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लॉकडाउन कहीं छीन न ले आपकी आंखें

लॉकडाउन में घर पर बैठने को मजबूर लोगों के लिए टीवी, कंप्यूटर या सबसे ज्यादा मोबाइल फोन वक्त गुजारने में मददगार सिद्ध हुए हैं। फिर चाहे वर्क प्रâॉम होम वाले कर्मचारी हों या फिर ऑनलाइन शिक्षा ले रहे छात्र हों, सभी ज्यादा से ज्यादा वक्त मोबाइल फोन, आई पैड, लैपटॉप या कंप्यूटर के सामने ही गुजार रहे हैं। खासकर मोबाइल फोन आज हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया है। मोबाइल पर हम मूवी देखने, वीडियो देखने, न्यूज देखने, चैट करने और कई काम, कई घंटों तक करते हैं। इस वजह से हम २४ घंटे में लगभग १२ घंटे मोबाइल स्क्रीन देखने में लगा देते हैं। इसका खामियाजा हमारी आंखों को भुगतना पड़ सकत है। मोबाइल या कंप्यूटर स्क्रीन के लगातार प्रयोग से आंखों की दृष्टि प्रभावित होकर देखने की क्षमता कम होने लगती है, जिससे की आंखों का धुंधलापन, आंखों का इन्फेक्शन, आंखों का लाल हो जाना इत्यादि आंखों से संबंधित समस्या हो सकती है। अर्थात लॉकडाउन की मजबूरी हमसे हमारी अनमोल आंखें छीन सकती है, इससे सावधान रहना बेहद जरूरी है।

हमारी वर्तमान जीवन शैली में मोबाइल या कंप्यूटर पर हमारी निर्भरता काफी बढ़ गई है। मोबाइल और कंप्यूटर स्क्रीन पर ज्यादा देर तक देखना घातक होता है। इन उपकरणों से ज्यादा करीबी अच्छी नहीं रहती है। वैसे तो आज ज्यादातर काम करने के लिए हमें मोबाइल फोन या कंप्यूटर की आवश्यकता अधिक से अधिक पड़ने लगी है। लेकिन इनसे काम करना सुविधाजनक तो हो गया है, परंतु इसका दुष्प्रभाव हमारे शारीरिक क्षमता व शरीर के अंगों पर भी पड़ता है। मोबाइल वा कंप्यूटर स्क्रीन का प्रयोग केवल आंखों के लिए ही घातक नहीं है बल्कि शरीर के अन्य हिस्सों जैसे कि कमर, पीठ, गर्दन में दर्द की स्थिति उत्पन्न करने और कभी-कभी सर्वाइकल पेन का कारण भी बन जाती है। ज्यादा देर तक स्क्रीन देखने से अनिद्रा, तनाव और मानसिक-शारीरिक कमजोरी से जूझना पड़ सकता है। इससे सिर-दर्द और बेचैनी बढ़ सकती है। इनके ज्यादा उपयोग से ब्रेन ट्यूमर, हृदयाघात जैसे भीषण रोग हो सकते हैं। इनके उपयोग से थकान के कारण चिड़चिड़ापन होने से आपके संबंध भी बिगड़ सकते हैं। यदि आपकी आंखों में भी रूखापन या खुजली की शिकायत बढ़ गई है तो आप सावधान हो जाएं। समझ लें कि लॉकडाउन के दौरान घंटों तक काम करना, ऑनलाइन कक्षाओं और दिनभर सोशल मीडिया पर लगे रहने से आजकल आपकी आंखों का ऐसा हाल हो रहा है। इसलिए ऐसी समस्याओं से बचने के लिए कुछ एहतियात जरूरी है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्क्रीन पर आंखें गड़ाए रहने से आपकी आंखों पर दबाव पड़ता है – हानिकारक रोशनी आपकी आंखों की रोशनी को धीरे-धीरे कम करती है। अगर आपको अपनी आंखों की चिंता है तो आप टीवी, मोबाइल, कम्प्यूटर की स्क्रीन पर लगे रहने के साथ-साथ अपनी आंखों का भी ध्यान रखें। इससे बचने के लिए कोशिश करनी चाहिए कि मोबाइल में कंप्यूटर का प्रयोग करते समय लगातार बहुत लंबे समय तक एक ही स्थिति पर ना बैठे स्थिति बदल-बदल कर काम करें। आंखों को ठंडे पानी से धोना, पलके लगातार खोलना बंद करना इत्यादि क्रिया करते रहने से आंखों को भी राहत मिलती है। आंख से संबंधित समस्याएं कम होती हैं। अगर आप नहीं जानते कैसे तो इस लेख में हम आपको बताते हैं।
आंखों से दबाव को कम करने के लिए देसी नुस्खा –
 अपनी आंखों के ऊपर खीरों के दो टुकड़े काटकर रख लें या फिर आप ठंडा-ठंडा एलोवेरा भी आंखों के ऊपर रख सकते हैं। ध्यान रहे जेल आंखों में न जाने पाए इससे आपकी आंखों में जलन हो सकती है।
 आप गर्म पानी में गुलाब तेल, कैमोमाइल और लैवेंडर तेल डालकर आंखों की सिकाई कर सकते हैं।
 इसके अलावा आप आंखों पर बर्फ या ठंडी चम्मच भी दो से तीन मिनट के लिए रख सकते हैं। इससे आपकी आंखों को आराम मिलेगा।
आंखों के लिए योग आसन –
आंखों को आराम पहुंचाने के लिए आप दो आसन कर सकते हैं।
 त्राटका विधि – इसमें आपको अपनी आंखों को एक कोने में (दाएं, बाएं, ऊपर, नीचे) पांच से दस की गिनती में देखना।
 दूसरी विधि – एक मोमबत्ती जलाकर उसकी लौ को लगातार देखना। घर में अंधेरा रखें और बस मोमबत्ती का उजाला रखें। इस प्रक्रिया को करने से आपकी आंखों से पानी निकलेगा, इसे आप निकलने दें, इससे आपकी आंखों की सफाई होगी।
२०-२०-२० नियम –
२०-२०-२० नियम कहता है कि गैजेट का उपयोग करने के प्रत्येक २० मिनट के बाद, २० सेकंड का ब्रेक लें, फिर २० फीट दूर किसी वस्तु को देखें। गैजेट के विस्तारित उपयोग के कारण यह विधि आंखों में सूखापन को कम करने में मदद कर सकती है।
अगर आपकी आंखों को निम्नलिखित तकलीफें होती हैं तो उन्हें आराम दें
 सरदर्द
 आंख पर जोर
 कंधे और गर्दन में दर्द
 धुंधली दृष्टि
 सूखी या पानी वाली आंखें
डिजिटल से आंखों में होने वाले दबाव से कैसे लड़ें –
निम्न गुणवत्ता, पिक्सेल फोटो देखने से और स्क्रीन पर छोटे फॉन्ट आंखों में तनाव को जन्म दे सकते हैं। आप इससे इस तरह लड़ सकते हैं :
 १८-३० इंच की दूरी पर लैपटॉप/डेस्कटॉप स्क्रीन को रखें।
 यह सुनिश्चित करना कि स्क्रीन की चमक कमरे की रोशनी के समान है।
 स्क्रीन पर धूल और गंदगी साफ करें। यह न केवल दृश्यता बढ़ाने में मदद करता है, बल्कि आंखों पर तनाव को भी काफी हद तक कम करता है।