" /> यूपी में भगवान भरोसे बेटियां!, छेड़खानी से बचने के दौरान छात्रा की सड़क हादसे में मौत

यूपी में भगवान भरोसे बेटियां!, छेड़खानी से बचने के दौरान छात्रा की सड़क हादसे में मौत

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में छेड़छाड़ ने अमेरिका में पढ़नेवाली एक छात्रा की जान ले ली। छात्रा सुदीक्षा भाटी अपने भाई के साथ बाइक से जा रही थी। शोहदे से बचने की कोशिश में बाइक का एक्सीडेंट हो गया, जिसमें सुदीक्षा की मौके पर ही मौत हो गई। भाई भी गंभीर रूप से घायल हो गया। छेड़खानी के चलते जान गंवानेवाली सुदीक्षा ने अपनी मेहनत के बल पर मुकाम बनाया था। साधारण परिवार से ताल्लुक रखनेवाली दीक्षा ने भारत सरकार की स्कॉलरशिप हासिल की थी। वे अमेरिका में पढ़ाई कर रही थीं और कोरोना के चलते वे कुछ महीने पहले ही भारत लौटी थीं।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक घटना बुलंदशहर के गढ़ हाइवे स्थित चरौरा मुस्तफाबाद गांव के पास सोमवार सुबह ११ बजे हुई। सुदीक्षा अपने भाई निगम भाटी के साथ मामा के घर माधवगढ़ जा रही थी। बुलंदशहर हाइवे पर स्थित चरौरा मुस्तफाबाद गांव के मोड़ से पहले ही कई बाइक सवार शोहदे निगम और सुदीक्षा की बाइक का पीछा कर रहे थे। निगम ने उनसे बचने के लिए बाइक की स्पीड बढ़ाई, तभी उनकी बाइक बुलेट सवार से टकरा गई। हादसे में १७ साल की सुदीक्षा की मौके पर ही मौत हो गई। निगम गंभीर रूप से घायल हो गए।
पुलिस ने परिवार की शिकायत के बाद मामला दर्ज किया है। परिवार का आरोप है कि कुछ बाइक सवार दीक्षा से छेड़खानी कर रहे थे। छेड़खानी के कारण ही हादसा हुआ और उसमें दीक्षा की जान गई और दीक्षा का भाई गंभीर रूप से घायल है। सुदीक्षा को भारत सरकार से स्कॉलरशिप मिली थी। वह अमेरिका के बॉब्सन कॉलेज में बिजनेस मैनेजमेंट का कोर्स कर रही थी, उसे एचसीएल की तरफ से भी पिछले साल
स्कॉलरशिप मिली थी। सुदीक्षा जून में भारत लौटी थी और उसे २० अगस्त को अमेरिका लौटना था। बसपा सुप्रीमो मायावती ने घटना की निंदा करते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

अखिलेश यादव ने किया था सम्‍मानित
२०१६ वो साल था, जब सुदीक्षा के सपनों को पंख लगे। पेंसिलवेनिया के एक इंस्‍टीट्यूट द्वारा समर प्रोग्राम के लिए सुदीक्षा को चुनी गई और वो जुलाई में पहली बार विदेश गर्इं। वे भारत से चुने गए ७६ स्‍टूडेंट्स में से एक थीं। उस अनुभव के बाद ही सुदीक्षा ने तय किया था कि वह अमेरिका से आगे की पढ़ाई करेंगी। उन्‍होंने एसएटी और टीओईएफएल जैसे एग्‍जाम्‍स की तैयारी शुरू कर दी। आखिरकार कामयाबी मिली और २०१८ में उन्‍हें फुल स्‍कॉलरशिप पर बॉब्सन कॉलेज में एडमिशन मिला। सुदीक्षा को यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव सम्‍मानित कर चुके हैं।

पढ़ने में हमेशा अव्‍वल आती थी सुदीक्षा
सुदीक्षा बचपन से ही पढ़ाई में खासी तेज थी। २०१८ की मीडिया रिपोर्ट्स बतलाती हैं कि वैâसे वह कठिनाइयों से जूझते हुए भी तेजी से आगे बढ़ रही थी? उसने १०वीं में भी अमेरिकन स्‍कॉलरशिप हासिल की थी। १२वीं के बाद उसे बॉब्सन कॉलेज ने १०० पर्सेंट स्‍कॉलरशिप पर एडमिशन दिया था।