाता है। निम्न-स्तरीय कार्य करनेवाले व्यक्ति से झगड़ा या तनाव होता है।
राहु के अशुभ होने के पूर्व संकेत
मरा हुआ सर्प या छिपकली दिखाई देती है। धुएं में जाने या उससे गुजरने का अवसर मिलता है या व्यक्ति के पास ऐसे अनेक लोग एकत्रित हो जाते हैं, जो कि निरंतर धूम्रपान करते हैं। याददाश्त कमजोर होने लगती है। अकारण ही अनेक व्यक्ति आपके विरोध में खड़े होने लगते हैं।
केतु के अशुभ होने के पूर्व संकेत
मुंह से अनायास ही अपशब्द निकल जाते हैं। कोई मरणासन्न या पागल कुत्ता दिखाई देता है। घर में आकर कोई पक्षी प्राण त्याग देता है। अचानक अच्छी या बुरी खबरें सुनने को मिलती हैं। हड्डियों से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। किसी स्थान पर गिरने एवं फिसलने की स्थिति बनती है। भ्रम होने के कारण व्यक्ति से हास्यास्पद गलतियां होती हैं।

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