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फायर सिस्टम नहीं, तो खैर नहीं!…अस्पतालों को एकनाथ शिंदे की चेतावनी

इलेक्ट्रिक शॉर्ट-सर्किट के चलते अग्निकांड की बढ़ती घटनाओं को लेकर गंभीर राज्य सरकार ने सभी अस्पतालों में फायर ऑडिट, ऑक्सीजन एवं इलेक्ट्रिक सर्किट ऑडिट अनिवार्य किया है। मुंबई के अस्पतालों पर सरकार का खास ध्यान है। मुंबई में तो फायर ऑडिट में दोषी पाए गए २४ अस्पतालों पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू है। यह जानकारी राज्य के शहरी विकास मंत्री एकनाथ शिंदे ने दी है। मंगलवार को विधानसभा में एक प्रश्न के लिखित जवाब में शिंदे ने कहा है कि जून २०२१ के बाद हुई जांच में मुंबई मनपा क्षेत्र में सरकारी और निजी कुल १,५७४ अस्पतालों में से ६८७ अस्पताल के फायर सिस्टम में खामियां मिली थीं। नोटिस देकर उन्हें खामियां सुधारने का मौका दिया गया। ६६३ अस्पतालों ने अपने फायर सिस्टम को दुरुस्त किया लेकिन २४ अस्पतालों में अब भी लापरवाही जारी है, उन अस्पतालों पर कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
विधानसभा में सदस्य अमित साटम ने यह प्रश्न उपस्थित किया था, इसके लिखित जवाब में शिंदे ने बताया कि मुंबई में आग की घटनाएं बढ़ी हैं। सचिनम हाइट्स, भाटिया अस्पताल के पास हुई घटना की जांच शुरू है, लेकिन प्राथमिक रिपोर्ट में ही पता चला था कि वहां फायर सिस्टम काम नहीं कर रहा था।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र अग्नि निरोधक एवं जीवन रक्षक उपाययोजना अधिनियम २००६ के तहत किसी भी इमारत के मालिक एवं किराएदार सभी को इमारतों में फायर सिस्टम दुरुस्त होने वाला प्रमाणपत्र जमा करना अनिवार्य है। लाइसेंस प्राप्त संस्थान ही यह प्रमाण पत्र लाइसेंस जारी कर सकेंगे। साल में दो बार यह प्रमाण पत्र जमा कराना अनिवार्य है। कोरोना काल में भी उद्योग विभाग की तरफ से ३,८५० निजी व सरकारी कोरोना अस्पतालों की जांच कराई गई थी। इसके साथ सभी अस्पतालों को समय-समय पर फायर ऑडिट कराने का निर्देश दिया गया। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के कुल ५२८ अस्पतालों में फायर सिस्टम दुरुस्त किए जाने की योजना है, इनमें से ४३८ अस्पतालों में फायर सिस्टम दुरुस्त करने के लिए निधि मंजूर हो चुकी है। इनमें से २७० अस्पतालों में काम भी तेजी से शुरू है और १३ अस्पतालों को फायर सिस्टम के लिए एनओसी मिल चुकी है।

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