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महाविकास आघाड़ी ने दिया राहत का बजट!

 वॉटर टैक्सी यात्रा होगी सस्ती
 घर खरीद पर स्टैंप ड्यूटी होगी कम
 किडनी स्टोन का उपचार होगा मुफ्त
 प्राकृतिक गैस पर टैक्स १३.५ से होगा ३.० प्रतिशत
 ४० आयुपार सरकारी कर्मचारियों का मेडिकल चेकअप होगा प्रâी
 किसानों की कर्ज अदायगी पर सब्सिडी ५० हजार से होगी ७५ हजार

मुंबई। महाविकास आघाड़ी सरकार ने महंगाई पर घात करते हुए कल जनता को राहत देनेवाला बजट पेश किया। विधानमंडल के दोनों सदनों में पेश किए गए २०२२-२३ के बजट में विकास का रोड मैप तैयार किया गया है। शहरी-ग्रामीण क्षेत्रों समेत समाज के हर वर्ग की उम्मीदों पर खरा उतरने वाला बजट है। बजट में सीएनजी से पीएनजी सब कुछ सस्ती करने का प्रावधान है क्योंकि महाराष्ट्र सरकार ने प्राकृतिक गैस पर टैक्स १३.५ से घटाकर ३ प्रतिशत कर दिया है। जल यातायात के लिए बजट में विशेष प्रावधान किया गया है। इस प्रावधान का फायदा आम नागरिकों को सस्ती वॉटर टैक्सी यात्रा के रूप में मिलेगा, साथ ही आघाड़ी सरकार ने स्टैंप ड्यूटी कम किया है, जिसके कारण घर खरीदनेवालों को बहुत राहत मिलेगी। राज्य की जनता के स्वास्थ्य का बजट में विशेष ध्यान रखा गया है। अब किडनी स्टोन का उपचार मुफ्त में होगा। इतना ही नहीं, राज्य के ४० वर्ष की उम्र पार कर चुके सभी कर्मचारियों का मुफ्त में मेडिकल चेकअप होगा। इसी के साथ ही राज्य के किसानों को कर्ज अदायगी पर सब्सिडी को ५० हजार से बढ़ाकर ७५ हजार रुपए कर दिया गया है। इसका राज्य के लाखों किसानों को लाभ मिलेगा। राज्य की अर्थव्यवस्था एक ट्रिलियन डॉलर्स तक ले जाने, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, ढांचागत विकास को साकार करने का लक्ष्य महाराष्ट्र सरकार ने निर्धारित किया है। विधानसभा में वित्त मंत्री अजीत पवार और विधान परिषद में वित्त राज्यमंत्री शंभूराजे देसाई ने आम बजट पेश किया।

आर्थिक वर्ष २०२२-२३ में ४,०३,४२७ करोड़ रुपए का राजस्व मिलने और ४,२७,७८० करोड़ रुपए राजस्व खर्च होने का अनुमान है। बजट में १.५० लाख करोड़ वार्षिक योजना का प्रावधान किया गया है। इसमें अनुसूचित जाति के लिए १२,२३० करोड़ रुपए और आदिवासी विकास योजना के लिए ११,१९९ करोड़ रुपए का प्रावधान शामिल है। इसके अलावा जिला वार्षिक योजना के लिए १३,३५० करोड़ रुपए का प्रावधान है। इस वर्ष २४,३५३ करोड़ रुपए के घाटे का बजट पेश किया गया है। कोरोना महामारी जैसे सबसे बड़े संकट का मुकाबला करनेवाले महाराष्ट्र के बजट में जरूरतमंदों, किसानों, महिलाओं और उद्योग जगत पर विशेष फोकस किया गया है। महाराष्ट्र सरकार ने पांच सूत्रीय विकास का खाका तैयार किया है।
अभय योजना से मिलेगा लाखों व्यापारियों को फायदा
महाराष्ट्र सरकार ने करीब एक लाख व्यापारियों का १० हजार रुपए तक का विभिन्न प्रकार का बकाया कर माफ करने की घोषणा की है। जीएसटी कानून अमल में आने से पहले सेल्स टैक्स डिपार्टमेंट का १० लाख रुपए तक के बकाए टैक्स के लिए बजट में अभय योजना की घोषणा की गई है। इस योजना के तहत १० लाख रुपए तक के बकाए टैक्स का यदि एकमुश्त २० फीसदी रकम का भुगतान संबंधित व्यापारी करता है, तो उसका बकाया ८० फीसदी टैक्स माफ करने की घोषणा की गई है। एक अप्रैल २०२२ से ३० सितंबर २०२२ तक चलनेवाली इस अभय योजना से राज्य के २.२० लाख मामले का हल निकाला जाएगा।
स्टैंप ड्यूटी माफ
महामंडल और लोकल बॉडी को बिना किसी मुआवजे के जमीन ट्रांसफर होनेवाले गिफ्ट डीड पर ३ फीसदी स्टैंप ड्यूटी वसूली जाती थी या फिर सेल डीड के तहत ५ फीसदी स्टैंप ड्यूटी भरनी पड़ती थी। बजट में ऐसे व्यवहार पर लगने वाली स्टैंप ड्यूटी को पूरी तरह से माफ कर दिया गया है। इससे महाराष्ट्र सरकार की तिजोरी पर २१ करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इसी प्रकार रियल इस्टेट को बढ़ावा देने और उसमें निवेदन बढ़ाने के लिए ऐसे एग्रीमेंट के रजिस्ट्रेशन की मियाद एक वर्ष से बढ़ाकर तीन वर्ष कर दी गई है। दंड की रकम में छूट देने की वजह से सरकार को १,५०० करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान होगा। साथ ही ४० वर्ष से अधिक आयु के सभी सरकारी कर्मचारियों का प्रâी मेडिकल चेकअप होगा इस पर सरकार २५० करोड़ रुपए खर्च करेगी।
सीएनजी-पीएनजी गैस टैक्स दर घटी
बजट में गैस से चलने वाली बस, टैक्सी और ऑटो को बड़ी राहत दी गई है। गैस पर लगने वाले १३.५ फीसदी के टैक्स को घटाकर ३ फीसदी कर दिया गया है। इसी प्रकार सरकार ने सीएनजी गैस पर भी टैक्स घटाने का निर्णय लिया है। जिसकी वजह से सीएनजी आधारित बस, टैक्सी, ऑटो रिक्शा और निजी वाहन चालकों को राहत मिलेगी। घरेलू पाइपलाइन रसोई गैस के दाम कम होने से महिलाओं को भी बड़े पैमाने पर राहत मिलेगी। इससे राज्य सरकार की तिजोरी पर लगभग ८०० करोड़ रुपए का भार पड़ेगा।
बॉक्स-
१३ फीसदी बढ़ा बजट का दायरा
महाराष्ट्र का वर्ष २०२२-२३ का बजट पिछले साल की तुलना में इस बार १३ फीसदी बढ़ा है। इस वर्ष अनुमानित बजट का आकार ५,४८,५७८ करोड़ रुपए है। पिछले साल २०२१-२२ में बजट का अनुमानित आकार ४,८४,११८ करोड़ रुपए था। वर्ष २०२०-२१ में ३,९३,२२२ करोड़ रुपए था।
राज्य की वित्तीय स्थिति
राजस्व प्राप्ति -४,०३,४२७ करोड़ रुपए
राजस्व खर्च -४,२७,७८० करोड़ रुपए
राजस्व घाटा -२४,३५३ करोड़ रुपए
राजकोषीय घाटा -८९,५९८४ करोड़ रुपए

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