" /> मुसीबत है मोटापा, बिना डायटिंग के पाएं छुटकारा

मुसीबत है मोटापा, बिना डायटिंग के पाएं छुटकारा

हर किसी की चाहत होती है पतला-दुबला दिखना। लेकिन आजकल मोटापे की समस्या आम हो गई है। मोटापे के साथ-साथ कई बीमारियां डिस्काउंट के रूप में खुद-ब-खुद चली आती हैं। इससे बचने के लिए संतुलित आहार के अलावा नियमित व्यायाम बेहद जरूरी होता है लेकिन वर्तमान समय में व्यस्त दिनचर्या के कारण लोगों के पास इतना समय नहीं है कि २ घंटे जिम में वर्कआउट करें। खान-पान का सिस्टम तो और भी खराब हो चुका है और जब बात डायटिंग की होती है, तो इसे करना भी आसान नहीं होता है। ज्यादातर लोग अपना फिटनेस गोल पूरा किए बगैर ही डायटिंग को बीच में ही छोड़ देते हैं या फिर डायटिंग बाद वजन कम होने पर दोबारा वही फूड खाने पर वजन दोबारा बढ़ जाता है।

मोटापा कई समस्याओं तथा गंभीर रोगों का मूल कारण हो सकता है। जीवनशैली में परिवर्तन का प्रभाव मोटापे का कारण बनता है। मोटापे से इंसुलिन की मात्रा में कमी तथा प्रभाव भी कम हो जाता है। वजन बढ़ने का असर घुटने पर पड़ता है। सांस फूलने लगती है। हाई ब्लडप्रेशर, हृदय रोग जैसे लक्षण भी सामने सकते हैं। मोटापे से बचने के लिए कुछ लोग वर्कआउट करते हैं लेकिन उसके बाद भी उनका वजन कम नहीं होता है, मोटापा आज दुनियाभर में एक महामारी का रूप लेता जा रहा है। आनेवाले समय में मोटोपा दुनिया की सबसे विकराल समस्या बन सकता है। हालिया प्रकाशित कुछ आंकड़ों के अनुसार दुनियाभर में करीब १६० करोड़ लोग ऐसे हैं, जो अधिक वजन की समस्या से ग्रस्त हैं और करीब ४० करोड़ लोग मोटापे की विकराल समस्या से ग्रस्त हैं। ये समस्या वयस्कों के अलावा बच्चों में भी जबरदस्त देखी जा रही है। वर्तमान में दुनियाभर में करीब १५ करोड़ से ज्यादा बच्चे सामान्य से ज्यादा वजन के हैं जबकि करीब ४.५ करोड़ बच्चे मोटापे से ग्रस्त हैं। हिंदुस्थान जैसे विकासशील देशों में यह समस्या और ज्यादा देखी जा रही है। जहां एक ओर जंक खाकर बच्चों में कुपोषण हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ मोटापा की समस्या ने परेशान किया हुआ है। दुनिया की तमाम जनसंख्या का एक बहुत बड़ा हिस्सा सामान्य से अधिक वजन की ओर अग्रसर है।
मोटापा कम करने के दावोंवाले उत्पादों ने बाजार में जबर्दस्त पैठ बना ली है लेकिन दावे कितने कारगर हैं, कोई नहीं जानता। बाजार में बिकनेवाले स्लिमिंग कैप्सूल, दवाएं और यंत्र जो अल्प अवधि में वजन और मोटापा कम करने का दावा करते हैं, इनसे दूर रहने की आवश्यकता है और अपनी दिनचर्या को नियंत्रित करके संतुलित खाद्य सेवन, कई साबित हर्बल नुस्खों को अपनाकर मोटापे की समस्या से दूर रहा जा सकता है। शारीरिक चपलता, मेहनत, आलस से दूर जीवनशैली और दिनचर्या व पोषक खान-पान की मदद से काफी हद तक इस समस्या से दूर रहा जा सकता है।
मोटापे से बचने के लिए सुबह खाली पेट पानी अवश्य पीना चाहिए। इसके अलावा दिनभर भरपूर पानी पीना चाहिए। दोपहर में खाने के लिए सलाद से बेहतर कुछ भी नहीं हो सकता। शक्कर कम खाएं, प्रोटीन का सेवन अधिक करें। रोजाना कम से कम ४५ मिनट पैदल चलें। वेट लॉस करने का आसान मंत्र है कि खाना खाने के बाद कम से कम १००० कदम जरूर चलें। फाइबर लें: फाइबर शरीर से कोलेस्ट्रॉल को निकालने में मदद करता है। आंतों की सफाई करता है और इसे खाने से बहुत देर तक भूख भी नहीं लगती। खाना खाते समय भोजन को २०-३० बार चबा-चबाकर खाएं। जूस और सोडा बंद करें। दिन में कम-से-कम दो बार एक कप बिना शक्करवाला एलोवेरा जूस पीएं। एलोवेरा में ऐसे ऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो वजन घटाते हैं और मेटाबॉलिजम को बूस्ट करते हैं। रोज सुबह उठकर खाली पेट ७-८ करीलीव्स खाएं। ऐसा कम-से-कम ३ सप्ताह तक करें। करीलीव्स नेचुरली तौर पर वजन कम करते हैं और पाचन तंत्र को भी ठीक रखते हैं। दिन में २ बार ४-५ लहसुन खाएं। यदि आपको साबुत लहसुन का फ्लेवर पसंद नहीं है, तो खाना बनाते समय उसमें १-२ टीस्पून कुटा हुआ लहसुन मिलाकर खाएं।
आप अपने दिन की शुरुआत हेल्दी तरीके से करना चाहते हैं, तो इसमें नीचे दिए गए हेल्दी मॉर्निंग ड्रिंक्स मददगार सिद्ध हो सकते हैं। लेमन वॉटर विद चिया सीड्स, ग्रीन टी, ३ एप्पल साइडर विनेगर, डिटॉक्स वॉटर और जीरा वॉटर आदि कुछ घरेलू नुस्खे हैं, जो मोटापा और वजन घटाने में मददगार सिद्ध हो सकते हैं।
इसी तरह १ ग्लास पानी में १ टीस्पून लालमिर्च पाउडर और स्वादानुसार शहद मिलाकर पीने से भी वेट लॉस होता है या १ कप गरम पानी में १ टीस्पून कुटा हुआ अदरक डालकर ५-७ मिनट तक रखें। छानकर स्वादानुसार शहद मिलाकर दिन में २ बार पीएं। इच्छानुसार गरम या ठंडा पी सकते हैं।
शुरुआती एक सप्ताह जरूर कठिन समय होगा लेकिन ये बात समझ में रखनी होगी कि आप अपना वजन कम करने जा रहे हैं, वो भी बगैर किसी दवाओं के। सिर्फ अपनी खान-पान की शैली बदलकर, यदि इतने बस से आप दूसरों की तरह फिट हो पाएंगे तो सब संभव है और सबसे खास बात ये है कि इस डाइट में सुझाए गए खाद्य पदार्थों को जितना मन करे खाया जा सकता है। इसके एक महीने तक आजमाने के बाद आपको हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, कॉलेस्ट्राल और थायरॉयड जैसी समस्याओं में फायदा दिखे तो आश्चर्य करने की जरूरत भी नहीं।