मुख्यपृष्ठस्तंभझांकी : वोट नहीं तो मदद नहीं

झांकी : वोट नहीं तो मदद नहीं

अजय भट्टाचार्य / मुंबई। आज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर योगी आदित्यनाथ दोबारा गद्दीनशीन हो रहे हैं। राजनीतिक दल चुनाव जीतते-हारते हैं लेकिन सरकार जिसकी भी बनती है वह सबकी होती है। उनकी भी जिन्होंने सत्तारूढ़ पार्टी को वोट नहीं दिया। प्रधानसेवक ‘सबका साथ, सबका विकास’ का मंत्रजाप करते हैं मगर उनकी ही पार्टी के विधायक जब यह कहते हैं कि ‘जिन्होंने भाजपा को वोट नहीं दिया, वो हमारे पास किसी भी प्रकार की मदद के लिए न आएं’, तब प्रधानसेवक का मंत्र भी जुमला ही लगता है। उप्र के हैदरगढ़ से भाजपा विधायक दिनेश रावत के अनुसार ‘सबका साथ, सबका विकास’ का नारा बुलंद करनेवाली सरकार केवल उन्हीं लोगों के लिए काम करेगी जिन्होंने भाजपा को वोट दिया है। रावत के बयान के आधार पर समझें तो उप्र के तकरीबन ५९ फीसदी और देश के ६७ फीसदी नागरिकों को भाजपा सरकार से किसी भी तरह के काम की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।
बुलडोजर मामा
उत्तर प्रदेश की जीत से प्रेरणा लेकर मध्यप्रदेश में भी बुलडोजर सरकार का ब्रांड अंबेसेडर बनने की राह पर है। भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने बाकायदे पोस्टर लगवाकर मुख्यमंत्री शिवराज चौहान को ‘बुलडोजर मामा’ की उपाधि से विभूषित कर दिया है। उप्र की तर्ज पर मप्र में भी आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चल रहे हैं। पोस्टर लगने के दो दिन पहले श्योपुर में नाबालिग बच्ची से बलात्कार के आरोपी मोहसिन, रियाज और शाहबाज के घर ढहा दिए गए। सिवनी में कॉलेज छात्रा के साथ रेप के आरोपी हरिराम वर्मा, राहुल वर्मा, विकास सिंह, निरपत वर्मा, वीरेंद्र वर्मा के घर ढहाए गए। रायसेन में सांप्रदायिक हिंसा में एक व्यक्ति की मौत और ३० से ज्यादा घायल हुए। अब आरोपियों के घर ढहा दिए गए हैं। शहडोल में सामूहिक बलात्कार के आरोपी अब्दुल शादाब के घर पर बुलडोजर चला लेकिन दो और आरोपियों राजेश और सोनू जार्ज के घर नहीं। जावरा में अपहरण के आरोपी भूरू, जहरउद्दीन और उमर खां के निर्माण को तोड़ा गया। भोपाल की हुजूर सीट से विधायक और पूर्व प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने अपने घर के बाहर होर्र्डिंग लगवा दिया, जिसमें लिखा है कि ‘बेटी की सुरक्षा में जो बनेगा रोड़ा, मामा का बुलडोजर बनेगा हथौड़ा।’ सवाल आरोपियों के साथ सख्ती पर नहीं है, मगर जब बुलडोजर ही पैâसला करेंगे तो अदालतों की जरूरत क्या है?
हिमाचल में ‘आप’ का अभियान
पंजाब के बाद हिमाचल पर नजर गड़ाए आम आदमी पार्टी (आप) प्रदेश में संगठन का ढांचा तैयार करने में जुट गई है। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंदर जैन को हिमाचल चुनाव का प्रभारी बनाया गया है। उनके साथ बिपन राय को तैनात किया गया है। जबकि दुर्गेश पाठक प्रभारी होंगे। रतनेश गुप्ता और करमजीत सिंह रिंटू व कुलवंत बाथ सह प्रभारी बनाए गए हैं। दीपक बाली पार्टी मीडिया प्रभारी होंगे। पार्टी ने हिमाचल प्रदेश की सभी ६८ सीटों पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी शुरू कर दी है। आगामी ६ अप्रैल को अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान साथ मिलकर मंडी में रोड शो करनेवाले हैं। इसे विधानसभा चुनाव के अभियान की औपचारिक शुरुआत माना जा रहा है। प्रदेश के सबसे बड़े जिले कांगडा के भाजपा नेता नरेश वरमानी आप में आ चुके हैं। पार्टी का फोकस पंजाब से सटे ऊना और कांगड़ा जिलों पर है। कांगड़ा में सबसे ज्यादा १५ विधानसभा सीटें हैं।
मिली धमकी, सीट बदली
बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी पर धमकी देने का आरोप लगानेवाले भाजपा के चार बागी विधायकों की सीटें बदल दी गई हैं। कृष्ण कल्याणी, सौमेन राय, तन्मय घोष तथा विश्वजीत दास ने विधानसभाध्यक्ष विमान बनर्जी से सुरक्षा की मांग की थी। कृष्ण कल्याणी, मुकुल राय सहित ५ भाजपा विधायकों के लिए विधानसभा में बैठने के लिए भाजपा खेमे से अलग व्यवस्था की गई है। हालांकि विधानसभा से इस संबंध में आधिकारिक रूप से अभी तक कुछ नहीं कहा गया है। अब तक वे नेता प्रतिपक्ष के दाहिनी ओर प्रखंड की दूसरी और तीसरी पंक्ति में बैठ रहे थे लेकिन इस बार उन्हें नेता प्रतिपक्ष के बार्इं ओर तीसरे ब्लॉक में सीटें दी गई हैं। कृष्ण कल्याणी की ६ नंबर सीट बदलकर ७० नंबर हो गई है। तन्मय को ६८, सौमेन को ६९ और विश्वजीत दास को ७१ नंबर सीट दी गई। सुवेंदु सदन के भीतर धमकी दे गए कि आईटी रेड करवाएंगे। इसकी प्राथमिक जांच में आरोप सही पाया गया है।

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