मुख्यपृष्ठसमाचारबेबस मां-बाप, मांग रहे इंसाफ

बेबस मां-बाप, मांग रहे इंसाफ

-सड़क पर चुपचाप लेटा है पिता
-बगल में बैठकर रो रही है मां
सामना संवाददाता / गाजियाबाद। गाजियाबाद में बस ड्राइवर की लापरवाही से अपने ११ साल के बेटे को खोने वाले नितिन भारद्वाज और उनकी पत्नी बेबस होकर इंसाफ मांग रहे हैं। बेबस मां-बाप का कहना है कि जब तक स्कूल के प्रिंसिपल की गिरफ्तारी नहीं होगी तब तक वो किसी से कोई बात नहीं करेंगे। कल सुबह परिजनों के साथ मोदीनगर थाने के सामने धरना देते हुए जाम लगा दिया।
बुधवार को हुई थी छात्र की मौत
जानकारी के अनुसार सिटी कॉलोनी में रहने वाले नितिन का ११ साल का बेटा अनुराग दयावती मोदी पब्लिक स्कूल में चौथी का छात्र था। बुधवार को बस से स्कूल जाते वक्त उसकी तबीयत खराब हो गई। वह बस की खिड़की से सिर बाहर निकालकर उल्टी करने लगा। इतने में ही ड्राइवर ने लापरवाही से गाड़ी मोड़ दी। अनुराग का सिर लोहे के गेट से टकरा गया और उसकी मौत हो गई।
प्रिंसिपल की गिरफ्तारी की मांग
परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने रुपए लेकर प्रिंसिपल को छोड़ा है। जब तक प्रिंसिपल की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक किसी से कोई बात नहीं होगी। इस संबंध में गाजियाबाद के एसपी ईरज राजा ने बताया कि पुलिस शुरुआत से इस केस में पीड़ित परिजनों को पूरा समर्थन कर रही है। प्रिंसिपल और अन्य लोगों पर लगे आरोपों की जांच के लिए समय चाहिए, उसके बाद पुलिस आवश्यक कार्रवाई करेगी।
बस की खत्म हो गई थी फिटनेस
हादसे के बाद परिवहन कार्यालय ने स्कूली बस की जांच कराई। यह बस १० जुलाई २०१२ को रजिस्टर्ड हुई थी। सात मार्च २०२१ को इसकी फिटनेस समाप्त हो गई थी। ११ जनवरी २०२२ को प्रदूषण सर्टिफिकेट भी एक्सपायर हो गया, जो दोबारा नहीं बनवाया गया और इस बस को आठ अक्टूबर २०२१ को ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया था।

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