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स्ट्रांग रूम के पास ईवीएम मशीन से निकली पर्चियों को बहाये जाने से बस्ती में हड़कम्प

विपक्ष का हंगामा!

मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ

बस्ती में कड़ी सुरक्षा में रहने वाले स्ट्रांग रूम के पास ईवीएम मशीन से निकली पर्चियों को बहाये जाने से हड़कंप मच गया। इस बीच उसी संबंधित एक वीडियो वायरल हुआ जिसे देखकर रात में ही हजारों लोग स्ट्रांग रूम परिसर के सामने पहुंच गये। सूचना मिलते ही बसपा, सपा कांग्रेस के साथ ही अनेक निर्दलीय के उम्मीदवार मंडी परिषद स्थित स्ट्रांग रूम पहुंच गये। मौके पर उपस्थित अधिकारी संतोषजनक जबाब नहीं दे पा रहे थे। बहुजन समाज पार्टी बस्ती सदर 310 से प्रत्याशी है डाॅ. आलोक रंजन वर्मा, सपा प्रत्याशी महेंद्र यादव, कांग्रेस प्रत्याशी देवेंद्र श्रीवास्तव के अलावा कई अन्य प्रत्याशियों ने जिला निर्वाचन अधिकारी, प्रेक्षक को लिखित ज्ञापन एवं केंद्रीय निर्वाचन आयुक्त नई दिल्ली, निर्वाचन आयुक्त उत्तर प्रदेश लखनऊ को सूचना देकर मामले की उच्च स्तरीय जांच एवं दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई एवं स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

प्रत्याशियों ने ज्ञापन में कहा है कि 4 मार्च शुक्रवार को जब वे अपने पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं से बूथ वार समीक्षा कर रहा थे ठीक उसी समय फोन पर सूचना मिली जिले के अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों के कई प्रत्याशियों के नाम महादेवा 311 से बसपा प्रत्याशी लक्ष्मीचंद खरवार, सपा के महेंद्र यादव, देवेंद्र श्रीवास्तव, कप्तानगंज 308 विधानसभा क्षेत्र से बसपा प्रत्याशी जहीर अहमद जिम्मी, सपा के कवींद्र चौधरी, रूधौली 309 से बसपा प्रत्याशी अशोक मिश्र, आम आदमी पार्टी के आदित्य, सपा के राजेन्द्र चौधरी आदि के नाम की पर्चियां  स्ट्रांग रूम के पास फेंकी गई थी। कुछ पर्चियों को जलाने का भी प्रयास किया गया। इस सम्बन्ध में जब स्थानीय अधिकारियों से वार्ता की गई तो वे सन्तोषजनक उत्तर नहीं दे पाये।कांग्रेस प्रत्याशी देवेंद्र कुमार ने आशंका व्यक्त किया है कि जानबूझकर विपक्षी प्रत्याशियों को पराजित करा देने के उद्देश्य से ईवीएम में  छेड़छाड़ की गई है। यह गंभीर प्रकरण है। उन्होने पायी गई  पर्चियों की छाया प्रति संलग्न करते हुये मामले की तत्काल जांच कराकर स्थिति को स्पष्ट करने की मांग किया है।नहीं तो सभी उम्मीदार निर्वाचन आयोग नई दिल्ली, निर्वाचन आयोग लखनऊ एवं सुनवाई न होने की स्थिति में सक्षम न्यायालय में जाने को बाध्य होंगे।

इस सम्बन्ध में जब जिलाधिकारी बस्ती/जिला निर्वाचन अधिकारी बस्ती तथा अन्य सम्बंधित अधिकारियों संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि जो पर्चियां मिली है वे टेस्टिंग की है।डीएम सौम्या अग्रवाल ने बताया कि वीवीपैट की पर्चियां कमीशनिंग के समय जब ईवीएम में प्रत्याशियों के नाम और सिम्बल फीड किए जा रहे थे, उस समय जांच के लिए किए गए पोल की है। इसका पोल ईवीएम व वीवीपैट की पर्चियों से कोई संबंध नहीं है। पोल ईवीएम और वीवीपैट प्रत्याशियों व उनके प्रतिनिधियों के समक्ष स्ट्रांग रूम में सुरक्षित है। स्ट्रांग रूम की थ्री लेयर सुरक्षा है। इसमें पहले लेयर में केंद्रीय सुरक्षा बल, दूसरे लेकर सशस्त्र सुरक्षा बल और तीसरे लेयर जमें जनपद पुलिस है। शुक्रवार की देर शाम प्रत्याशी व राजनैतिक दल के प्रतिनिधि सर्किट हाउस गए और प्रेक्षकों के समक्ष अपना पक्ष रखा। उसके बाद करीब 11 बजे प्रत्याशी फिर से मंडी समिति पहुंचे। जहां पर पहले से बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे। सभी मंडी समिति परिसर में घुसने का प्रयास करने लगे। पुलिस ने रोकने का प्रयास किया, लेकिन उनका प्रयास विफल रहा। बाद में विपक्ष के प्रत्याशियों ने मंडी समिति परिसर में प्रत्याशियों की तरफ से निगरानी के लिए टेंट लगाने व पास जारी करने की मांग किया। कहा जा रहा है कि ज्यादातर पर्चियां साइकिल व हाथी चुनाव चिन्ह वाली मिली हैं।विपक्ष के प्रत्याशी प्रशासन के उत्तर से फिलहाल संतुष्ट नहीं दिखे।

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