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बढ़ेगा व्यापार, मिलेगा रोजगार!

• महाराष्ट्र बजट २०२१-२२
• सोना-चांदी के व्यापारियों को मिलेगा बल
• रिफाइनरी को भी राहत

मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने बजट में व्यापार बढ़ाने और रोजगार सृजन पर विशेष बल दिया है। सोना-चांदी के आभूषण बनानेवाले छोटे-बड़े उद्योग, रिफाइनरी और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रावधान किया गया है। राज्य सरकार ने सूबे में आयात होनेवाले सोना-चांदी की डिलीवरी ऑर्डर पर वसूल किए जानेवाला ०.१ प्रतिशत स्टैंप ड्यूटी माफ करने का प्रस्ताव रखा है। इस पैâसले से व्यापारियों में खुशी की लहर है। इससे न केवल व्यापार बढ़ेगा बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर मिलेंगे। वित्त मंत्री पवार ने कहा कि कोरोना वैश्विक महामारी के कारण राज्य की अर्थव्यवस्था की धीमी पड़ी रफ्तार अब धीरे-धीरे विकास की गति पकड़ने लगी है। हालांकि रूस और यूक्रेन के युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर विपरीत परिणाम हो रहा है। उसका असर महाराष्ट्र के कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्र पर पड़ने की संभावना है। इस स्थिति में भी राज्य सरकार अपने उद्देश्यों को पूरा करने के लिए सर्वोच्च प्रयास करेगी।
एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था!
वित्त मंत्री अजीत पवार ने घोषणा की कि इस बार महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था एक ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगी। प्रदेश में लागू होनेवाले पांच सूत्री विकास कार्यक्रम के लिए ४ लाख करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इस कार्यक्रम के बाद राज्य में निवेश बढ़ेगा और एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था वाला महाराष्ट्र देश का पहला राज्य होगा।
सभी राजस्व विभाग में ‘इनोवेशन हब’
कौशल विकास के तहत आधुनिक टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने के लिए राज्य के हर राजस्व विभाग में एक ‘इनोवेशन हब’ की स्थापना की जाएगी। इसके लिए बजट में ५०० करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। नए विकसित होने वाले क्षेत्रों में कंप्यूटर आधारित बुद्धिमता, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, फिनटेक, नैनो व जैव प्रौद्योगिकी, ब्लोक चेन, उद्योग ४.० व ५.०, संदेशवाहक उपग्रह, ड्रोन टेक्नोलॉजी जैसी कई अत्याधुनिक तकनीक हैं। वैश्विक डिजिटल क्रांति के युग में ‘इनोवेशन हब’ के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षित कर रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे।
इनोवेशन और इनक्यूबेशन इको सिस्टम
राज्य में इनोवेशन व इनक्यूबेशन इको सिस्टम निर्माण करने पर सरकार बल दे रही है। युवाओं को विशेष अवसर उपलब्ध कराने के लिए नई संकल्पनाओं पर आधारित स्टार्टअप शुरू किए जाएंगे। स्टार्टअप के लिए पहले चरण में १०० करोड़ रुपए राज्य सरकार के स्टार्टअप फंड से उपलब्ध कराए जाएंगे। बजट में कौशल, रोजगार, उद्यमिता व नवीन विकास विभाग के लिए ६१५ करोड़ रुपए प्रस्तावित किए गए हैं।
राज्य पर बढ़ा कर्ज
महाराष्ट्र पर कर्ज का बोझ बढ़कर ६,४९,६९९ करोड़ रुपए हो गया है। ये राज्य की जीडीपी का १८.१४ फीसदी है। इससे पहले २०१९-२० में राज्य पर ४,५१,११७ करोड़ रुपए, २०२०-२१ में ५,१९,०८६ करोड़ रुपए और २०२१-२२ में ५,७२,३७९ करोड़ रुपए कर्ज था।

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